एक सप्ताह में सभी देयों का भुगतान नहीं हुआ तो आन्दोलन करेगा संघ

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अभी हाल ही में खुले लेखा कार्यालय के लोगों की मनमानी के चलते जहां एक ओर सेवानिवृत्त अध्यापकों परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। वहीं दूसरी ओर सेवारात टीचर भी वेतन न मिलने के कारण आर्थिक संकट की स्थिति से गुजर रहे हैंं। इतना ही नहीं क्रेडिट खाते से पैसा निकालने वाले मास्टर समय से वेतन न मिलने पर ज्यादा ब्याज भरने को भी मजबूर हो रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि यदि एक सप्ताह के अन्दर सभी अवशेषों के साथ पेंशन व वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो संघ आन्दोलन करने को मजबूर होगा। संघ के पदाधिकारियों ने उच्चाधिकारियेां को भी पत्रा लिख लेखाधिकारी कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच करने की मांग की है।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अवध बिहारी सिंह ने कहा कि शासन ने शिक्षकों की सुविधा को देखते हुए लेखा कार्यालय खोला था। लेकिन यहां तैनात लोगों की मनमानी के चलते शिक्षकों को सुविधा तो नहीं असुविधा जरूर हो रही है। उन्होंने कहा अप्रैल माह खतम होने को है लेकिन अभी तक न तो मास्टरों को वेतन ही मिला है और न ही रिटायर्ड शिक्षकों को पेंशन दी गई है। इसके अलावा टीचरों को मिलने वाले बकाया भी अभी तक नहीं मिला है। जिसके कारण अध्यापक आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अलावा जिन अध्यापकों ने क्रेडिट खाते से पैसा लिया है उन्हें भी समय से वेतन न मिलने के कारण अधिक ब्याज देनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि जब इस सम्बंध में लेखाकार्यालय से संपर्क किया जाता है तो अध्यापकों केा वहां तैनात लोग ग्रांट न होने की बात कह कर टरका देते हैं। जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने लेखा कार्यालय के लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब अध्यापकों का आयकर काटना था तब विभाग के पास ग्रांट आ गई थी। लेकिन वेतन व पेंशन के लिए ग्रांट नहीं मंगाई जा रही है। उन्होंने कहा विभागीय लोग ग्रांट के लिए अध्यापकों से सुविधा शुल्क की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ब्लाकों का फरवरी माह का वेतन विभाग द्वारा दिया गया लेकिन बैंक में एडवाइस न भेजने के कारण उनका भुगतान नहीं मिल रहा। उन्होंने वित्त एवं लेखाधिकारी सहित बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद के वित्तनियन्त्राक व बीएसए को पत्रा लिख चेतावनी दी है कि यदि विभाग  द्वारा एक सप्ताह के भीतर सभी देयों सहिता वेतन व पेंशन नहीं दी जाती तो संघ आन्दोलन करने को मजबूर होगा। इसके साथ ही संघ के मन्त्राी दिनेश कुमार द्विवेदी ने लेखाकार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कराए जाने की मांग की है। उधर इस सम्बंध में वित्त एवं लेखाधिकारी ने सुविधा शुल्क लेने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनके कार्यालय में किसी भी अध्यापक को परेशान नहीं किया जाता।

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