एक हफ्ते में लगा पाया ठेकेदार बिजली के खंभे नौ दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत हुई चरितार्थ तार जोड़ने के लिए ठेकेदार के आदमी उपभोक्ताओं से वसूल रहे हैं पैसा

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“ नौ दिन चले अढ़ाई कोस´´ वाली कहावत को पूरी करते हुए आखिरकार बिजली विभाग ने बेड़ी पुलिया से कपसेठी तक टूटे खंभों को बदलवाने का काम मंगलवार को पूरा करवाया और देर शाम तक लोगों को बिजली मिलने की उम्मीद जागी। वहीं दूसरी ओर खंभे लगाने का ठेका लेने वाले ठेकेदार के आदमियों ने इसे अपनी कमाई का जरिया भी बना लिया। इस इलाके के उपभोक्ताओं ने बताया कि लाइन ठीक करने खंभे में चढ़े ठेकेदार के आदमी उपभोक्ताओं की टूटे तारें जोड़ने के लिए सुविधाशुल्क ले रहे हैं। जिसने सुविधाशुल्क दे दिया उसकी तो तार जोड़ दी जिसने इसका विरोध किया उसकी तार खंभे से नीचे गिरा दी गई और सरकारी लाइनमैन से जुड़वा लेने की बात कहते हुए टरका दिया गया। इसके अलावा उपभोक्ताओं का कहना था कि अधिकारियों द्वारा मौके पर न आ कर घर बैठे ही निर्देश दिए जा रहे हैं जिसके चलते ठेकेदार व उसके आदमी मनमानी करने में जुटे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार बिजली के बिना गर्मी में रहने को मजबूर उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनके घरों की टूटी तारें ठीक कराने के नाम पर उनका उत्पीड़न व शोषण किया गया तो वे आन्दोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों से ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। गौरतलब है कि पिछले बुधवार की शाम लगभग चार बजे से दस मिनट तक आंधी के रूप में आए तेज तूफान ने जमकर तबाही मचाई थी। जिसका केन्द्रबिन्दु मुख्यत: जिला मुख्यालय सहित आसपास का ग्रामीण इलाका रहा। तेज तूफान में नगर सहित पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप्प हो गई थी। लेकिन जिला मुख्यालय की आपूर्ति आंधी थमने के बाद 24 घंटे के भीतर ही चालू कर दी गई। वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय से लगे भरतकूप फीडर के अन्तर्गत आने वाले अमानपुर, चकमाली, कपसेठी, चन्द्रगहना, पुरवा तरौहां आदि गांवों में आंधी के कारण गिरे खंभों के स्थान पर दूसरे खंभे लगाने के कारण आपूर्ति चालू नहीं हो सकी। जब इस बारे में जानकारी की गई तो सम्बंधित लोगों ने बताया कि खंभे लगाने का काम युद्धस्तर पर कराया जा रहा है जितनी जल्दी हो सकेगा आपूर्ति चालू करवा कर लोगों को गर्मी से निजात दिलाई जाएगी। लेकिन उसके ठीक विपरीत यहां रहने वाले विद्युत उपभोक्ता तो गर्मी के कारण बिलबिलाते रहे लेकिन एक सप्ताह तक बिजली चालू नहीं हुई। विभागीय सूत्रा बताते हैं कि विभाग के एक  उच्चाधिकारी के चहेते ठेकेदार को ही खंभे लगवाने का काम दिया गया है। जो अपनी मनमानी कर रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि “ ठेकेदार के आदमी नौ दिन चले अढ़ाई कोस´´ की कहावत को चरितार्थ करते हुए अपना काम कर रहे हैं। जिसके चलते उन्हें अभी तक बिजली नहीं मिली। वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं ने विभागीय लोगों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला मुख्यालय में प्रशासन व विभाग के उच्चाधिकारी रहते हैं जिसके कारण नगर की आपूर्ति दूसरे दिन ही चालू कर दी गई और उन्हे उपेक्षा का शिकार बनाया गया। इसके अलावा लोगों ने यह भी बताया कि सम्बंधित अधिकारी मौके पर न आकर ठेकेदारों को घर व दफ्तर से निर्देश देते हैं जिसे वह अनसुना करते हुए अपनी मनमानी करने में लगा है। वहीं उपभोक्ताओं ने कहा कि जिन इलाकों में खंभे खड़े करवा लाइन खींच दी गई है उन इलाकों के उपभोक्ताओं की तारें जोड़ने के नाम पर ठेकेदार सुविधा शुल्क की मांग कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि जिस उपभोक्ता ने सुविधा शुल्क दे दिया उसकी तार जोड़ बिजली चालू कर दी गई जिसने मुंहमांगी रकम नहीं दी उसकी तार खंभे से नीचे गिरा विभागीय लाइनमैन से ठीक कराने की बात कह टरका दिया। लोगों का कहना है कि अधिकारी का चहेता होने के कारण ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों उपभोक्ताओं को परेशान करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उधर एसडीओ आर सी द्विवेदी ने कहा कि उनके उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में काफी दिक्कते हुईं इसके लिए उन्हें खेद है यदि ठेकेदार के आदमी अवैध वसूली कर रहे है तो शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।