कुदरत  का  कहर  क़यामत  के  आने   की  दस्तक  है  पानी  ही  पानी. इस से भी ख़राब हालात होंगे २०१२ में   ये परिणाम है  कुदरत से खिलबाड़ का........ “Plant Trees to Save Environment” , *खाकी वर्दी वालो के कारनामे-जनता की जुवानी * सफेद कुर्ते वाले नेताओ के कारनामे-जनता की जुवानी "bundelkhandlive.com" पर, आप के पास है कोई जानकारी तो आप भी बन सकते है सिटी रिपोर्टर हमें मेल करे editor@upnewslive.com पर या 09415060119 फ़ोन करे , SPC मीडिया ग्रुप पेश करते है <UPNEWS>मोबाईल sms न्यूज़ एलर्ट के लिए अगर आप भी कहते है अपने और प्रदेश की खबरे अपने मोबाईल पर तो अपना <नाम-, पता-, अपना जॉब,- शहर का नाम, - टाइप कर 09415060119 पर sms, प्रदेश का पहला हिन्दी न्यूज़ पोर्टल जिसमे अपने प्रदेश की खबरें सरकार की योजनाएँ,प्रगति,मंत्रियो के काम की प्रगति www.upnewslive.com पर

Archive | अपराध

झांसी जेल है आत्महत्या का ठिकाना ?..

Posted on 25 January 2010 by admin

झांसी- जिला कारागार में एक बन्दी ने आज सुबह कारागार के अस्पताल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।


मऊरानीपुर के मोहल्ला गांधी गंज निवासी धर्मेन्द्र नवम्बर 08 में मऊरानीपुर पुलिस द्वारा पुलिस से मुठभेड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और अदालत के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया था। तभी से लगातार वह कारागार में बन्द था। जेलर केएस भदौरिया के अनुसार मानसिक रूप से बीमार धर्मेन्द्र को बीच में दो माह के लिए बनारस भी भेजा गया था। वहां उसका उपचार भी किया गया और वह कुछ हद तक ठीक हो गया था। इसके बाद उसे पुनरू झांसी जेल लाया गया। यहां आकर उसकी बीमारी पुनरू बिगड़ने लगी और पिछले दिनों उसे कारागार के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अस्पताल में कोई और मरीज नहीं था। आज सुबह जब पहरे पर आरक्षी पहुंचाए तो उसने देखा कि धर्मेन्द्र ने अपनी लुंगी से अस्पताल के दरवाजे के ऊपर लगे लोहे के राड से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर आए और पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करा दिया।post

उधर, मृतक की मां श्रीमती शकुन्तला ताम्रकार व भाई देवेन्द्र ने आरोप लगाया कि जब भी वे धर्मेन्द्र से मिलने आएए तब-तब वह जेल अधिकारियों व एक आरक्षी पर आए दिन परेशान करने का आरोप लगाता था। शकुन्तला देवी ने बताया कि जिला कारागार में तैनात एक आरक्षी के पुत्र की कई वर्षो पूर्व हत्या हुई थी और उस हत्या में आरक्षी ने धर्मेन्द्र को आरोपी बनाया था। तभी से उक्त आरक्षी उससे रंजिश मानता था। शकुन्तला देवी ने उक्त आरक्षी पर अपने पुत्र की हत्या का बदला लेने के लिए धर्मेन्द्र की हत्या का आरोप लगाया है।

झांसी जेल में ये आत्म हत्या कोई फली नहीं है इस से फले भी कई कैदी आत्म हत्या कर चुके है मगर जेल प्रशासन कैदियों को मानसिक तनाव का कारण बताते है मगर विचार करने की बात ये है की जेल में बन्द कैदी मानसिक तनाव में कियो आ जाते है क्या उन्हें परेशान किया जाता है ? क्या उनसे पैसे की बसूली की जाती है घ् ये सवाल है जिनका जबाब जेल प्रशासन पर नही है ।

Manoj Arya
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Ph-09415060119

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थाने में आत्महत्या, थाना प्रभारी सहित 5 निलंबित

Posted on 14 January 2010 by admin

दतिया-मध्य प्रदेश के दतिया में पुलिस हिरासत में आत्महत्या के मामले में थाना प्रभारी सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर, न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुम्बई में वकील रेखा थोराट के यहां हुई डकैती के मामले में मुम्बई पुलिस ने दतिया के अन्नू पठान और अकील को हिरासत में लिया था। मंगलवार को रात हो जाने के कारण मुम्बई पुलिस ने दोनों आरोपियों को बड़ौनी थाने के सुपुर्द कर दिया था। इन दोनों आरोपियों ने देर रात को लॉकअप में ही फांसी लगा ली। इसमें अन्नू पठान की मौत हो गई और अकील की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस हिरासत में फांसी लगाने की खबर मिलते ही बुधवार को दोनों आरोपियों के परिजन गुस्से में आ गए और उन्होंने बड़ौनी थाने पर पथराव कर दिया, इससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालात तनावपूर्ण होने पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

दतिया के कलेक्टर एम.बी. ओझा ने बताया कि इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही थाना प्रभारी नरेंद्र साहू और 4 अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

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मासूमों के हलक में जबरन उड़ेल दी शराब

Posted on 02 January 2010 by admin

नए साल का जश्न जहां पर पूरा देश बड़े ही धमाकेदार अंदाज में मना रहा था तो दूसरी तरफ दो मासूमों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। हुआ कुछ इस तरह की चित्रकूट में नए साल के जश्न में एक रिश्तेदार ने खुद तो जमकर शराब पी उसके बाद दो मासूमों को भी मारपीट कर शराब पिलाई।

यह शराब इतनी खराब थी कि बच्चों की हालत बेहद ही खराब हो गई जिसके बाद परिवार वालों ने इन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर इनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चित्रकूट के सीतापुर इलाके में नौ वर्ष का रामकेश और सात वर्ष का सोनू अपने कुछ मित्रों के साथ गांव में ही बेर खा रहे थे। इतने में वहां पर रामकेश का रिश्ते में चाचा वहां आ धमका। उसने सभी बच्चों को अपनी दुकान पर आने को कहा। बच्चों ने जब कारण जानना चाहा तो उसने बताया कि कच्ची शराब पिलाएंगे। इस बात को सुनते ही सोनू और रामकेश ने मना कर दिया। बच्चों के मना करने पर चाचा ने सोनू और रामकेश को जबरदस्ती अपने साथ पकड़कर दुकान पर ले जाकर उनके मुंह में कच्ची शराब की बोतल डाल दी।

निर्दयी चाचा ने एक के बाद एक बोतलें उनके मुंह में उड़ेल दी। जब देखा कि बच्चों की हालत बिगड़ रही है तो वह वहां से भाग निकला। इसके बाद बच्चों बेहाश होकर वहीं गिर पड़े। आनन-फानन में यह बात परिवार वालों को पता चली फिर बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर अब उनकी हालत ठीक बताई जा रही है।

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कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया

Posted on 27 December 2009 by admin

डिप्टी कलैक्टर ने 11 कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर अधिकारी, कर्मचारियों की उपस्थिति को देखा तो अधिकाश विभागों में अधिकारियों के अलावा कर्मचारी नदारद मिले। सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही के लिए सम्पूर्ण आख्या जिलाधिकारी को प्रस्तुत की गयी है। यह निरीक्षण प्रात: 10.25 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया गया। निरीक्षण को लेकर कार्यालयों में हड़कम्प की स्थिति रही। सर्वाधिक गैर हाजिरी सिंचाई खण्ड तृतीय में मिली। वहा पर कार्यालय अधीक्षक के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक गैर हाजिर मिले। 18 कर्मचारियों में से मात्र 3 कर्मचारी उपस्थित मिले। यही हाल जल निगम का भी रहा।

डिप्टी कलेक्टर जायसवाल ने दिशा निर्देशों के चलते कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। जल निगम कार्यालय के निरीक्षण के दौरान तीन कर्मचारियों सहित चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गैर हाजिर मिले।

इसके पहले सिंचाई निर्माण खण्ड के कार्यालय में कार्यालयाधीक्षक हरी प्रकाश श्रीवास्तव, प्रारूपकार अशोक सक्सेना व राजेश कुमार, सहायक महेन्द्र, लिपिक रूप नारायण शर्मा, भगवान दास तिवारी, हर प्रसाद वर्मा, शशिकात तिवारी, सोहन लाल शर्मा, वरुण कुमार, सहायक सील बाबू मनीराम, जगदीश तिवारी के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लक्ष्मी नारायण, हरी राम, रनर नारायण सिंह, वर्कदाज राजेश, निसार अली गैर हाजिर मिले, जबकि जल निगम कार्यालय में हरिश्चंद्र, आर.के.श्रीवास्तव, विन्ददास साहू, रामरतन, श्रीपत लाल, रवि शकर, दृगपाल अनुपस्थित थे।

जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय में निरीक्षण के दौरान सहायक लेखाकार रमाकात रावत, कनिष्ठ लिपिक आर.के.साहू, लिपिक बी.के.शर्मा, कम्प्यूटर आपरेटर सुशील चौबे, जिला समन्वयक राजीव हिगवासिया गैर हाजिर मिले। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में संजय कुमार गैर हाजिर मिले जो 29 जुलाई से लगातार अनुपस्थित है। इसी तरह से जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में महादेव प्रसाद सेन, जिला समन्वयक मध्यान्ह भोजन प्रियंका मिश्रा गैर हाजिर मिलीं। वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में महेन्द्र कुमार जैन, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, मूलचंद सफेरा गैर हाजिर मिले।

जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में निरीक्षण के दौरान नरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 21 दिसम्बर से व हरेन्द्र भटनागर 24 दिसम्बर से अनुपस्थित मिले। भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय में प्रताप सिंह निरजन, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, कमलेश कुमार श्रीवास्तव के अलावा सन्तोष तिवारी गैर हाजिर मिले। वहा पर उपस्थिति पंजिका को देखा गया तो उसमें 24 दिसम्बर से सन्तोष तिवारी अनुपस्थित पाये गये।

जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में सीताराम लिपिक 23 दिसम्बर से अनुपस्थित, डूडा कार्यालय में सहायक परियोजना अधिकारी एस.सी.अगरिया गैर हाजिर मिले, जबकि गार्ड देवी प्रसाद उपस्थित था। उप कृषि निदेशक प्रसार कार्यालय के निरीक्षण के दौरान शेर सिंह, अवध बिहारी, कल्याण चंद्र उपस्थित नहीं पाये गये। अनुपस्थित व लम्बे समय से गैर हाजिर कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी के अलावा जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी गयी है।

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चिरगांव के सेण्ट्रल बैंक लॉकर काण्ड

Posted on 18 December 2009 by admin

चिरगांव के सेण्ट्रल बैंक लॉकर काण्ड के फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस को उस समय सफलता हाथ लग गई, जब एक आरोपी की भाभी ने गिरफ्तारी के बाद अपने घर में गाड़ कर रखे गए लगभग सवा किलो सोने के जेवर बरामद करवा दिए। पुलिस पहले ही चार आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान पकड़ कर बैंक से चुराए गए माल का कुछ हिस्सा बरामद कर चुकी है। शेष तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें गैर प्रान्तों की खाक छान रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि आज मुखबिर की सूचना पर लॉकर काण्ड के एक भागे हुए आरोपी के भाई कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पचकुइयां निवासी जमील शाह के घर छापा मारा उसकी पत्‍‌नी मदीना बेगम मिल गई। मदीना से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपने घर में गैस सिलिण्डर व एक अन्य हिस्से में चोरी के जेवर गड़े होने की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने बताए गए दोनों स्थानों से कपड़े और पॉलिथीन में बांध कर गाड़े गए लगभग एक किलो 200 ग्राम सोने के जेवर बरामद कर लिए। इसके अलावा एक सोने की अंगूठी मदीना बेगम के हाथ से बरामद की, जो उक्त घटना में चुराई गई थी। एसएसपी के अनुसार बरामद किए गए जेवरों की कीमत लगभग 20 लाख 76 हजार रुपये है। पुलिस ने मदीना के खिलाफ धारा 411 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया ।

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बरामद माल को पुलिस लाइन स्थित लॉकर में रखने के निर्देश

Posted on 18 December 2009 by admin

चिरगांव सेण्ट्रल बैंक लॉकर काण्ड पुलिस की परेशानियां खत्म करने के बजाए बढ़ाता जा रहा है। घटना के तीन मुख्य आरोपी अभी तक फरार है, वहीं दूसरी ओर गिरफ्तार किए गए आरोपियों से बरामद माल को सुरक्षित रखने में पुलिस को पसीना आ रहा है।

चिरगांव के सेण्ट्रल बैंक के लॉकर काटकर चुराए गए सोने-चांदी के जेवरों व नकदी का कुछ भाग पुलिस ने अभी तक एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर बरामद कर लिया है। बरामद माल में 15 किग्रा चांदी के सिक्के, 49 किग्रा चांदी के जेवर, 2 किलो 600 ग्राम सोने के जेवर व 1 लाख 46 हजार रुपयों के साथ पुलिस ने चार आरोपी गिरफ्तार किए थे। एक आरोपी की भाभी को आज गिरफ्तार कर उसके पास से 1 किलो 200 ग्राम सोने के जेवर बरामद किए है। सोने-चांदी की इतनी बड़ी मात्रा को लॉकर धारकों को देने के बजाए मुकदमा चलने अथवा न्यायालय के अगले आदेशों तक पुलिस को सुरक्षित रखना पड़ेगा। सुरक्षित रखने के लिए कचहरी में ट्रेजरी स्थित मालखाने से बेहतर और कोई जगह नहीं मानी जाती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार ट्रेजरी के अधिकारियों व बाबुओं ने सुरक्षा के अभाव के कारण इतना सोना-चांदी व नकदी अपने मालखाने में रखने से इंकार कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने मालखाने से सहमति न मिलने पर पूरे बरामद माल को पुलिस लाइन स्थित लॉकर में रखने के निर्देश दिए है।

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बेलईमाफी ग्राम पंचायत के सरपंच को गबन के आरोप में हटाया

Posted on 18 November 2009 by admin

सागर- 50 हजार से अधिक राशि का गबन करने के आरोप में सागर जनपद की बेलईमाफी ग्राम पंचायत के सरपंच निन्नी धानक को एसडीएम अरुण परमार ने पद से हटा दिया है। सरपंच पर यह कार्रवाई पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत की गई है।पिछले दो वर्षो के दौरान जिले की 95 ग्राम पंचायतों के सरपंच पंचायत राज की इस धारा के दायरे में आए हैं। ज्यादातर सरंपचों पर आर्थिक अनियमितता के मामले हैं।

ग्रामपंचायत बेलईमाफी के सरपंच ने 50824 रुपए का गबन किया था। इसमें 19014 रुपए नकद, 5.76 क्विंटल गेहूं एवं 33.08 क्विंटल चावल शामिल हैं। जिसे सरंपच नियम विरुद्ध ढंग से अपने पास रखे हुए था। इसके अलावा उसने प्राइमरी स्कूल में सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष के निर्माण में भी लापरवाही की थी।

जनपद पंचायत सीईओ आरके दीक्षित की रिपोर्ट पर सरपंच के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में मामला दर्ज हुआ था। सरपंच पर तत्कालीन पंचायत सचिव कृष्णमुरारी को अभिलेख न देने का भी आरोप है। इसी मनमानी के चलते पंचायत में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम नहीं हुए, साथ ही पंचायत के लोगों को आम आदमी बीमा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जनश्री बीमा योजना और इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं मिला था। इस कारण एसडीएम द्वारा सरपंच को पद के अयोग्य मानते हुए अलग किया गया है। इन आरोपों के चलते निन्नी धानक छह साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेगा।

एसडीएम अरुण परमार ने जनपद पंचायत के सीईओ को निर्देश दिए हैं कि वे सरपंच से 50824 रुपए की वसूली करने के लिए प्रस्ताव कोर्ट में दें। इसके अलावा अधूरे कार्यो को पूर्ण कराएं। पंचायत के कामकाज करने के लिए हटाए गए सरपंच की जगह स्थानापन्न सरपंच को मिलेगी। यह कार्रवाई15 दिन के भीतर होगी। इसमें आरक्षित वर्ग के किसी एक पंच को स्थानापन्न सरपंच चुना जाएगा।

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कालाबाजारी के लिए जा रहा चावल गेंहू पकड़ा

Posted on 18 November 2009 by admin

सिरसा कलार थाना क्षेत्र में ग्राम जहटौली के पास कालाबाजारी के लिए ट्रैक्टर ट्राली में लादकर ले जाए जा रहे सरकारी कोटे के गेंहू और चावल को पूर्ति निरीक्षक और पुलिस टीम ने पकड़ लिया। ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया गया है।

गरीबों के लिए आने वाले गेंहू चावल को कोटदार अपने फायदे के लिए गांव में वितरित न कर कालाबाजारी कर रहे हैं। सोमवार को खाद्यान्न लदे ट्रैक्टर ट्राली के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पोल खुल गई। मिसुरपुरा गांव से कोटे का 13 कुंटल चावल और 16 कुंटल गेहूं ट्रैक्टर ट्राली में लादकर औरैया के बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।

जहटौली निवासी मुन्ना पांडेय का ट्रैक्टर इसके लिए भाड़े पर लिया गया था लेकिन खाद्यान्न बिकने के लिए औरया पहुंचता इससे पहले ही गांव वालों को इसकी भनक लग गई और उन लोगों ने एसडीएम कालपी को इसकी खबर कर दी जिसके बाद एसडीएम ने तत्काल क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। सिरसा कलार थानाध्यक्ष सुनीत कुमार सिंह को भी इसके बारे में बताया गया। खबर मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर चावल और गेंहू लदे उक्त ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया। माल की बरामदगी होने के बाद पूर्ति निरीक्षक ने संबंधित कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है। पहले भी उक्त कोटदार द्वारा कोटे का चावल और गेहूं बेचने की शिकायत आ चुकी है लेकिन सटीक सूचना पहली बार मिली और माल पकड़ लिया गया।

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टड़ा सहकारी समिति की एफआईआर दर्ज होगी

Posted on 16 November 2009 by admin

सागर- सहकारिता विभाग ने सहकारी संस्थाओं में आर्थिक गड़बड़ी पर लगाम लगाने के लिए एफआईआर का सहारा लिया है। इसके तहत टड़ा सहकारी समिति में विशेष आडिट के दौरान उजागर गबन मामले में कोऑपरेटिव बैंक द्वारा आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इससे पहले इस संस्था के विरुद्ध लोकायुक्त द्वारा कार्रवाई की गई थी। जिसमें वर्ष 97-98 के दौरान हुए गबन के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर हुई थी। सहायक पंजीयक राजेश क्षत्री का कहना है कि इस सहकारी संस्था में पिछले 10 वर्षो के दौरान भारी आर्थिक अनियमितता हुई है। यह गड़बड़ी विशेष आडिट में सामने आ रही है। वर्ष 98-99 के आडिट से स्पष्ट हुआ है कि संस्था में बड़े स्तर पर गबन हुआ है।

जिन सहकारी संस्थाओं में सहकारिता की शर्तो का पालन नहीं हो रहा है उनके खिलाफ सरचार्ज का मामला बनाया जाएगा। इससे वे कार्रवाई के दायरे में आएंगी। सभी सहकारी समितियों के कामकाज पर विभाग नजर रखे हुए है।

अन्य समितियों के आडिट में आर्थिक गड़बड़ी विभाग की पकड़ में आई है। संस्थाओं पर सरचार्ज की कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने का सिलसिला टड़ा की समिति से शुरू हुआ है। फिलहाल इस संस्था का वर्ष 2000 के बाद के वर्षो का आडिट किया जा रहा है। 1339 प्राथमिक सहकारी संस्थाओं में से 550 संस्थाओं के आडिट हुए हैं। 31 मार्च तक सभी संस्थाओं के आडिट करने का लक्ष्य है।

लोकायुक्त कार्रवाई के दायरे में-को-ऑपरेटिव बैंक के महा प्रबंधक ज्ञानेन्द्र पांडे ने बताया है कि टड़ा समिति में गबन मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के लिए जरूरी दस्तावेज केसली थाने में जमा किए है। यह प्रक्रिया लोकायुक्त कार्रवाई का एक हिस्सा है।

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उत्तर प्रदेश पुलिस का कारनामा दो साल पहले मर चुके व्यक्ति पर मिनी गुंडा एक्ट

Posted on 15 November 2009 by admin

प्रदेश की पुलिस पर अपने गुर्गो के कहने से आंख मूंदकर लोगों पर कार्रवाई करने के आरोप लगते रहते है जिसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय से लेकर मानवाधिकार आयोग तक यहां की पुलिस की फजीहत कई बार कर चुका है। फिर भी पुलिस है कि सुधरती नहीं।

पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ मिनी गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी जिसकी 2 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। अब इसकी जांच होगी।बताया जाता है कि जालौन जिले के माधौगढ़ गांधी नगर निवासी मनोज कुमार राठौर पुत्र राम नारायण राठौर के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट और लूट का मुकदमा कायम हुआ था। इसी बीच उसने किसी बात पर डाई पी ली और 14 अक्टूबर 07 को अस्पताल में उसकी मौत हो गयी। लूट के मुकदमे में अदालत में परिजन उसका मृत्यु प्रमाण पत्र पेश कर चुके है। हालांकि माधौगढ़ थानाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह अभी तक उसे जिंदा रखे हैं। इसी कारण निरोधात्मक कार्रवाई का लक्ष्य पूरा करने के लिये 30 अक्टूबर को मिनी गुंडा एक्ट के तहत उसका चालान भेज दिया। 12 नवंबर को जारी 50 हजार रुपये का मुचलका भरने का एसडीएम का समन जब मृतक के घर पहुंचा तो घर वाले स्तब्ध रह गये। अपर पुलिस अधीक्षक को जब बताया तो उन्होंने इस लापरवाही की जांच कराने की कार्रवाइ शुरू की।

vikas sharma

Beuro chief

(bundelkhandlive.com) JHANSI OFFICE

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