कन्या भ्रूण का एक और सच…..

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कूड़े के ढेर में मिला कन्या भ्रूण का जला शव, जांच में जुटी पुलिस

प्रधान मंत्री की बेटी बचाब अभियान वेअसर होता नजर आ रहा है झांसी में कन्या भ्रूण मिलने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। ताजा मामला बड़ागांव का है। कूड़े के ढेर से एक कन्या भ्रूण बरामद हुआ। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बताया कि भ्रूण सात महीना पुराना था। उसपर कई जगह जलने के निशान थे। इसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो सकेगी। झांसी के बड़ागांव बाहर गेट के पास लोगों ने कूड़े के ढेर में कन्या भ्रूण पड़ा देखा। यह देखकर उनमें हड़कंप मच गया। उनकी सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मानें, तो भ्रूण को जलाने के बाद यहां फेंक दिया गया होगा। घटना की जांच की जा रही है। वहीं, घटना के बारे में लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में ऐसा पहली बार हुआ है। कन्या भ्रूण के मामले में पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रिय सांसद उमाभारती ने कहा था की इस सम्बंद में अधिकारियो को निर्देशित किया जायेगा और ऐसा करने बालो को बक्शा जायेगा।

जिले में कुल 108 रजिस्टर्ड नर्सिंग होम
झांसी में कुल 108 रजिस्टर्ड नर्सिंग होम हैं। अल्टासाउंड सेंटरों में होने वाले बच्चे के लिंग की जांच संभव है। झांसी में आए दिन ऐसे मामले आते रहते हैं। मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग होम के आसपास और खेतों-जंगलों में विकसित-अविकसित भ्रूण पाए

झांसी में 1000 पर सिर्फ 886 लड़कियां
बुंदेलखंड के अन्य जिलों की अपेक्षा झांसी में सबसे कम बेटियां जन्म लेती हैं। जनगणना-2001 के अनुसार, यहां हजार लड़कों पर 886 लड़कियां जन्म ले रही थीं। साल 2011 में यह आंकड़ा 859 पर पहुंच गया। यह भी हकीकत है कि साल 2000 के बाद यहां अल्ट्रासाउंड नर्सिंग होम की संख्या तेजी से बढ़ी है।
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