अफगानियों के लिए फर्जी दस्तावेज बनबाने बाला पुलिस की सक्रिया से गिरफ्तार..

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देश की राजधानी दिल्ली में पढाई के दौरान अफगानी से पहले दोस्ती हुई और फिर उनके लिए फर्जी दस्तावेज बनवाकर उन्हे लाभ पहुंचाने लगा। ऐसे ही एक व्यक्ति को झांसी पुलिस ने पकड़ा है जो झांसी में अफगानियों के लिये फर्जी दस्तावेज बनाने का प्रयास कर रहा था तभी पुलिस को इसकी भनक हो गयी और उसने उस युवक को पकड़ने में सफलता हासिल कर ली। पकड़े गये युवक का अफगानियों से सम्पर्क होना बताया जा रहा है। उससे खुफिया एजेन्सियां सक्रिय हो गयी। फिलहाल पुलिस ने पकड़े गये युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की शुरू कर दी।

झांसी अपर पुलिस अधीक्षक नगर गरिमा सिंह ने बताया कि बिहार के जनपद सासाराम में थाना मुसाफिफर के ग्राम गन्साबीजपुर का रहने वाला नवीन कुमार सिंह पुत्र कमलेश ंिसह झांसी के नगरा में रहता है। नवीन कुमार ने 8 अप्रैल को अफगानिस्तान के काबूल निवासी इरशाद पुत्र अहमद शाह का चरित्र सत्यापन हासिल करने के बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के स्नातक के अभिलेखों सहित पुलिस विभाग में आवेदन किया था। चरित्र प्रमाण पत्र को बनवाने के लिये वह अधिक जल्दबाजी कर रहा था। जिस पर पुलिस को शक हो गया। शक होने पर पुलिस ने छानबीन शुरू करते हुये जांच शुरू कर दी।

एसपी नगर के अनुसार नवाबाद थाना प्रभारी आशीष मिश्र छानबीन करते हुये दस्तावेज लेकर बुन्ेदलखण्ड विश्वविद्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने चरित्र प्रमाण पत्र में लगाए गये अंकपत्रों की पुष्टि की। इस दौरान पुलिस को जानकारी हुयी कि जो प्रमाण पत्र लगाए गये है। वह है। छानबीन में पुलिस ने बताया कि 1999 से 2011 में इरशाद पुत्र अहमद शाह नाम के किसी व्यक्ति ने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय से स्नातक नही किया है। इसके अलावा अकंपत्र में दर्शाया गया रोल नम्बर 5034436 भी फर्जी है। यह जानकारी होते ही नवाबाद थाना पुलिस सक्रिय हो गयी और नवीन कुमार को पुलिस ने गिरफतार कर लिया।

एसपी नगर ने जानकारी देते हुये बताया कि नवीन कुमार को पकड़कर थाने लाया गया। जहां उसने पूछताछ में बताया कि वर्तमान में वह साउथ एक्सटेंशन नई दिल्ली के एक कोंचिग इस्टीट्यूट में पढ़ रहा है और वही किराए से रहता है। नवीन कुमार जब 2008 में दिल्ली के जामिया हमदर्द डीम्ड विश्ववि़द्यालय से बीबीए डिसडेंस लर्निंग से कर रहा था। इसी दौरान उसकी वहां पढ़ने वाले स्माइल निवासी काबुल अफगानिस्तान से मुलाकात हो गयी। मुलाकात के बाद उनमें गहरी दोस्ती हो गयी। दोस्ती के बाद उसके काबूल और अफगानियों से सम्पर्क हो गये। काबूल और अफगानियों से सम्पर्क होने के बाद वह उनके लिए अवैध दस्तावेज बनवाने का काम करने लगा। इसके वह उन्हे शरण दिलाने का भी काम करता था।

फर्जी दस्तावेज बनवाने के लिए विदेशी मुद्रा दी जाती थी

एसपी नगर ने बताया कि नवीन कुमार के अनुसार उसके अफगानिस्तान में रहने वाले मित्र रातिब का बड़ा भाई इरशाद कनाडा में नौकरी कर रहा है। उसकी नौकरी के लिए इमीग्रेशन कार्यालय ओटावा व कनाडा में भारत से उक्त प्रवास के लिये पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। जिसके लिए रातिब ने उससे सम्पर्क कर पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिये कहा। चरित्र प्रमाण पत्र के लिए इरशाद नाम से बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की अंकतालिका की कॉपी स्कैन कॉपी मय पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण पत्र के प्रार्थना पत्र को ईमेल के माध्यम से नवीन कुमार के पास भेजी। इसके लिए नवीन को 1500 यूपए डॉलर लगभग एक लाख रूपए लिया गया है।

जारी है छानबीन
एसपी नगर ने बताया कि जिस प्रकार नवीन के अफगानी और काबूल के रहने वाले व्यक्तियों से सम्पर्क है और फर्जी तस्तावेज तैयार कराए जा रहे है। उससे शक की सूईया आंतकबादियों का साथ देने की ओर भी इशारा कर रही है। फिलहाल इसके लिये पुलिस तो गहनता से छानबीन कर ही रही है। साथ ही अन्य खुफिया एजेन्सियां भी सक्रिय हो गये। छानबीन के बाद ही इसकी हकीकत उजागर होगी। पकड़े गये युवक के खिलाफ 419,420,467,468व 471 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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