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मलमास माह की अमावस्या पर चित्रकूट में उमड़ी लाखो भक्तों की भीड़

Posted on 14 May 2010 by admin

लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं ने मन्दाकिनी में डुबकी लगा करी परिक्रमा
तेज धूप व भीषण गर्मी में कई हुए बीमार तो कई बेहोश होकर गिरे
पानी-बिजली की अव्यवस्था का सामना भी करना पड़ा भक्तों को

14ckt5मलमास माह की अमावस्या पर चित्रकूट आए श्रद्धालुओं ने जहां एक ओर श्रद्धा और भक्ति केक चलते चटक धूप और गर्मी के बावजूद भगवान कामदगिरि की परिक्रमा लगाई वहीं पयेजल आदि व्यवस्था सुचारू न होने के चलते परेशानियां भी खूब झेली। इसके अलावा प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद भी डग्गामार वाहन चालकों ने सवारियां ढो कर अच्छी रकम छीली। इस दौरान परिक्रमा करते समय गर्मी न सह पाने के चलते कई भक्तों की तबियत भी बिगड़ी और कई तो बेहोश तक हो गए।  उधर हर बार की तरह इस बार भी भक्तों को परिवहन निगम की बसों की कमी का सामना करना पड़ा।

शुक्रवार को मलमास की अमावस्या के चलते श्रृद्धालुओं का रेला चित्रकूट की पावन भूमि पर उमड़ पड़ा। लगभग 5 लाख की संख्या में आए भक्तों ने तड़के से ही पवित्रा मन्दाकिनी नदी में डुबकियां लगाईं। स्नान करने के बाद भक्त रामघाट स्थित मत्स्यगयेन्द्र  नाथ के दर्शन करने के बाद भगवान कामदगिरि की परिक्रमा करने के लिए निकल पड़े। हालांकि सुबह 6 बजे से ही  सूर्य भगवान ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया था। इसके बावजूद भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। जिसके चलते भक्त कड़ी तेज धूप और भीषण गर्मी में भी परिक्रमा लगाते रहे। प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद भी तेज धूप और गर्म पत्थरों में परिक्रमा लगाने वाले भक्तों को विभागीय लोगों की लापरवाही का शिकार होना पड़ा। अमावस्या मेला में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए प्रशासन ने बिजली और पानी के पुख्ता इन्तजाम करने के लिए कहा था लेकिन जहां बिजली कटौती के अलावा अपने पुराने ढरें पर आती जाती रही वहीं पेयजल की बदइन्तजामी के चलते लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। इसके अलावा जल परिक्रमा मार्ग में लगी पानी की टंकियों से निकलने वाले गर्म पानी को ही भक्तों ने मजबूरी में पीकर अपनी प्यास बुझाई। अमावस्या मेंले में आए भक्तों ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान परिक्रमा मार्ग में पर्याप्त पानी की व्यवस्था न होने के कारण कई श्रद्धालु जहां बीमार हुए वहीं कई तो बेहोश होकर गिर भी पड़े जिन्हें उनके साथ आए परिजनों ने सम्भालते हुए अस्पताल तक पहुंचाया। इसके अलावा लगातार अमावस्या मेंले में आने वाले भक्तों ने बताया कि पहले तो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जिला प्रशासन अपने-अपने सीमा क्षेत्र में आने वाले परिक्रमा मार्गों में टाट-फटि्टयां बिछा कर पानी का छिड़काव कराते हुए श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाने का प्रयास करता था। लेकिन इस बार इस तरह की कोई व्यवस्था न किए जाने से गर्म पत्थरों में परिक्रमा लगाने को मजबूर होना पड़ा। मेले में आए भक्तों की सुरक्षा के लिए सीओ सिटी के निर्देशन पर कोतवाली प्रभारी की देखरेख में भारी पुलिसबल तैनात किया गया था। रामघाट, परिक्रमा मार्ग, कामतानाथ, मत्स्यगयेन्द्र नाथ में तैनात पुलिस के जवान भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे। तमाम तरह की असुविधाएं झेलते हुए जहां भक्तों ने अपनी आस्था के चलते कामदगिरि भगवान की परिक्रमा की वहीं हर बार की तरह इस बार भी परिवहन निगम की बसों की कमी के चलते डग्गामार वाहनों ने यात्रियों की जेबें ढीली कराईं। तो दूसरी ओर भक्तों को अपने गन्तव्यों तक जाने के लिए ट्रेनों की तपती छतों बैठ कर यात्रा करनी पड़ी।

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