लखनऊ। मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने छोटे राज्यों का समर्थन करते हुए कहाकि उत्तर प्रदेश का भी विभाजन होना चाहिये। समग्र विकास के लिए बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश अलग राज्य बनने चाहिये। उन्होंने दावा किया कि केंद्र रजामंदी दिखाये तो यूपी के बँटवारे के लिए राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराकर भेजा जायेगा। पूर्वाचल राज्य के मसले पर मुख्यमंत्री का नजरिया है कि इसमे भी कोई हर्ज नहीं।
अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री मायावती ने पत्रकार वार्ता में कहा कि आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से उप्र काफी बड़ा राज्य है, लिहाजा जनता के हित में और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए छोटे राज्यों और छोटे जिलों की सख्त जरूरत है। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उप्र के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए छोटे राज्यों में बाँटने के बाबत पिछले साल 15 मार्च को भी प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुकी हैं। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड और पश्चिमी उप्र के लोगों से आग्रह किया कि केंद्र सरकार के सामने अपनी मांग को पुरजोर ढंग से रखें, लेकिन अनुशासित ढंग से और कानून के दायरे में रहकर। किसी के उकसाने में आने की कोई जरूरत नहीं।
उन्होंने कहा आंध्र प्रदेश में तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए केंद्र ने सहमति व्यक्त करते हुए जिस तरह से विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराने की अपेक्षा की है, उसी प्रकार की सहमति उत्तर प्रदेश सरकार को भी पृथक बुंदेलखंड और पश्चिमी उप्र राज्य के गठन पर मिलनी चाहिये।
–
Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119
















Powered By
December 13th, 2009 at 4:16 am
jai ho , hum chahte hai bundelkhand rajya bne or bundelkhandlive prachar prashar me madad kare “jai bundelkhand”
December 13th, 2009 at 4:18 am
mayabati ka nahle par kendra ko dhla