आज भी है सूखाराहत चेकों का इंतजार…..

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(महोबा)कुलपहाड़। कुलपहाड़ तहसील में लगभग बीस हजार किसानों को सूखा राहत दी गयी पर 65 हजार से अधिक किसान अभी भी इसकी बांट जोह रहे हैं।

इसे सरकार की संवेदनशीलता कहा जाये या फिर बुंदेलखंड के किसानों का दुर्भाग्य। पांच साल से सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत देने के नाम पर छलावा किया जा रहा है। जोर शोर से समूचे बुंदेलखंड में सूखा राहत अभियान चालू किया गया था पर क्षतिपूर्ति की बजाय नाममात्र की राहत दी जा रही है। वह भी सबको नहीं मिल रही। अब तक कुलपहाड़ तहसील में 2 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि मुहैया करायी गयी है। इससे 85156 किसानों को वितरण किया जाना था। यहां 220 गांव हैं। जैतपुर विकासखंड के 53 व पनवाड़ी विकास खंड के 67 गांव समेत तहसील के 120 गांव के किसानों को सूखा राहत की चेकों का वितरण किया गया है। शासन से इसके लिये साढ़े 13 करोड़ की मांग की गई थी। इनमें से 71333 लघु एवं 13823 वृद्ध किसानों को राहत मुहैया करायी जानी थी। इसमें 5032 असिंचित लघु किसान व 817 सिंचित किसान शामिल थे। चौंकाने वाला तथ्य है कि जिन 132 गांव में किसानों को राहत वितरित की गयी है। उनमें तहसील के एक भी बड़े गांव के किसानों को यह राशि नहीं मिली है। कुलपहाड़, बेलाताल, पनवाड़ी, अजनर, भरवारा, मुढ़ारी जैसे बड़े गांव के किसान इससे वंचित है। यहां के किसान रोज अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। उपजिलाधिकारी विंध्यवासिनी राय कहते है उन्होंने 11 करोड़ की और मांग की है। शासन से धनराशि आने पर तत्काल राहत राशि मुहैया कराई जायेगी। तब तक वंचित किसानों की किस्मत में इंतजार करना ही लिखा है।

Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
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