अखिलेश मंत्रिमंडल: एक बार फिर विस्तार के विमान नहीं चढ़ सका बुंदेलखंड

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sukha

अखिलेश मंत्रिमंडल में विस्तार हुआ लेकिन एक बार फिर बुंदेलखंड से इस विस्तार के विमान में किसी उम्मीदवार का टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है। इससे पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी, बुंदेलखंड में तो शानदार स्वागत की तैयारियां भी हो चुकीं थी। विधायक जी को चाहने वालों ने मंत्रिमंडल में एंट्री से पहले ही नेता जी को विभाग तक दे दिया था सोशल मीडिया में चर्चे थे कि दीपनारायण सिंह को बेसिक शिक्षा मंत्री का कार्यभार सौंपा जा रहा है। लेकिन संभावनाओं से इतर बुंदेलखंड के युवा चेहरे दीपनारायण सिंह यादव को मायूसी हाथ लगी साथ ही बुंदेलखंड एस बार फिर सियासी बारिश में बंजर ही रह गया।

खबरों कि मानें तो दीपनारायण का नाम लगभग तय था लेकिन आखिरी वक्त में न जाने ऐसा क्या हुआ कि लिस्ट से नाम हटा लिया गया। सियासी हलकों से खबर है कि दीपनारायण सिंह यादव की छटंनी में बुंदेलखंड के ही किसी प्रभावी सपा नेता का नाम है।

न विधायक न विधान परिषद के सदस्य फिर भी बने मंत्री रामूवालिया
नए मंत्रियों में बलवंत सिंह रामूवालिया ऐसे मंत्री है जो न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य है। रामूवालिया पूर्व में दो बार अकाली दल से सांसद और केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। इनकी विशेष योग्यता मुलायम सिंह यादव से गहरी दोस्ती बताई जाती है। उनका नाम सपा के फाइनेंसरों में गिना जाता है।

रामूवालिया अकाली दल के यूपी प्रभारी भी थे और अभी वे गाजियाबाद में रहते हैं। 2011 में रामूवालिया नें अपनी एक लोक भलाई नाम की पार्टी बनाई थी जिसका बाद में अकाली दल में विलय में हो गया था ।

जा‍तीय समीकरण
अखिलेश सरकार के इस छठे मंत्रिमंड़ल विस्तार को जातीय समीकरणों को दुरूस्त करने की कवायद बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि सरकार में शामिल नए चेहरों में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है, जिसकी धाक बलिया से लेकर मेरठ तक की जनता के बीच हो।

मुलायम से दोस्ती का फल
यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया. 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश ने दलित और पिछड़ों को मंत्रिमंडल में तवज्जो दिया है। इसके अलावा एक कैबिनेट मंत्री ऐसे भी हैं, जिन्हें मुलायम से दोस्ती का फल मिला है। अखिलेश यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार में जाति और धर्म का भी खासा ध्यान दिया है। 11 नए चेहरों में से 6 मंत्री दलित, एक पिछड़ा और एक मुस्लिम चेहरा है।