भोपाल- मध्य प्रदेश दौरे पर पहुंचे गांधी परिवार के युवराज राहुल गांधी ने छात्रों को राजनीति में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के साथ नेताओं को गलतियों का अहसास नसीहत कराते हुए दी। कांग्रेस महासचिव ने बुंदेलखंड की बदहाली के बहाने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा।
राहुल ने साफ किया कि उन्होंने कभी बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की बात नहीं कही। वह हमेशा से वहां के विकास की बात करते रहे हैं। भोपाल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंगलवार को राहुल ने बुंदेलखंड के मौजूदा हालात के लिए शिवराज और मायावती को जिम्मेदार ठहराया। गांधी ने कहा कि दोनों बुंदेलखंड की बात तो करते हैं, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं करते। राहुल ने मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बुंदेलखंड के विकास के लिए केंद्र की संप्रग सरकार ने राजग सरकार के मुकाबले करीब 6 गुना ज्यादा पैकेज दिया, लेकिन प्रदेश सरकार उसका कुछ हिस्सा ही खर्च कर सकी।
पढ़े-लिखे नौजवानों को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने निकले राहुल ने पांच शैक्षणिक संस्थानों के तीन हजार से ज्यादा विद्यार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने कांग्रेस नेताओं व पदाधिकारियो की भी क्लास ली और उनसे गुटबाजी से ऊपर उठने को कहा।
राहुल ने बेझिझक यह माना कि वह आज राजनीति में जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने में परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि से मदद जरूर मिली। उन्होंने कहा कि अगर उनके दादा-दादी और मां-पिता जी राजनीति में नहीं होते तो वे भी यहां तक नहीं पहुंच पाते। उन्होंने इस बात को भी गलत बताया कि युवा वर्ग राजनीति में आने से घबराता है।















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