अपनी बहादुरी और ग्रामीणों की सूझबूझ स अपहरणकताओं के चंगुल से बचा बालक

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साढ़े सात हजार का ईनामी निकला पकड़ा गया अपहरणकर्ता
दो साथी भागने में रहे सफल
पुलिस ने कहा मुठभेड़ में पकड़ा है बदमाश को

रिश्तेदारी में जा रहे एक बालक को दो लोगों ने रास्ते में रोक लिफ्ट के बहाने मोटर साइकिल में बिठा लिया और तमंचे के बल पर उसका अपहरण कर के राजापुर थानान्तर्गत एक गांव में ले आए। जहां उसे अपने साथी के घर में बंधक बना लिया। अपहरण कर्ता अपने साथी समेत बाहर बैठ कर पहरेदारी करने लगे इसी बीच बंधक बनाया गया बालक किसी तरह अपने हाथ पैर खोल बगल के घर में कूद गया और घर के मालिक को सारी बात बता मदद की गुहार लगाई। घर के मालिक ने कुछ ग्रामीणों सहित इसकी जानकारी थाना पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने अपहरणकर्ताओं से मोर्चा लेते हुए एक को गिरफ्तार कर लिया जबकि दो अन्य बदमाश भागने में सफल रहे। पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया अपहरणकर्ता साढ़े सात हजार का ईनामी बदमाश है जो हत्या के एक मामले में फरार चल रहा है। उधर पुलिस ने बालक को थाने पहुंचे पिता के हवाले कर दिया। पिता ने कानूनी पचड़ों से बचने के लिए किसी के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई।

मिली जानकारी के मुताबिक रायबरेली जनपद के ऊंचाहार निवासी अजीत 17 पुत्रा जगदीश मंगलवार की अपराहन अपने किसी रिश्तेदार के यहां फतेहपुर जिले के जूराघाट जा रहा था कि इसी बीच रास्ते में उसे दो मोटरसाइकिल सवार मिले जिन्होंने उसे लिफ्ट देने के बहाने मोटरसाइकिल में बिठा लिया और तमंचे के बल पर उसे महेवाघाट होते हुए राजापुर थानान्तर्गत बिहरवां गांव ले आए। जहां उन्होंने अपने साथी बब्बू यादव पुत्रा सुरेन्द्र जो कुछ ही समय पहले हिनौता जिला कौशांबी से जमीन जायदाद बेंचकर गांव में घर बना कर रहने लगा था के घर पहुंचे और अन्दर ले जाकर अजीत के हाथों में रिस्सयां कस मुंह  बंाध दिया। उसे बंधक बनाने के बाद सभी लोग बाहर निकल कर उसकी पहरेदारी करने लगे। इधर मौका पाते ही बंधक अजीत ने किसी तरह अपनी रिस्सयां खोली और बगल में स्थित बड़कू पाल के घर कूद गया। वहां मौजूद बड़कू से आपबीती सुना कर मदद की गुहार लगाई। जिस पर वह गांव के अन्य लोगों को भी शोर मचा अपने घर के पास बुला लिया। इसी बीच लड़के को लेकर आने वाला फूल सिंह पुत्रा रामखेलावन निवासी महानन्दा का पुरवा जिला कौशांबी व उसका अज्ञात साथी भी बब्बू यादव के साथ वहां पहुंच गए और लड़के को जबरन ले जाने लगे। लेकिन ग्रामीणों ने उन तीनों को खदेड़ लिया। जिसमें फूलसिंह यादव तो ग्रामीणों की पकड़ में आ गया लेकिन बाकी दोनो भागने में कामयाब रहे। इधर कुछ लोगों ने राजापुर एसओ महेश सिंह को भी सूचना दे दी। रात में लगभग साढ़े दस बजे पहुंचे एसओ सिंह ने अपहरण कर्ता फूलसिंह व अपहृत लड़के अजीत को अपने कस्टडी में लेते हुए बाकी दो लोगों की काफी तलाश कराई। लेकिन वे लोग नहीं मिल सके। इधर अजीत ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसके पिता रायबरेली में होमगार्ड के पद पर कार्यरत हैं और उनको अभी तक मामले की जानकारी अपहरणकर्ताओं के धमकाने के बावजूद भी उसने नहीं दी है। पुलिस ने तत्काल अजीत के परिजनों को बुलवा लिया। पुलिस ने जब फूलसिंह सेे कड़ाई करते हुए पूछताछ की तो उसने पुलिस को कई राज बताए। उसने बताया कि  वह बीते वर्ष 12 जून को कौशांबी जनपद के नारा ग्राम प्रधान मो. हनीफ उर्फ गप्पू की हत्या के मामले में पेशी के दौरान इलाहाबाद से भाग निकला था। जिसके बाद से उसको पुलिस कभी दबोच नहीं पाई। वह अपने साथियों के साथ मिल अक्सर अपहरण की वारदात कर फिरौती वसूला करता था।  उसके ऊपर कौशांबी एसपी द्वारा साढ़े सात हजार का ईनाम भी घोषित है। वहीं पुत्रा के साथ हुई वारदात का पता चला तो वे जगदीश राजापुर थाने पहुंचा और कहा कि वह शान्तिप्रिय व्यक्ति है। उन्हें मामले की किसी भी प्रकार की रिपोर्ट नहीं दर्ज करानी और अपने पुत्रा अजीत को लेकर वापस चले गए। जबकि राजापुर एसओ महेश सिंह ने साढ़े सात हजार के ईनामी  फूल सिंह यादव को एक तमंचा व दो कारतूस बरामद बताते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।