अग्निकाण्ड के पीड़ितों ने पीडी से मदद दिलाए जाने की लगाई गुहार

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हलका लेखपाल ने संयुक्तरूप से किया नुकसान का आंकलन
12 हजार रुपये के अलावा नहीं मिली किसी प्रकार की मदद
एक वक्त के भोजन के लाले पड़े हैं पीड़ितों को
छोटे-छोटे बच्चों सहित पहुंचे विकास भवन

3ckt101बीते दिनों हुएअग्नि काण्ड में आधा दर्जन से अधिक परिवारों घर पूरी तरह जल गए। इसके अलावा आग से दो लोग जल गए और दो जानवर भी ज़िन्दा भुन गए। लेकिन हलका लेखपाल ने सभी के नुकसान का संयुक्त रूप से आंकलन करते हुए पीड़ितों को मात्रा 12 हजार का चेक ही दिया। इसके बाद से पीड़ित गरीबों को किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिली। और अब वे आग से जले हुए लोगोंं का इलाज कराने के साथ-साथ एक वक्त के भोजन तक को तरस रहे हैंं। पीड़ितों ने परियोजना निदेशक को जिलाधिकारी के नाम संबोधित प्रार्थनापत्रा देकर मदद दिलाए जाने की गुहार लगाई है।

राजापुर थानान्तर्गत भदेदू गांव निवासी इमामबक्स पुत्रा नबीबक्स, जाकिल अली, छंगा, अलीम, व सलामत पुत्रागण इमामबक्स, उमेश पुत्रा चन्दन, रामबरन पुत्रा श्रीपाल, रामसरन, झल्ली, दिरपाल पुत्रागण ननकावन, रामस्वरूप पुत्रा दिरपाल, निरपत पुत्रा राम प्रसाद, सुन्दरलाल पुत्रा श्रीपाल, श्रीपाल पुत्रा नत्थू, राम सुहावन व सन्ता पुत्रा श्रीपाल आदि ने बताया कि उन सभी के घर पास-पास बने हैं। बीती 25 मार्च को घर के पास पड़े कूड़े के ढेर में लगी आग हवा के झोकों से बढ़ गई और इमामबक्स के घर को अपनी चपेट में ले लिया। पीड़ितों ने बताया कि दोपहर का समय होने के कारण वे सभी लोग अपने-अपने काम के कारण घर से बाहर निकले हुए थे। आग की सूचना पर जब तक वे लोग घर पहुंच आग बुझाते तब तक आग की लपटों से उन सभी के घर में रखा अनाज आदि पूरी तरह जल गया। इसके अलावा एक व्यक्ति सहित अलीम बक्स का दो वषीZय भांजा भी जल गया साथ ही झल्ली पुत्रा ननकावन की दो बछियां भी आग में भुन गईं। पीड़ितों का कहना था कि उनके पास इतना भी नहीं बचा कि जले हुए लोगों का इलाज करा सकें।  उन लोगों ने बताया कि इस अग्निकाण्ड का मुआयना करने आए हलका लेखपाल ने सभी के नुकसान का संयुक्तरूप आंकलन करते हुए केवल 12 हजार रुपये की ही आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। जबकि सभी लोग अलग-अलग रहते हैं और कुछ अल्प संख्यक हैं व कुछ केवट बिरादरी के हैं। इसके अलावा न तो ग्राम प्रधान की ओर से किसी भी प्रकार की सहायता दी गई और न ही उनके गांव का कोटेदार ही किसी प्रकार की मदद कर रहा है। जिसके कारण अब उनके पास खाने तक कुछ नहीं है। पीड़ितों ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पहुंच परियोजना निदेशक को अपनी समस्याएं सुनाते हुए जिलाधिकारी के नाम संबोधित प्रार्थना पत्रा देकर मदद कराए जाने की गुहार लगाई है। परियोजना  निदेशक ने वास्तविकता की जांच करवा मदद दिलाए जाने का  आश्वासन दिया।