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झगड़े का बीच-बचाव करने से नाराज पुत्र ने पिता की गोली मार कर हत्या की

Posted on 11 March 2010 by admin

पति-पत्नी के झगड़े से परेशान हो बहू को मायके भेजने जा रहा था

राजापुर (चित्रकूट) - पति-पत्नी के झगड़े से परेशान हो ससुर ने अपनी बहू व पोते-पोतियों को मायके छोड़ आने की सोची और गुरुवार की सुबह उन्हें लेकर घर से निकला। इस पर बेटा नाराज हो गया और पिता से झगड़ा करते हुए उसे गोली मार दी। गोली लगने से पिता की मौके पर ही मौत हो गई। पिता को गोली मारने के बाद पुत्र ने स्वयं को एक कमरे में बन्द कर लिया और दरवाजा खुलवाने की कोशिश में लगे लोगों को गोली मारने की धमकी देता रहा। पुलिस ने कई घंटों की मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ हत्यारोपी पुत्र को हत्या में प्रयुक्त तमंचे समेत गिरफ्तार कर लिया। मां ने पति की हत्या का आरोप लगाते हुए पुत्र के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

11ckt1राजापुर थानान्तर्गत उदघटा गांव निवासी अमरनाथ द्विवेदी के 35 वर्षीय पुत्र रमाशंकर द्विवेदी का अपनी पत्नी मीरा से किसी बात को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था। रोज-रोज की किच-किच से परेशान हो अमरनाथ ने अपनी बहू और बच्चों को उसके मायके भेजने की सोची। गुरुवार की सुबह लगभग 7 बजे वह अपनी बहू मीरा के साथ पोते सतेन्द्र 12 व पोती रत्ना 14 को लेकर उसके मायके उन्नायबन्ना छोड़ने के लिए घर से निकला। इस बात की भनक रमाशंकर को लग गई और वह तमंचा लेकर तुरन्त घर पहुंच गया। घर पहुंचते ही वह फिर अपनी पत्नी से झगड़ने लगा। इसी बीच पिता ने बीच बचाव किया तो वह मारपीट पर उतारू हो गया। बात ज्यादा बढ़ जाने पर क्रोध में आ उसने अपने पिता के ऊपर साथ में लिए 12 बोर के तमंचे से फायर कर दिया। तमंचे से निकली गोली पिता के गले के पास लगी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उसके मरने के साथ ही परिवारीजनों के साथ-साथ ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सभी लोग रमाशंकर को पकड़ने के लिए दौडे़। जिस पर वह घर के अन्दर एक कमरे में घुस गया और दरवाजा बन्द कर लिया। लोगो ने जब दरवाजा खुलवाने की कोशिश की तो वह अन्दर से ही लोगों को गोली मारने की धमकी देने लगा। घटना की सूचना पाकर मौके में पहुंची पुलिस ने घंटों मशक्कत करने के बाद दरवाजा तोड़ कर तमंचे सहित हत्यारे पुत्रा को गिरफ्तार कर लिया। मृतक अमरनाथ की पत्नी ननकी देवी ने ने अपने हत्यारे  पुत्रा के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

तरह-तरह की चर्चाएं हैं ग्रामीणों में

पुत्र द्वारा पिता की हत्या कर दिए जाने से सभी लोग एक बार फिर सन्नाटे में आ गए। ग्रामीणों में चर्चा है कि हत्यारे पुत्र का पिता बहुत ही सीधा सादा  आदमी था। ग्रामीणों का कहना है कि अपने पिता की गोली मार हत्या करने वाले पुत्रा को कड़ी-कड़ी से सजा मिलनी चाहिए।

ग्रामीण बताते हैं कि सीधा-सादा ग्रामीण जीवन जीने वाले अमरनाथ के शिवशंकर, दयाशंकर व रमाशंकर तीन पुत्रा हैं। सबसे छोटा रमाशंकर मथुरा में रह कर कथा-भागवत और पण्डिताई का काम करता था । इसकी पत्नी मीरा अपने बेटे सतेन्द्र व बेटी रत्ना के साथ उन्नाय बन्ना अपने मायके में रहती थी। होली के मौके पर वह अपने गांव आया था और अपनी ससुराल में फोन कर अपनी पत्नी व बच्चों को बुलवा लिया था। चर्चा है कि पति-पत्नी के बीच मधुर सम्बंध न होने के चलते आए दिन उनमें लड़ाई-झगड़ा होता रहता था। जिससे परेशान हो उसके पिता अमरनाथ ने अपनी बहू व बच्चों को मायके छोड़ आने का निर्णय लिया। और गुरुवार को वह सब को लेकर मायके भेजने जा रहा था। जिस पर रमाशंकर नाराज हो गया और अपने पिता को गोली मार दी। उधर कुछ ग्रामीणों में यह भी चर्चा है कि अपने पुत्राों की हरकतों से अमरनाथ काफी नाराज था और अपनी सारी संपत्ति अपने पुत्रो के नाम न कर पोते-पोतियों के नाम करने की सोच रहा था। जिसकी भनक उसके लड़कों को लग गई थी वे सभी अपने पिता से नाखुश थे। लेकिन छोटा लड़का रमाशंकर उससे काफी नाराज था। जिसपर उसने बहाना मिलते ही अपने की हत्या कर दी।

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