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सूखे बुन्देलखण्ड पर केन्द्र मेहरबान

Posted on 01 February 2010 by admin

नई दिल्ली -देश के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार बुन्देलखण्ड को राहत देने के लिए सरकारी कोशिश जारी है। फिलहाल सुखा से फटी धरती को नम कराने के उपाय हो रहे हैं। बुन्देलखण्ड के तहत आने वाले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सभी एक दर्जन से ज्यादा जिलों को सूखाग्रस्त क्षेत्र के आधार पर विशेष दर्जा देने की घोषणा शीघ्र हो सकती है। इससे इन क्षेत्रों में चलने वाली सिंचाई परियोजनाओं की कुल लागत का 90 फीसदी तक केन्द्र सरकार से अनुदान के रूप में मिलेगा। यह पूरे बुन्देलखण्ड को विशेष क्षेत्र का दर्जा दिए जाने की शुरुआत भी हो सकती है।

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी निजी तौर पर बुन्देलखण्ड की परियोजनाओं में बेहद दिलचस्पी लेते रहे हैं। राहुल की पसन्द को जानते हुए पिछले दिनों जल संसाधन मन्त्रालय ने एक कैबिनेट नोट तैयार कर सभी सम्बंधित मन्त्रालयों को भेजा है। यह नोट फिलहाल केवल सिंचाई परियोजनाओं के मामले में बुन्देलखण्ड को विशेष क्षेत्र का दर्जा देने की बात करता है।

ढाचागत मामलों की मन्त्रिमण्डलीय समिति (सी.सी.आई) ने प्रस्ताव पर विचार भी किया है। जल संसाधन मन्त्रालय के सचिव और व्यय विभाग  (वित्त मन्त्रालय) के सचिव संयुक्त तौर पर प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दिलाने का आधार बना रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि इस बारे में फैसला हो जाने के बाद बुन्देलखण्ड में सिंचाई परियोजनाओं पर काम तेज हो सकेगा। मालूम हो कि बुन्देलखण्ड के विकास पर गठित उच्चस्तरीय समिति ने अपनी सिफारिशों में इस क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की सिफारिश की थी। इसके अलावा केन्द्र सरकार अपने स्तर पर भी बुन्देलखण्ड की विभिन्न परियोजनाओं पर लगातार नज़र बनाए हुए है। बुन्देलखण्ड से सम्बंधित सभी परियोजनाओं की प्रगति पर दिसम्बरए 2009 के अन्तिम सप्ताह में योजना आयोग के सचिव की अध्यक्षता में दो दिन की उच्चस्तरीय बैठक भी हुई थी। इसमें उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिवों ने भी हिस्सा लिया था। बैठक में तय हुआ था कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी जिलों व ब्लाकों को सूखाग्रस्त इलाका घोषित किया जाएगा और उसके आधार पर ही उन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी।


Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

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