आयकर में पांच लाख की छूट के बाद आपको कितना देना होगा टैक्स, ऐसे जानें

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नई दिल्ली : सरकार ने आज बजट में मिडिल क्लास को बड़ी सौगात देते हुए वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए पांच लाख रूपये तक की आय को कर टैक्स फ्री कर दिया है. सरकार ने 60 साल से कम उम्र के लोगों के लिए आयकर की छूट जो अभी तक 2.5 लाख रूपये थी उसे बढ़ाकर 5 लाख तक कर दिया है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इससे देश के 3 करोड़ मध्यम वर्गीय करदाताओं को सीधा फायदा पहुंचेगा. इसके अलावा स्टैंडर्ड डिडक्शन जो पहले 40 हजार तक थी उसे बजट में बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है.यानी अगर आपकी सालाना आय 6.5 लाख है और आप पीएफ या किसी निवेश स्क्रीम में जो 80 सी और 10(10) डी के अंतर्गत आते हैं तो आपको 6.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना है.
फिलहाल वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए और वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए आयकर और छूट की सीमा उम्र और रेजिडेंटल स्टेटस पर निर्भर करती है. इनकम टैक्स तय करने से पहले कई चीजों को देखा जाता है लेकिन तीन चीजें होती हैं जो आयकर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. पहली सकल आय, एचआरए में छूट और परिवहन भत्ता.
एचआरए आपकी बेसिक सैलरी पर तय होती है, आप किस शहर में रहते हैं इसका भी एचआरए पर फर्क पड़ता है. अगर आप मेट्रोपॉलिटन सिटी या टायर-1 के किसी शहर में रहते हैं तो एचआरए आपकी सैलरी का 50 फीसदी तक हो सकता है और बाकी के शहरों में ये 40 फीसदी रहता है. परिवहन भत्ता आयकर से अलग होता है. इसके अलावा 80 C में बेसिक कटौती के बाद आप 80 D और 80 EE, 80E और सेक्सन 80CCD के अंतर्गत भी अतिरिक्त टैक्स का लाभ ले सकती है.
अगर आप 60 साल से कम सामान्य श्रेणी में हैं और आपकी आय सालाना 5 लाख तक है तो आपको इनकम टैक्स देने की जरूरत नहीं है लेकिन अगर आपकी आय 5 लाख से 10 लाख के बीच है तो आपको 20 फीसदी इनकम टैक्स देना पड़ेगा, यही नहीं इसके अलावा आपको हेल्थ और एजुकेशन सेस 3 फीसदी भी अलग से देना होगा.