कभी-कभी मुहब्बत भी इन्सान को इतना डिप्रेशन में लेजाता है कि उस के दबाब में इंसान अपने भविष्य के बारे में सोच-समझ को खो देता है और अनजाने में डिप्रेशन के कारण आत्महत्या के सिवाय कोई रास्ता नहीं सूझता। कुछ ऐसा ही किया एमबीए के होनहार छात्र अनूप ने ।
सीपरी बाजार में मसीहागंज स्थित सेण्ट मैरी स्कूल के पास रहने वाले देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव डाक विभाग में कार्यरत है। उनका चौबीस वर्षीय पुत्र अनूप पूना के एक शिक्षण संस्थान में एमबीए का छात्र था। पिछले दिनों वह झाँसी आया और एक निजी कम्पनी में दो माह की इण्टर्नशिप कर रहा था। इण्टर्नशिप के व्यस्त अनूप अपनी गर्लफ्रेंड को समय न देपाने के कारण आये दिन फ़ोन पर नोक झोक होने लगे निजी कम्पनी के कर्मचारियों के अनुसार उस दिन भी अनूप ऑफिस में रोया और अपनी प्रेमिका का अफ्यर किशी अन्य लड़के की बात बता कर ऑफिस में रोनेलगा मगर ऑफिस के लोगो ने अनूप को समझाया मगर वो डिप्रेशन के कारण के कारण परेशान अनूप देर रात घर आया और बिना खाना खाए ही ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने चला गया। आज सुबह जब वह देर तक सोकर नहीं उठा तो अनूप की माँ उसके कमरे के बाहर पहुँची और किसी प्रकार दरवाजा खोलकर अन्दर देखा तो घबरा गई। कमरे में साड़ी के सहारे छत के कुण्डे से अनूप ने फाँसी लगा ली थी। उसकी मौत हो चुकी थी। माँ के चीखने की आवाज सुनकर अन्य परिजन भी पहुँच गए और शव को फन्दे से नीचे उतारा। घटना की सूचना सीपरी बाजार पुलिस को दी गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.















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