इंट्रीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम शुरू

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महोबा- जिले के किसी भी गांव में फैली संक्रामक बीमारी को छिपाना अब संभव नहीं होगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए इंट्रीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम शुरू कर दिया है। यह व्यवस्था एक जून से शुरू हो जायेगी। कोई भी व्यक्ति अपने गांव में फैली बीमारी की सूचना इसमें दर्ज करा सकेगा। सेटेलाइट के जरिये लखनऊ और दिल्ली में बैठे अधिकारी प्रतिदिन इस पर नजर रखेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में फैली संक्रामक बीमारियों की खबर ही सरकार और शासन के शीर्ष अधिकारियों को नहीं हो पाती थी। इसके अभाव में उपचार की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाती। इस विसंगति से बचने को केंद्र सरकार ने इंट्रीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम नाम से नई व्यवस्था शुरू की है। मुख्यालय के नेत्र अस्पताल में इसका कंप्यूटरीकृत कार्यालय बनाया गया है। लखनऊ से आये कंप्यूटर प्रोग्रामर यहां व्यवस्था को चाक चौबंद करने का काम भी शुरू कर दिया है। उप चिकित्साधीक्षक डा. लाखन सिंह को इसका यूनिट प्रभारी बनाया गया है। व्यवस्था की गयी है कि कोई सामान्य ग्रामीण भी यहां पहुंच अपने गांव में फैली बीमारी का विवरण दर्ज करा सकता है। कहीं से भी ईमेल करके भी यहां फीडिंग करायी जा कसती है। सारी व्यवस्था सेटेलाइट पर आधारित है। यहां फीडिंग होते ही डाटा स्वत: लखनऊ व दिल्ली में लगे सिस्टम में दिखने लगेगी। वहां बैठे अधिकारी तुरंत जिले के अधिकारियों से जवाब तलब करेगे। यूनिट प्रभारी डा. लाखन सिंह कहते हैं योजना का सारा काम पूरा हो गया है।

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