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बेटियों की शिक्षा पर ध्यान दें महिलाएं

Posted on 09 March 2010 by admin

उरई (जालौन) - अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सर्व शिक्षा अभियान के तहत जनपद स्तरीय मां बेटी मेले का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने टीएलएम मेले में ज्ञान परक शिक्षा के लिए बनाए गए विभिन्न माडलों का निरीक्षण कर उन्हें सराहा और बेसिक शिक्षा महकमे के अधिकारियों को बधाई भी दी।

महिला दिवस के मौके पर मां बेटी मेले के आयोजन में जिले भर से चुनिन्दा विद्यालय के छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। ज्ञानवर्धक शिक्षा से जुड़ी सामग्री का भी मेले में प्रदर्शन किया गया। मेले में  ब्लाक डकोर, महेबा, जालौन, रामपुरा,माधौगढ़, कदौरा, कोंच, नदीगांव, कुठौन्द  ब्लाक संसाधन केन्द्र प्रभारियों ने प्रदर्शनी लगाई। इसमें महेबाए कुठौन्द  ब्लाक के माडल सबसे ज्यादा सराहे गए।

मां बेटी मेले के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार दीक्षित ने महिला अभिभावकों का आह्वान किया कि वह लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देंए ताकि आगे चलकर वह भी अपने बसने वाले परिवार को शिक्षा का महत्व बता सकें। महिलाओं ने आज देश में जो तरक्की का रास्ता तय किया है। वह सिर्फ शिक्षा की बदौलत देश में राष्ट्रपति महिला के रूप में लोकसभा अध्यक्ष के रूप मेंए प्रदेश की महिला मुख्यमन्त्री के रूप में इसका जीता जागता उदाहरण है। यह सब शिक्षा की बदौलत ही हुआ है। आज पढ़ी लिखी लड़कियां, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और सेना के क्षेत्र में भी ऊंची छलांग लगा रही हैं। यदि उनके माता पिता ने उनकी शिक्षा पर गौर नहीं किया होताए तो उन्हें भी विभिन्न क्षेत्रों में कामयाबी नहीं मिलती।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसके तिवारी ने कहा कि बेटियों की शिक्षा की ज़िम्मेदारी पिता से बढ़कर माता की बनती है। वही बच्चों में अच्छे संस्कार देने का काम सरलता से कर सकती है। माताएं बालिका शिक्षा के प्रति और अधिक जागरूक होंए तभी देश तरक्की कर पाएगा। इस मौके पर उप बेसिक शिक्षा अधिकारी डा.आर.एस विश्वकर्मा,गनपतलाल, एबीएस कपूर सिंह, आरपी रामसखा, अरविन्द यादव, छोटेलाल, राजकुमारी वर्मा, वीएल शंखवार, जिला समन्वयक अखिलेश त्रिपाठी, एसपी सिंह, युद्धवीर कन्थरिया, व्यंजना सिंह, हरिओम पाण्डेय ने भी अपने विचार रखे।

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