अधिशासी अभियंता पर कर्मचारियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया

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महोबा-सिंचाई विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ ने अधिशासी अभियंता पर मनमानी कर कर्मचारियों का शोषण व उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। सिंचाई सचिव को प्रेषित पत्र में उनके द्वारा की जा रही अनियमितताओं का लेखा जोखा भेज संगठन ने प्रभारी कार्रवाई कर राजकीय आर्थिक क्षति रोकने के साथ ही कर्मचारियों के उत्पीड़न पर अंकुश लगाने की मांग की है।

उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय मंत्री व चित्रकूट धाम मंडल के अध्यक्ष एमपी सिंह भदौरिया ने सिंचाई सचिव सहित विभाग के आधा दर्जन से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित पत्र में कहा है कि सिंचाई प्रखंड महोबा के अधिशाषी अभियंता शासन की मनाही के बावजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से घरेलू काम कराते है। किराये के वाहनों में भी वाहन स्वामी के चालक की जगह विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को लगा उनका उत्पीड़न कर वाहन स्वामियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। तार बाबुओं से मनमाना काम लिया जाता है। जबकि तार कोठियां खाली रहने से बांधों की स्थिति का आंकलन नहीं हो पाता। कर्मचारियों की शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन वर्दी के लिये कंटीजेंसी में धन उपलब्ध होने के बाद भी वर्दी उपलब्ध नहीं कराई जा रही।कर्मचारियों के आवासों के रखरखाव व अन्य समस्याओं से जुड़े पूरे एक दर्जन मुद्दों का उल्लेख पत्र में किया गया है। आगाह किया है कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान न होने की दशा में कर्मचारी आक्रोश को दबा पाना कठिन हो जायेगा। उन्होंने अपेक्षा की है कि समय रहते अधिशाषी अभियंता की मनमानी पर अंकुश लगा समस्याओं का निराकरण किया जाये।