बच्चे- कच्चे घडे़ के समान इन्हे अच्छे संस्कार दें

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बांदा-  लोक अदालतों का आयोजन गरीबों को न्याय दिलाने के लिये किया जा रहा है। क्योंकि यह तबका न्याय से वंचित है। समाज को चलाने के लिये कानून व कानून को चलाने के लिये समाज की जरूरत है।यह उद्गार प्रभारी जनपद न्यायाधीश बीडी नकवी ने व्यक्त किये।

शुक्रवार को शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में राष्ट्रीय विधिक साक्षरता मिशन के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें श्री नकवी ने कहा कि समाज में रहने वाले शिक्षकों को अपने बच्चों में अच्छे संस्कार देने चाहिये क्योंकि वह कच्चे घडे़ के भांति होते है, उन्हे जैसा चाहे आकार दिया जा सकता है। ऐसी भावना होना चाहिये कि जिससे समाज में अच्छी पहचान बनायी जा सके। कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिये। शिविर में द्वितीय अपर जिला जज अवनीश सक्सेना ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, तृतीय अपर जिला जज पीएन मिश्र ने सूचना का अधिकार, चतुर्थ अपर जिला जज देवेंद्र कुमार ने प्रथम सूचना रिपोर्ट व धारा 356 तथा सिविल जज जूनियर डिवीजन सुरजन सिंह ने घरेलू हिंसा व महिला संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी आरपी सिंह स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में मौजूद लोगों को विस्तार से समझाया।

इस मौके पर सिविल जज सीनियर डिवीजन सुदीप कुमार जायसवाल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से आयोजित लोक अदालतों की उपयोगिता एवं विधिक सहायता किसे अनुमन्य है। स्थायी लोक अदालतों से मिलने वाले लाभ के विषय में जानकारी दी। झाऊलाल वर्मा, रामप्रताप गुप्ता, डा.विचित्रवीर सिंह एडवोकेट, जनार्दन सिंह एडवोकेट ने भी अपने विचार व्यक्त किये। शिविर में डायट प्राचार्य केपी सिंह, पन्नालाल, अनिल शुक्ल एवं डायट के शिक्षक एवं प्रशिक्षक मौजूद रहें।