अधिवक्ता 2 जनवरी को साकेतिक हड़ताल पर रहेगे

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बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा एवं पृथक राज्य निर्माण के लिए स्वम् सेवी संगठनों के अलावा राजनैतिक हस्तिया अपने-अपने स्तर से योगदान करने में लगी है। अधिवक्ताओं ने भी इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर 2 जनवरी को समूचे बुंदेलखण्ड में साकेतिक हड़ताल करने का निर्णय लेकर राज्य निर्माण की आवश्यकता का दो टूक लहजे में संदेश दे दिया है। जिला बार एसोसिएशन ने यह जानकारी देकर सभी अधिवक्ताओं से आशिक हड़ताल में सम्मिलित रहने की अपील की।

विभिन्न मंचों पर बुंदेलखण्ड राज्य बनाये जाने का मुद्दा गरमा रहा है। दिल्ली, लखनऊ के अलावा बुंदेलखण्ड की धरती पर भी राज्य निर्माण के लिए जबरदस्त संघर्ष छिड़ा हुआ है। हालाकि अभी इस आंदोलन का शातिपूर्ण स्वरूप सीमा के दायरे में बना हुआ है। बुंदेलखण्ड के इतिहास में शातिपूर्ण ढग से किये जाने वाले आंदोलनो की लम्बी फेहरिस्त है। संगठनों ने अपने-अपने स्तर से यह भावनाएं सरकार तक पहुंचाना शुरू कर दी है।

नया साल पृथक राज्य निर्माण आदोलन के लिए याद रहेगा। बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के अलावा अन्य संगठनों ने भी अपने-अपने स्तर से संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। बुंदेलखण्ड विकास सेना के कार्यकर्ता भी 9 जनवरी को लखनऊ में प्रदेश सरकार के समक्ष प्रांत बनाने की माग रखेंगे। अधिवक्ताओं ने भी इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग देने का मन बनाया है। इसके तहत समूचे बुंदेलखण्ड के अधिवक्ताओं ने 2 जनवरी को साकेतिक हड़ताल करने का निर्णय लिया है। जिला बार एसोसिएशन की अगुवाई में जिले के अधिवक्ता 2 जनवरी को साकेतिक हड़ताल पर रहेगे। वह भी अपने स्तर से प्रात निर्माण की गम्भीरता सरकार की संज्ञान में लाएंगे। अध्यक्ष के.एल मालवीय व महामंत्री श्रीप्रकाश चौबे ने सभी अधिवक्ताओं से तहसील व जनपद मुख्यालयों पर आशिक हड़ताल करने की अपील की है।