आग से फिर जली खलिहान में रखी 17 किसानों की फसलें

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अचानक लगी आग ने 17 किसानों के खलिहानों को जला कर राख कर दिया। फसल काटने के बाद किसानों ने गेहूं, चना व सरसों समेत अन्य दूसरी फसलों को कतराई के लिए खलिहान में रखा था। लेकिन गुरुवार की दोपहर अचानक जल उठी आग ने चित्रावार गांव के कसवार पुरवा में रखे 16 लोगों के खलिहान को जला कर राख ता ेकिया ही साथ ही पूरबपताई मे ंभी बीती रात खलिहान में लगी आग ने कई बीघे की फसल को जला डाला। पीड़ितों के अनुसार फसल जल जाने से उनका लगभग ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

मऊ थानान्तर्गत चित्रावार गांव के मजरे कसवार में मोहन लाल के खलिहान में उसकी फसल के साथ 15 अन्य लोगों की चना गेहूं सरसों आदि की फसलें कतराई के लिए रखी हुई थी। गुरुवार की दोपहर तेज गर्म हवाएं चलने पर लोग अपनी फसलें खलिहान में ही छोड़ रात में फसल कतरने की सोच घर वापस आ गए थे। इधर अपराह्न लगभग 2 बजे काफी बड़े हिस्से में बने खलिहान में अचानक धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में एक के बाद एक सूखे अनाज के ढेर धू-धू कर जलने लगे। वहीं समीप ही पेड़ों की छांव बैठे किसानों ने आग जलती देख शोर मचाना शुरू किया तो गांव की ओर से सैकड़ों लोग दौड़ पड़े और नजदीक ही स्थित ग्राम प्रधान  नवनीत त्रिापाठी का ट्यूबवेल चला कर आग बुझाने में जुट गए। लेकिन बड़ी तेजी के साथ उठ रही लपटों के चलते नजदीक पहुंचने की हिम्मत किसी की नहीं हो रही थी। जिसके कारण आग बुझाने में काफी दिक्कत हुई। जब तक ग्रामीण आग बुझाते तब तक मइका, सरहदी, चौबा, सतन, सीताराम, भैरों, विजय शंकर, रामलखन, नत्थू मिश्रा, ब्रजमोहन, श्यामलाल, मोहन, कमलेश, गोरेलाल, पंचा, दयाशंकर केशरवानी आदि की लगभग डेढ़ सौ बीघे की फसलें जल कर राख हो चुकी थीं। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी मऊ के प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी थी। लेकिन देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा था। पीड़ितों ने लाखों रुपये का नुकसान होने का दावा किया है।  वहीं एक अन्य मामला पूरबपताई गांव में बीती रात घटा। जहां वीरेन्द्र सिंह की फसल अचानक लगी आग से जोर से जलने लगी। लेकिन ग्रामीण काफी प्रयासों के बाद भी आग पर काबू नहीं पा सके। जिसके चलते पूरी फसल जल गई। पीड़ित ने फसल जलने से 50 हजार का नुकसान होने की बात कही है।