झांसी महोत्सव को इस बार देख कर लगता है की “झांसी महोत्सव समिति “के सदस्य नाम के ही है वरना इस महोत्सव को सुन्दर ढण्ड से किया जा सकता था सूत्रों की माने तो जो चन्दा महोत्सव के लिए हुआ है उस की फिगर में कई शून्य(0) है। मगर जिलाधिकारी राजशेखर ने बताया की झांसी महोत्सव में जनता की भागीदारी के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। बताया कि प्रदेश शासन के संस्कृति मन्त्रालय से 3 लाख तथा भारत सरकार के वस्त्र मन्त्रालय से 13 लाख रुपए आवंटित हुए है। महोत्सव के खर्च के लिए यह धनराशि कम है। इसीलिए विभिन्न कम्पनियांए बैंक व दूसरे निजी संस्थान कार्यक्रमों के प्रायोजक बनाए गये है। साथ ही शिल्प मेले में दुकानों से भी होने वाली आय से कुछ सहयोग मिल रहा है। महोत्सव के लिए धनराशि की कमी नहीं है। हालांकि महोत्सव के कुल खर्च को लेकर स्थिति महोत्सव के बाद ही सामने आ पाएगी। महोत्सव को गरिमामय बनाने के लिए देश के ख्यातिनाम कलाकारों को बुलाया गया है। 
जिलाधिकारी ने कहा कि झांसी की पहचान रानी झांसी के साथ हाकी के जादूगर ध्यानचन्द से भी है। यहां लोगों में वीरता के साथ हाकी को लेकर भी जुनून है। इसीलिए पहली बार अखिल भारतीय महिला हाकी प्रतियोगिता होने जा रही है। प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों की आठ टीमें हिस्सा ले रही है। प्रतियोगिता लीग कम नॉक आउट के आधार पर खेली जाएगी। इसका उद्घाटन 3 फरवरी को अपराह्न 3 बजे प्रदेश सरकार के अम्बेडकर ग्राम राज्यमन्त्री रतन लाल अहिरवार करेगे, जबकि समापन पर 8 फरवरी को केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमन्त्री प्रदीप जैन आदित्य पुरस्कार वितरण करेगे। विजेता टीम को 20 हजार रुपए नकद दिए जाएंगे। हाकी प्रतियोगिता का प्रायोजक कालेज ऑफ साइन्स एण्ड इंजीनियरिंग है।
जिलाधिकारी ने कहा कि झांसी महोत्सव में 9 फरवरी तक प्रतिदिन मुक्ताकाशी मंच के साथ दीनदयाल सभागारए मेला ग्राउण्ड व बुन्देली मंच पर कार्यक्रम चलेंगे। मुक्ताकाशी मंच पर होने वाली सांस्कृतिक संध्या में प्रतिदिन अलग-अलग अतिथियों को आमन्त्रित किया गया है।
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Vikas Sharma
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