अभयारण्य में आएंगे विदेशी मेहमान

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सागर- नवंबर में सर्दी बढ़ने के साथ ही जिले में प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। सर्दी हौले-हौले दस्तक देने लगी है। नौरादेही अभयारण्य एक बार फिर विदेशी पक्षियों का बसेरा बनेगा। इनके कलरव से समूचा अभयारण्य गूंज उठेगा। पिछले वर्ष के समान इस बार भी ज्यादातर विदेशी पक्षी अभयारण्य पहुंचेंगे।

बीते वर्ष भोपाल की बर्ड वॉच संस्था द्वारा किए गए सर्वे में यहां 20 से अधिक प्रजातियों के विदेशी पक्षी पाए गए थे। जिनमें बrनी डक, कूट ग्लॉसी, कॉम्ब डक, कॉमन टील, कैटल इनग्रेड, पेट्रिड स्टॉर्क, ग्लॉसी लेसर प्रमुख है। वाइल्ड लाइफ डीएफओ आर.एस सिकरवार का कहना है कि साइबेरिया, लद्दाख, तिब्बत सहित अन्य ठंडे देशों में पड़ने वाली सर्दी और बर्फबारी इन पक्षियों को सुरक्षित ठिकानों की तलाश में गर्म देशों की ओर उड़ने के लिए मजबूर करती है।

अभयारण्य में विदेशी पक्षी छेवला तालाब, मानेगांव, घुघरी, और बोमा स्थित तालाबों के आसपास लगे पेड़ों पर अपना ठिकाना बनाते हैं। अभयारण्य के अलावा प्रवासी पक्षी सागर झील सहित जिले के कई ऐसे शांत इलाकों को अपना ठिकाना बनाने हैं जहां इन्हें पानी और भोजन की पर्याप्त सुविधा मिलती है। नौरादेही अभयारण्य विंध्याचल की दक्षिणी सीमा पर स्थिति सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले तक फैला है। 1200 वर्ग किलोमीटर एरिया वाला यह अभयारण्य जैव विविधता एवं प्राकृतिक संपदा से भरपूर है।