कुदरत  का  कहर  क़यामत  के  आने   की  दस्तक  है  पानी  ही  पानी. इस से भी ख़राब हालात होंगे २०१२ में   ये परिणाम है  कुदरत से खिलबाड़ का........ “Plant Trees to Save Environment” , *खाकी वर्दी वालो के कारनामे-जनता की जुवानी * सफेद कुर्ते वाले नेताओ के कारनामे-जनता की जुवानी "bundelkhandlive.com" पर, आप के पास है कोई जानकारी तो आप भी बन सकते है सिटी रिपोर्टर हमें मेल करे editor@upnewslive.com पर या 09415060119 फ़ोन करे , SPC मीडिया ग्रुप पेश करते है <UPNEWS>मोबाईल sms न्यूज़ एलर्ट के लिए अगर आप भी कहते है अपने और प्रदेश की खबरे अपने मोबाईल पर तो अपना <नाम-, पता-, अपना जॉब,- शहर का नाम, - टाइप कर 09415060119 पर sms, प्रदेश का पहला हिन्दी न्यूज़ पोर्टल जिसमे अपने प्रदेश की खबरें सरकार की योजनाएँ,प्रगति,मंत्रियो के काम की प्रगति www.upnewslive.com पर

1750 मिलियन वर्ष पुरानी हैं विंध्यपर्वत चट्टानें

Posted on 22 January 2010 by admin

चित्रकूट - विंध्य पर्वत श्रृंखला चट्टानों की वास्तविक आयु का पता भू-वैज्ञानिकों द्वारा लगा लिया गया है। देश-विदेश के भू वैज्ञानिकों के दल ने शुक्रवार को जनपद के आधा दर्जन स्थानों का भ्रमण करते हुए सेमरी सिरीज व फास्फैटिक नेचर के पत्थरों का अध्ययन किया। जिसके बाद उन्होंने इन चट्टानों की आयु 1750 मिलियन वर्ष बताई। इसके साथ ही भू-वैज्ञानिकों ने पूर्व में हुए अध्ययनों को खारिज करते हुए स्ट्रोमेटेलाइट (चूना पत्थरद्ध चट्टानों से इनका जीवन स्तर बताया है। पीएसआई व बीएसआईपी लखनऊ के तत्वावधान में चल रहे संयुक्त संरक्षण में शामिल भू वैज्ञानिकों का यह दल चित्राकूट के बाद सीधी, मैहर, पन्ना का अध्ययन करने के बाद खजुराहों में 31 जनवरी को आयोजित कार्यशाला में वैज्ञानिकों का यह दल अपनी रिपोर्टें भी प्रकाशित करेगा।

1750 मिलियन वर्ष पुरानी हैं विंध्यपर्वत चट्टानें ,तेल व पोटाश मौजूद होने की संभावनाए भी तलाश रहे हैं,देश-विदेश के 26 भू-वैज्ञानिकों ने किया क्षेत्र का सर्वेक्षण,पीएसआई व बीएसआईपी लखनऊ के तत्वावधान में चल रहा है सर्वेक्षण

पेलेंटोलॉजिकल सोसाइटी आफ इण्डिया व वीरबल साहनी पेलियो वॉटनिकल सोसाइटी आफ इण्डिया लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में निकले भू-वैज्ञानिकों की कार्यशाला के आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डा. मुकुन्द शर्मा ने बताया कि विंध्यपर्वत श्रेणियों की आयु निर्धारण के बारे में तमाम भ्रान्तियां फैली हुई हैं। इन्ही भ्रान्तियों को दूर करने के लिए देश-विदेश के 26 भू-वैज्ञानिकों का यह दल शुक्रवार को जिले के ददरी-हनुमानधारा, कामतानाथ-खोही, संग्रामपुर व जानकीकुण्ड चरण चिन्ह स्थल पहुंच सेमरी व कैमूर सिरीज के अन्तर्गत मिलने वाली अवसादी संरचनाओं का अध्ययन किया। जिसमें जानकीकुण्ड चरण चिन्ह के समीप फास्फेटिक नेचर के स्ट्रोमेटेलाइट हैं। जिससे स्ट्रोमेलेटिक लेटिकल अर्थात जीवन की शुरुआत की परिस्थितियां देयक हैं। उनका कहना है कि इस पर देहरादून के भू-वैज्ञानिक रफत जमाल आजमी ने चित्राकूट की चट्टानों को 542 मिलियन साल बताया है। जबकि जर्मन वैज्ञानिक एडोल्फ जाइलाइवर का मानना है कि यहां की चट्टानों का जीवन स्तर काफी ऊंचा है जो फील्डवर्क के माध्यम से मालूम हो चुका है कि कैमूर का बलुआ पत्थर एक हजार मिलियन वर्ष से अधिक पुराना है। इससे इन दोनों भू-वैज्ञानिकों की धारणाएं गलत साबित होती हैं। भू-वैज्ञानिकों का यह दल आज शनिवार को भी जिले के कई क्षेत्रो का भ्रमण करते हुए सज्जनपुर-मैहर व पन्ना के हीरा खदानों में भी भ्रमण कर उन पर्वत श्रृंखलाओं की आयु निर्धारित करने के बाद 31 जनवरी को खजुराहों में होने वाले भू-वैज्ञानिकों के सम्मेलन में यह दल अपने शोध पत्रो के माध्यम से विंध्यपर्वत श्रृंखलाओं की आयु निर्धारण पर अपनी वृहद रिपोर्ट पेश करेगा।   वहीं इस दल में शामिल ग्रामोदय विश्वविद्यालय के भू-वैज्ञानिक प्रो. रवि चौरे व लखनऊ के डा. एस कुमार ने इन चट्टानो की आयु 1750 मिलियन वर्ष से छ: सौ मिलियन वर्ष आंकी हैं। उनका कहना है कि इसका प्रमाण इन पत्थरों में मिलनेवाले स्टेमेटिक व ग्योलोकोनेटिक (हरितद्ध पत्थर का द्योतक) कहा है।

इस दल में शामिल कई वैज्ञानिक इस क्षेत्र में पोटाश व तेल का पता लगाने भी आए हैं। पीएसआई व बीएसआईवी लखनऊ के तत्वावधान में हो रहे भू-वैज्ञानिकों के इस सर्वेक्षण दल में ओएनजीसी के डा. एम मुखप्पा , वाडिया इंस्टि्यूट आफ हिमालय जियोलॉजी के डा. बीएन तिवारी, वीरबल साहनी इंस्टीट्यूट के डा. श्रीकान्त मूर्ति, प्रो. सुरेन्द्र कुमार, लखनउ विश्वविद्यालय के शोध वैज्ञानिक सन्तोष पाण्डेय, कनाडा के एन जे बटरफील्ड, यूएसए के डा. सुहॉय जॉय, नील रॉय मैक आदि वैज्ञानिक मौजूद रहे

श्री गोपाल

09839075109

Leave a Reply


www.internationalnewsandviews.com
Advertise Here

Advertise Here
-->


""काम की गारंटी है" हर गाव की गारंटी है"
                                         हर महिला पुरुष को दाम की गारंटी है""
महात्मा गाँधी राष्टीय गामीणरोजगार अधिनियम
 Type in