आग का दायरा बढ़ा, साफ हो रहे हैं जंगल

चित्रकूट। पाठा क्षेत्र के जंगलों में लगी आग से पहाड़ों का सुलगना जारी है। धीरे-धीरे आग का दायरा बढ़ता जा रहा है। वनविभाग द्वारा अगर जल्द कदम न उठाए गए तो आग आसपास के और जंगली क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेगी। इस आग से अब तक लाखों कीमत की लकड़ी व दुर्लभ वनौषधियां नष्ट हो चुकी है। अगर देखा जाय तो सीमा से लगे म.प्र. क्षेत्र में तो हालात और भी ज्यादा खराब है। मझगवां से चित्रकूट के बीच लगभग दस किमी. क्षेत्र में आग फैली हुई है।

पाठा क्षेत्र के जंगल पिछले पन्द्रह दिनों से जल रहे हैं। वनविभाग द्वारा जब तक एक जगह की आग में काबू पाया जाता है तब तक दूसरे पहाड़ व जंगल आग की चपेट में आ जाते हैं। आग का दायरा रोज बढ़ता ही जा रहा है। आग कई किमी के इलाके में फैली हुई है। रात को तो इन पहाडों से आसपास केवल धुआं दिखाई देता है पर रात को जलते हुए पहाड़ को देख बच्चें क्या बड़े भी डर जाते हैं। आग से प्रतिदिन कीमती पेड़-पौधे जल कर नष्ट हो रहे हैं। इन जलते हुए जंगलों से अपनी जान बचाकर भागते हुए जानवरों के झुण्ड को भी यहां देखा जा सकता है।

जानकारी होने के बावजूद वन विभाग द्वारा इसे रोकने के प्रयास अब तक न किए जाने से किसी को भी हैरानी होती है। वह तो रानीपुर वन सेंचुरी में लगी आग बुझ गई वरना और भी समस्या गंभीर हो सकती थी।

मानिकपुर-मारकुण्ड़ी मार्ग पर जलते हुए पहाड देखे जा सकते हैं। लखनपुर से बंबिहा के बीच पहाड़ में लगभग पांच किमी. तक पहाड़ में आग फैली है। यहीं हालत रानीपुर कल्याण गढ़ गांव के समीप पहाड़ की है, यहंा भी आग सुलग रही है। रानीपुर कल्याणगढ के प्रधान श्याम बिहारी यादव का कहना है कि पहाड़ में आग कई दिन पहले लगी थी। दिन में तो केवल पहाड से धुंआ निकलता है पर जब रात में हवा कम होती है तो आग की लपटें निकलने लगती हैं। टिकरिया रेलवे स्टेशन के सामने कोलान बस्ती के पीछे लगे पहाड में आग लगी हुई है। बस्ती में आदिवासियों के दर्जनों कच्चे मकान हैं। बस्ती के लोगों को डर है कि कहीं पहाड़ से उड़कर हवा में कोई चिंगारी आ गई तो पूरी बस्ती भी चपेट में आ सकती है।पाठा क्षेत्र के जंगलों में आग लगी ही है पर सीमावर्ती म.प्र. के मझगवां-चित्रकूट मार्ग में स्थिति और भी खराब है। यहां तो सड़क के दोनों ओर जंगल जल रहे हैं। आग का दायरा लगभग दस किमी. से अधिक क्षेत्र में फैला है। गुरुवार कोइसी मार्ग में स्थित बगदरा घाटी पर स्थित पुलिस चौकी के आसपास जब आग पहुंची तो एमपी पुलिस चौकन्ना हो गई। आनन-फानन में फायर बिग्रेड की गाड़ी को बुलवाकर पुलिस चौकी की ओर बढ़ने वाली आग को रोक लिया गया। जबकि जंगली वन संपदा अभी भी जल रही है जिसे रोकने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

जनपद के प्रभागीय वनाधिकारी वी के चोपड़ा कहते है कि जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिये कर्मचारियों को लगा दिया गया है। पिछले तीन दिनों से चुनाव ड्यूटी में सभी कर्मचारियों के लगे होने से आग की ज्वाला बढ़ गई है। जल्द ही इस पर काबू कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग महुआ बीनने वाले लगाते है जो धीरे-धीरे बढ़ जाती है।

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