उपभोक्ताओं ने कटौती कम करने की मांग उच्चाधिकारियों से की

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कई महीनों से लगातार जारी विद्युत कटौती से जिले के लोग पूरी तरह आजिज आ चुके हैं। इसके अलावा कड़ाके की ठण्ड के बावजूद भी दिन में पूरी बिजली न मिल पाने के कारण किसानों को रात के समय खेतों में पानी लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसी कारण ठण्ड के शुरुआती दौर में रात के समय पानी लगाने पर ठण्ड लगने से तबियत खराब हो जाने के चलते दो किसानों की मौत भी हो चुकी है। ग्राम्य विकास मंत्री द्वारा किसानों के लिए चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई थी। इसके बावजूद भी जिले के किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। किसानों ने दिन के समय बिजली दिलवाए जाने की मांग की है।

ज्ञात हो कि भारी बिजली कटौती के चलते जिले के किसानों को कुछ ही घंटों की बिजली मिल रही है वो भी रात के समय। जबकि कई वर्षो से सूखे की मार झेल रहे किसानों को खेती की सिंचाई के लिए अपने को प्रदेश सरकार द्वारा दस घंटे बिजली उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। लेकिन कुछ दिन ही पर्याप्त बिजली मिलने के बाद से ही अंधाधुंध कटौती जारी कर दी गई। जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों के किसानों का कहना है कि भीषण सर्दी के बावजूद भी उन्हें दिन में बिजली नहीं मिल पा रही जिसके कारण उन्हें अपने खेतों की सिंचाई रात में ही करनी पड़ती है। रात में खेतों की सिंचाई करने से किसान बीमार भी हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि अभी हाल ही में ग्राम्य विकास मंत्री दद्दू प्रसाद ने किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों से कहा था। लेकिन जिले के कुछ भाग को छोड़ आज भी ज्यादातर इलाके में पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही। जो थोड़ी बहुत बिजली मिलती है वह भी रात के समय। किसानों का कहना है कि रात के समय जितनी बिजली मिलती है वह यदाकदा लाइन में आई फाल्ट के नाम पर काट दी जाती है और किसान रात-रात भर जागकर इन्तजार करना पड़ता है जिसके कारण नीन्द तो खराब होती ही है साथ ही काम का भी नुकसान होता है। किसानों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।

श्री गोपाल
9839075109