किसानों के नौनिहाल पोलियो की खुराक नहीं पियेंगे

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ललितपुर-किसानों की बैठक में राष्ट्रीय कार्यक्रम पल्स पोलियो के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि किसानों के नौनिहाल पोलियो की खुराक नहीं पियेंगे। जब तक उनकी समस्यायें निस्तारित नहीं होंगी तब तक सभी कार्यक्रमों का बहिष्कार जारी रखा जायेगा। कचनोंदा बाध डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के किसानों ने अपनी मागें नहीं माने जाने पर आगे भी संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया है।

लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने के पश्चात कचनोंदा बाध परियोजना से प्रभावित किसानों ने मुआवजे की भेदभाव पूर्ण नीति के अलावा पुनर्वास की विसंगतियों को लेकर मोर्चाबंदी जारी रखने का निर्णय लिया है। आयोजित बैठक में एक मत से तय किया गया कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे सभी कार्यक्रमों का विरोध जारी रखा जायेगा। इसके पहले भी डूब क्षेत्र के किसान स्वास्थ्य, शिक्षा, जल, खाद्यान्न, गरीबी, रोजागर गारण्टी योजना आदि का बहिष्कार करने की घोषणा कर चुके है, जिसके तहत जॉब व राशन कार्ड लौटाने की कार्यवाही की जायेगी। 24 मई को पल्स पोलियो प्रतिरक्षण दिवस घोषित किया गया है, इसके मद्देनजर किसानों की बैठक में इसका भी बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि बार-बार सम्बन्धित अधिकारियों को ज्ञापन देने के पश्चात भी कोई खास पहल नहीं हो रही है। फलस्वरूप नौ सूत्रीय मागें अधर में लटकी हुई है। जब तक मागें नहीं मानी जायेंगी तब तक राज्य व केन्द्र सरकार को चेताने का कार्य जारी रखा जायेगा। पल्स पोलियो कार्यक्रम के बहिष्कार का मकसद प्रमुख समस्याओं की ओर सरकारों का ध्यानाकर्षित कराना है। मागों से बढ़कर कोई अन्य इच्छा किसानों की नहीं है। इसी के चलते उन्होंने पल्स पोलियो राष्ट्रीय कार्यक्रम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

जब तक किसानों के साथ इसाफ नहीं होगा तब तक संघर्ष प्रत्येक दशा में जारी रखा जायेगा। बैठक में ग्राम टीकरा तिवारी, खिरिया छतारा, भारोनी, भैलवारा, बानोनी, गंगचारी, कल्यानपुरा, कंचनपुरा, टपरियन आदि गावों के किसान प्रमुख रूप से मौजूद थे, जिन्होंने एक मत से पल्स पोलियो कार्यक्रम के बहिष्कार का निर्णय लिया।