अंबेडकर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री को मुकदमे के गवाहों को मनाने पर ही मिलेगी राहत

0
220

अंबेडकर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रतन लाल अहिरवार के खिलाफ चल रहे प्राण घातक हमले के मामले में सत्र परीक्षण के दौरान वादी समेत तीन गवाह अपने बयान से मुकर गए हैं। वादी ने इस मुकदमे के लिए समाजवादी पार्टी के नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। मुकदमे के दो गवाहों के बृहस्पतिवार को उपस्थित नहीं होने के कारण अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
जिला पंचायत कार्यालय के चालक जसोदी द्वारा अंबेडकर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रतन लाल अहिरवार के खिलाफ नवाबाद थाने में दर्ज कराए गए धारा 307, 332, 352, 504, 506, 286, 364, 7 क्रि. ए. एक्ट के मुकदमे का सत्र परीक्षण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या चार रजत जैन की अदालत में चल रहा है। पिछले दिनों सत्र परीक्षण के दौरान मुकदमा का वादी जिला पंचायत का चालक जसोदी अपने बयान से पलट गया। उसने बयान दिया कि वह रतन लाल अहिरवार, मोहित व रोहित को जानता है, इन्होंने उसके ऊपर हमला नहीं किया था। चूंकि रतन लाल अहिरवार समाजवादी पार्टी छोड़कर बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए थे, इसलिए सपा नेताओं ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में लिखे गए नाम उसे नहीं बताए गए थे और न ही पढ़कर सुनाए गए थे। विवेचक ने अदालत के समक्ष जो बयान पेश किए हैं, वह उसके नहीं हैं और न ही उससे पूछकर लिखे गए हैं। जसोदी ने बताया कि उसके ऊपर हमला अज्ञात लोगों ने किया था।
वहीं गवाह सीपरी थाना क्षेत्र के ग्राम बूढ़ा निवासी रामलाल व नवाबाद थाना क्षेत्र के खुशीपुरा निवासी राजू ने भी अभियोजन की कहानी के विपरीत बयान दिए। इस मुकदमे के दो और स्वतंत्र गवाह नवाबाद क्षेत्र के सिविल लाइन निवासी धीरेंद्र सोनी व प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजगढ़ निवासी सुनील कुमार के बयान अंकित करने के लिए अदालत ने 22 सितंबर की तिथि तय की थी। बृहस्पतिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से आवेदन पत्र देते हुए कहा गया कि गवाहों के समन तामीली प्राप्त नहीं हुए हैं, जबकि राज्यमंत्री की ओर से हाजिरी माफी का आवेदन दिया गया है।

Vikas Sharma
Editor
www.upnewslive.com ,
www.bundelkhandlive.com ,
E-mail : vikasupnews@gmail.com,
editor@bundelkhandlive.com
Ph- 09415060119

NO COMMENTS