कुदरत  का  कहर  क़यामत  के  आने   की  दस्तक  है  पानी  ही  पानी. इस से भी ख़राब हालात होंगे २०१२ में   ये परिणाम है  कुदरत से खिलबाड़ का........ “Plant Trees to Save Environment” , *खाकी वर्दी वालो के कारनामे-जनता की जुवानी * सफेद कुर्ते वाले नेताओ के कारनामे-जनता की जुवानी "bundelkhandlive.com" पर, आप के पास है कोई जानकारी तो आप भी बन सकते है सिटी रिपोर्टर हमें मेल करे editor@upnewslive.com पर या 09415060119 फ़ोन करे , SPC मीडिया ग्रुप पेश करते है <UPNEWS>मोबाईल sms न्यूज़ एलर्ट के लिए अगर आप भी कहते है अपने और प्रदेश की खबरे अपने मोबाईल पर तो अपना <नाम-, पता-, अपना जॉब,- शहर का नाम, - टाइप कर 09415060119 पर sms, प्रदेश का पहला हिन्दी न्यूज़ पोर्टल जिसमे अपने प्रदेश की खबरें सरकार की योजनाएँ,प्रगति,मंत्रियो के काम की प्रगति www.upnewslive.com पर

Archive | शिक्षा

नौनिहालों के कंधों पर बस्ते का वजन

Posted on 02 July 2010 by admin

शासन के अनुसार नौनिहालों के कंधों पर बस्ते का कम से कम वजन होना चाहिए, लेकिन अधिकतर स्कूलों में पीने का पानी उपलब्ध न होने से एक से किलो की बोतल का अतिरिक्त वजन सहन करना पड़ रहा है।

भीषण गर्मी और उमस के बीच गुरुवार से शासकीय स्कूलों में नियमित कक्षाएं लगाने का क्रम शुरू हो जाएगा। लेकिन हैरानी इस बात की है कि जिले के अधिक शासकीय स्कूलों में बच्चों को प्यास बुझाने के लिए कोई इन्तजाम नहीं है।
एक ओर शासन अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून पारित कर शतप्रतिशत बच्चों को स्कूलों तक लाने के लिए तमाम प्रयास कर रहा है तो दूसरी ओर मानव विकास संसाधन विभाग बच्चों के बस्तों को बोझ कम करने का। लेकिन हो ठीक विपरीत रहा है। स्कूल पहुंचे बच्चे स्कूलों में प्यास बुझाने का इन्तजाम न होने के कारण पानी पीने के बहाने घर भाग लेते है तो जो पढऩा चाहते है, वह एक से डेढ़ किलो बोझ अतिरिक्त ले जाने के लिए मजबूर है।

एक सैकड़ा स्कूलों के पास नहीं पानी का कोई इन्तजामरू शासकीय स्कूलों में पीने के पानी के इन्तजाम की बात करें तो जिले के एक सैकड़ा से अधिक स्कूल ऐसे है, जहां पर पीने के पानी का कोई इन्तजाम नहीं है। यानि ऐसे स्कूलों को आसपास भी पानी की सुविधा नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों में शिक्षक भी पानी आस-पड़ोस से मंगवाने के लिए मजबूर होते है।

ग्रामीण क्षेत्र हो या फिर शहरी स्कूलों में शिक्षक अपनी प्यास बुझाने के लिए मटकों का इन्तजाम तो कर लेते हैए लेकिन इन्हें भरने का काम बच्चों को करना होता है। स्कूल के पास लगे हैण्डपंप या फिर कुएं से पानी लाने की जिम्मेदारी बच्चों के कंधों पर होती है। इस पर भी बच्चों की प्यास बुझाने के लिए स्कूलों में कोई इन्तजाम नहीं किए जाते।

Vikas Sharma
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ऑक्सीजन के बिना जीने वाले जीव

Posted on 02 July 2010 by admin

वैज्ञानिकों ने पहली बार ऐसे जीवों की खोज की है जो बिना ऑक्सीजन के जी सकते हैं और प्रजनन कर सकते हैं। ये जीव भूमध्यसागर के तल पर मिले हैं। इटली के मार्श पॉलीटेकनिक विश्वविद्यालय में कार्यरत रॉबर्तो दोनोवारो और उनके दल ने इन कवचधारी जीवों की तीन नई प्रजातियों की खोज की है। दोनोवारो ने बीबीसी को बताया कि इन जीवों का आकार करीब एक मिलीमीटर है और ये देखने में कवच युक्त जेलीफ़िश जैसे लगते हैं। प्रोफेसर रॉबर्तो दोनोवारो ने कहा, ये गूढ़ रहस्य ही है कि ये जीव बिना ऑक्सीजन के कैसे जी रहे हैं क्योंकि अब तक हम यही जानते थे कि केवल बैक्टीरिया ऑक्सीजन के बिना जी सकते हैं। भूमध्यसागर की ला अटलांटा घाटी की तलछट में जीवों की खोज करने के लिए पिछले एक दशक में तीन समुद्री अभियान हुए हैं। इसी दौरान इन नन्हे कवचधारी जीवों की खोज हुई।यह घाटी क्रीट द्वीप के पश्चिमी तट से करीब 200 किलोमीटर दूर भूमध्यसागर के भीतर साढ़े तीन किलोमीटर की गहराई में हैए जहां ऑक्सीजन बिल्कुल नहीं है।

नए जीवों के अण्डे प्रोफेसर दानोवारो ने बीबीसी को बताया कि इससे पहले भी बिना ऑक्सीजन वाले क्षेत्र से निकाले गए तलछट में बहुकोशिकीय जीव मिले हैं लेकिन तब ये माना गया कि ये उन जीवों के अवशेष हैं जो पास के ऑक्सीजन युक्त क्षेत्र से वहां आकर डूब गए। प्रोफ़ैसर दानोवारो ने कहा हमारे दल ने ला अटलांटा में तीन जीवित प्रजातियां पाईं जिनमें से दो के भीतर अण्डे भी थे। हलांकि इन्हें जीवित बाहर लाना सम्भव नहीं था लेकिन टीम ने जहाज पर ऑक्सीजन रहित परिस्थितियां तैयार करके अण्डो को सेने की प्रक्रिया पूरी की। उल्लेखनीय है कि इस ऑक्सीजन रहित वातावरण में इन अण्डों से जीव भी निकले। दानोवारो ने कहा यह खोज इस बात का प्रमाण है कि जीव में अपने पर्यावरण के साथ समायोजन करने की असीम क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के समुद्रों में मृत क्षेत्र फैलते जा रहे हैं जहां भारी मात्रा में नमक है और ऑक्सीजन नहीं है। स्क्रिप्स इंस्टिट्यूशन ऑफ ओशनोग्राफी की लीसा लेविन कहती हैंए अभी तक किसी ने ऐसे जीव नहीं खोजे जो बिना ऑक्सीजन के जी सकते हों और प्रजनन कर सकते हों। उन्होंने कहा कि पृथ्वी के समुद्रों के इन कठोर परिवेशों में जाकर और अध्ययन करने की जरूरत है। इन जीवों की खोज के बाद लगता है कि अन्य ग्रहों पर भी किसी रूप में जीवन हो सकता है जहां का वातावरण हमारी पृथ्वी से भिन्न है।

Vikas Sharma
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शादी अनुदान योजना में आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत वितरण 30 जून तक

Posted on 11 June 2010 by admin

शैक्षणिक संस्थानों के मास्टर डाटा 15 जुलाई तक तैयार करें

मान्यता प्राप्त मदरसों की सूची एक सप्ताह में उपलब्ध कराये

अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के महा प्रबन्धक लेखा श्री मसउद अख्तर को प्रतिकूल प्रविष्टी
-अनीस अहमद खॉं
लखनऊ -   उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज राज्य मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री अनीस अहमद खॉं उर्फ फूल बाबू ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अल्पसंख्यक छात्र/छात्राओं की छात्रवृत्ति का वितरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर कराये। उन्होंने कहा कि शादी अनुदान की धनराशि का वितरण भी 30 जून तक कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र/छात्राओं के शैक्षिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।

अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज राज्य मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री अनीस अहमद खॉं उर्फ फूल बाबू आज यहां तिलक हाल में विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान यह बात कहीं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र/छात्राओं में शिक्षा के प्रति रूझहान बढ़ा है। इसका परिणाम देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत वर्ष 2008-09 में 30 लाख छात्रों को लाभािन्वत किया गया था जो वर्ष 2009-10 में बढ़कर 34 लाख छात्र लाभािन्वत हुए इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत वर्ष 2008-09 में 1.19 लाख छात्र/छा़त्राओं को लाभािन्वत किया था जो वर्ष 2009-10 में बढ़कर 1.44 लाख हो गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार छात्रवृत्ति वितरण की तैयारी पूर्व से ही कर लें। उन्होंने बताया कि समस्त शैक्षणिक संस्थानों में 31 अक्टूबर तक प्रवेश के लिये जायेंगे और छात्रवृत्ति हेतु मांग पत्र वर्ष में दो बार में प्रस्तुत किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि गत वर्ष से उत्तीर्ण होकर अगले कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्र/छात्राओं के मांग पत्र 15 अगस्त तक तथा नये छात्र/छात्राओं के प्रवेश होने पर उनके मांग पत्र 30 नवम्बर तक ही लिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित तिथियों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर लें कि शैक्षणिक संस्थाओं के मास्टर डाटा 15 जुलाई तक बना लिया जाये ताकि कोई पात्र संस्था छूटने न पाये तथा कोई गलत संस्था जो चालू नहीं हैं वह मास्टर डाटा में सम्मिलित न होने पाये।

श्री खान ने कहा कि प्रदेश में मान्यता प्राप्त मदरसों का विवरण रखने के उद्देश्य से निर्धारित प्रारूप पर एक सप्ताह में सूचना निदेशालय को प्रेषित कर दिया जाये, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्य समुदाय के गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों की पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान योजना के अन्तर्गत 6 करोड़ रुपये आवंटित की गई है। जिसमें मात्र 01 करोड़ रुपये व्यय किये गये गये हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर शादियॉं मई-जून में ही होती हैं। उन्हें समय से धनराशि मिल सके यही योजना का मुख्य उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि आवंटित धनराशि प्रत्येक दशा में पात्र परिवार के पुत्रियों को 30 जून तक उपलब्ध करा दिये जाये।  अल्पसंख्यक वर्ग के युवक/युवतियों को नगरी क्षेत्रों में स्वरोजगार स्थापित कराने हेतु उ0प्र0 अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम द्वारा संचालित “मान्यवर श्री काशी राम जी अल्पसंख्यक रोजगार योजना´´ की समीक्षा में प्रगति ठीक न होने पर महाप्रबन्धक लेखा श्री मसउद अख्तर को प्रतिकूल प्रविष्टी अंकित करने के निर्देश दिये।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक एवं वक्फ श्री बी.एम.मीना एवं विशेष सचिव श्री विमल चन्द्र श्रीवास्तव, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण श्री शहाबुद्दीन, समस्त जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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कैंपस इंटरव्यू में चयनित हुए ग्रामोदय के 26 विद्यार्थी

Posted on 27 March 2010 by admin

चित्रकूट -  मध्य प्रदेश शासन के आधीन चल रही एम पी डी आई पी द्वारा आयोजित किए गए कैंपस इंटरव्यू में चित्राकूट ग्रामोदय विवि के 26 विद्यार्थियों को चयनित किया गया है।

महात्मा गांधी चित्राकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के ग्रामीण विकास एवं प्रबंधन संकाय अधिष्ठाता डा. आर सी सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के आधीन संचालित मध्य प्रदेश जिला गरीबी हटाओ परियोजना द्वारा मार्च के प्रथम सप्ताह में भोपाल में कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया गया था। जिसमें एमबीए ग्रामीण प्रबंधन, एमबीए लघु व्यवसाय प्रबंधन, एम ए ग्रामीण विकास तथा एमएस डब्ल्यू के 26 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। उन्होंने बताया कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन सभी की नियुक्तियां कर दी जाएंगी। विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. ज्ञानेन्द्र सिंह ने एक साथ 26 विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त की गई सफलता पर सभी को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे मैन पावर तैयार करने के लिए प्रयासरत है जो मध्यप्रदेश और पूरे भारत की आवश्यकतानुसार ग्रामीण प्रबंधन के लिए बेहतर काम कर सके।

श्री गोपाल
09839075109
bundelkhandlive.com

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कुलपति कार्यालय में अंडे,झंडे और चूड़ियां फेंककर प्रदर्शन

Posted on 12 January 2010 by admin

सागर- डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोमवार को प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति कार्यालय के समीप अंडे, काले झंडे और चूड़ियां फेंककर छात्र नेताओं व विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया।

संगठन प्राइवेट परीक्षा के फॉर्म विवि में भी जमा कराने एवं छात्रों की अन्य समस्याओं को लेकर कुलपति को ज्ञापन देना चाहता था। एक घंटा से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद भी कुलपति ज्ञापन लेने नहीं आए तो छात्र नेताओं एवं विद्यार्थियों के सब्र का बांध टूट गया। नारेबाजी करते हुए उन्होंने कुलपति कार्यालय के समीप अंडे, काले झंडे और चूड़ियां फेंकी। इस समय प्रशासनिक भवन के बाहर पुलिस यह नजारा देखती रही।

दोपहर 12 बजे एनएसयूआई के अभिषेक दुबे, प्रियंकर तिवारी,अ.भा.वि.प. के आशीष चतुर्वेदी, सौरभ मिश्रा सहित अन्य छात्र संगठनों के नेता सर्वदलीय विवि बचाओ संगठन के बैनर तले आर्ट कैंटीन के समीप एकत्र हुए। यहां से हाथों में काले झंडे लहराते हुए मुख्य प्रशासनिक भवन की ओर बढ़े। रास्ते में कुलपति के खिलाफ नारेबाजी भी की। मुख्य प्रशासनिक भवन में पहुंचने पर यहां स्थित कुलपति कार्यालय के समीप का चैनल गेट बंद था। जिससे यह सभी यहीं ठहर गए और नारेबाजी करने लगे।

कुछ देर बाद छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. यूएस गुप्ता चर्चा करने आए। छात्र नेताओं का कहना था कि वह कुलपति से ही चर्चा करके उन्हें ज्ञापन देंगे। प्रो. गुप्ता कुलपति चैंबर में गए। लगभग 20 मिनट तक जब वह बाहर नहीं आए तो छात्र नेताओं ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। अंतत: एक घंटे बाद भी कुलपति ज्ञापन लेने नहीं आए तो अंडे, काले झंडे और चूड़ियां फेंककर चले गए।

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सर्दी अधिक होने के कारण स्कूल चार दिनों के लिए बंद

Posted on 12 January 2010 by admin

ग्वालियर-जबरदस्त ठंड के कारण जिले के सरकारी व प्राइवेट प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में 13 जनवरी से चार दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है। स्कूल अब 18 जनवरी को खुलेंगे। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में छुट्टी का आदेश मंगलवार दोपहर को जारी कर दिया।

सुबह घना कोहरा और कंपकंपा देने वाली सर्दी से स्कूल जाने वाले बच्चे परेशान हैं। इस कारण सुबह की पाली में लगने वाले सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में छात्र संख्या घटती जा रही है। दिन में भी हवा के कारण शीतलहर चल रही है, इससे बच्चे कक्षाओं में ठिठुर रहे हैं। सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने सर्दी अधिक होने के कारण स्कूलों में अवकाश घोषित करने की मांग कलेक्टर से की थी।

कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी डी.आर.ज्ञानानी को सर्दी अधिक होने के कारण स्कूलों में अवकाश घोषित करने को कहा। इसके बाद सभी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में 13 जनवरी से 16 जनवरी तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया। अब स्कूल 18 जनवरी सोमवार को खुलेंगे। चार दिन के इस विशेष अवकाश की सूचना सभी स्कूल संचालकों को दे दी गई है।

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राष्ट्रीय भारतीय सैन्य विद्यालय देहरादून में प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत

Posted on 12 January 2010 by admin

लखनऊ - राष्ट्रीय भारतीय सैन्य विद्यालय देहरादून में प्रवेश के इच्छुक छात्र जनवरी 2011 के सत्र के लिए अपना आवेदन पत्र 31 मार्च 2010 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा 01 व 02 जून 2010 को राजकीय जुबिली इण्टर कालेज निकट सिटी स्टेशन लखनऊ में होगी।

यह जानकारी उपशिक्षा निदेशक श्री गणेश कुमार ने आज यहॉ दी। उन्होंने बताया कि परीक्षा में प्रवेश के लिए छात्र की आयु 01 जनवरी 2011 को 11 वर्ष 06 माह से कम और 13 वर्ष से अधिक अर्थात उम्मीदवार का जन्म 2 जनवरी 1998 से पहले और 01 जुलाई 1999 के बाद नहीं होना चाहिए। प्रवेश के समय छात्र किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में सातवीं कक्षा में अध्ययनरत हो, या वह सातवीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुका हो।

आवेदन पत्र की प्रतियां प्रश्नपत्रों के सेट के साथ मंगाने पर केवल 250.00 (दो सौ पचास रूपये) का बैंक ड्राट ´´कमाण्डेन्ट राष्ट्रीय भारतीय सैन्य विद्यालय देहरादून´´ स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया तेल भवन, बैंक कोड नं0 01576 देहरादून के नाम से प्रेषित कर प्राप्त किये जा सकते हैं। आवेदन पत्र केवल राष्ट्रीय भारतीय सैन्य विद्यालय का ही मान्य होगा।

आवेदन पत्र के साथ सामान्य उम्मीदवार आवेदन पत्र की दो प्रतियॉ एवं रूपया 50.00 (पचास रूपया) का बैंक ड्राट, एवं अनुसूचित जाति तथा जनजाति के उम्मीदवार रूपया-05 (पॉच रूपये) का बैंक ड्राट कमाण्डेन्ट राष्ट्रीय सैन्य विद्यालय देहरादून, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, तेल भवन, बैंक कोड नं0 01576 देहरादून के नाम हो प्रेषित करेंगे।

आवेदन पत्र के साथ उम्मीदवार के तीन पासपोर्ट आकार के फोटो, सत्यापित प्रमाण पत्र एवं नाम पता लिखा पंजीकृत डाक टिकट लगा लिफाफा संलग्न कर 31 मार्च 2010 तक रजिस्टर्ड अथवा स्पीड पोस्ट/कोरियर द्वारा उपशिक्षा निदेशक (मा0) षष्ट मण्डल शिक्षा भवन 58 जगतनारायण रोड लखनऊ-3 के कार्यालय में पहुंच जाना चाहिए। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार जाति प्रमाण-पत्र एवं अन्य सभी उम्मीदवारों को माता-पिता के उत्तर प्रदेश के निवासी होने का प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा। अन्तिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
राजसदन 120/132 बेलदारी लेन, लालबाग, लखनऊ
मो0 9415508695

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दो वर्षो मे तीसरे कुलपति की नियुक्ति

Posted on 08 January 2010 by admin

राम भद्राचार्य विकलांग विश्व विद्यालय के कुलाधिपति ने वर्तमान कुलपति प्रो. यस.एन.दूबे को पद से निस्कासित कर बी पांडे को नया कुलपति नियुक्त कर दिया |

राम भद्राचार्य विकलांग विश्व विद्यालय मे अगस्त 2007 के बाद बी पांडे तीसरे कुलपति नियुक्त हुए है | प्रो. यस.एन.दूबे के पूर्व प्रो.राम देव सिंह जी यहाँ पर कार्यवाहक कुलपति के रूप मे रहें है |

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सशक्तिकरण का पहला अध्याय पंगु, फिर भी महिलाएं आगे आ रही है

Posted on 07 January 2010 by admin

जिले के ज्यादातर बालिका माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापक ही नहीं। बावजूद उसके आधी आबादी के उन्नयन का अभियान जारी है। तमाम महिलाएं घर की चार दिवारी लांघ समाज में अपनी हैसियत साबित कर रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित महिला सेल और गुलाबी गैंग भी इसमें कारगर सहयोग कर रही है। एसपी मंजिल सैनी खुद अपने आप में एक मिशाल है। बदलाव का परिणाम है कि तमाम महिलाएं नौकरी के अलावा व्यापार कर रही है,महिलाएं सामाजिक संस्थायें भी संचालित कर रही है।

सशक्तिकरण का पहला अध्याय शिक्षा को माना जाये तो यह यहां पूरी तरह पंगु है। जिले के आधा दर्जन बालिका माध्यमिक विद्यालयों में मानक के अनुसार अध्यापक न होने से शिक्षा पूरी तरह चौपट है। इस क्षेत्र में पनवाड़ी और जैतपुर के बालिका इंटर कालेज महज एक अध्यापक के सहारे संचालित हो रहे है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस कमी को दूर करने के लिए शासन को दर्जनों पत्र लिखे। इसके बावजूद एक भी नियुक्ति नहीं हो सकी। इस अव्यवस्था के बाद भी नारी सशक्तिकरण का अभियान दिनों दिन प्रगति में है। जिले में एक सैकड़ा से ज्यादा महिलाएं स्वयं की समाज सेवी संस्थाएं अथवा व्यापार चला रही है। इस पिछड़े जिले में भी बाइक चलाने वाली बालिकाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी की निर्भीक कार्य शैली हजारों महिलाओं के समाने सशक्तिकरण की बेहतर मिशाल है। पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी के द्वारा गठित महिला सेल नारी उत्पीड़न के मामलों में कारगर हथियार साबित हुआ है। बीते दो माह में एक सैकड़ा से ज्यादा मामलों का निस्तारण कर इस सेल ने कीर्तिमान स्थापित किया है। गुलाबी गैंग भी महिलाओं को समाज में सम्मान का स्थान दिलाने को सक्रिय है। गैंग की जिलाध्यक्ष सुमन सिंह ने अपनी लाबी के बल पर आधा दर्जन विजातीय प्रेमी युगलों की शादी करा समाज को नारी सशक्तिकरण का बेहतर संदेश दिया है। सरकारी तौर पर किशोरी शक्ति योजना व जननी सुरक्षा के जरिये महिलाओं के प्रति सामाजिक सोच में बदलाव लाने का क्रम निरन्तर जारी है। इससे यह उम्मीद की जाती है कि आधी आबादी के उन्नयन का यह अभियान 2010 में और कारगर होकर अपनी पहचान बनायेगा।

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आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक दल ने देखी शैक्षिक गतिविधियां

Posted on 06 January 2010 by admin

आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के शिक्षकों और विद्यार्थियों का एक शैक्षणिक दल मंगलवार को महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ज्ञानेंद्र सिंह ने भ्रमण पर आये अमेरिकी छात्र-छात्राओं को जानकारी दी कि यह देश का पहला ग्रामीण विवि है। यहां अध्ययन और शोध करने वाले प्रत्येक विद्यार्थीं को गांव से जोड़ना पड़ता है। अभी हाल ही में सस्केचवान यूनिवर्सिटी कनाडा के साथ हुये समझौते के तहत दोनो विश्वविद्यालयों के छात्र एवं शिक्षक एक दूसरे के यहां अध्ययन-अध्यापन और शोध कार्य के लिये आ,जा सकेंगे।

कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि यहां की हर्बल औषधियों का अभिलेखीकरण करके नई परियोजनायें स्थापित की जा सकती हैं। जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। प्रो. सिंह ने बताया कि आठ से दस फरवरी के बीच ग्रामोदय विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार करने जा रहा है। जिसमें अनेक देशों के वृद्ध आयेंगे। ग्रामोदय विवि की प्रबंध मंडल की सदस्य एवं उद्यमिता विद्यापीठ की निदेशक डा. नंदिता पाठक की अगुवाई में मंगलवार को इस दल में विवि जाकर गतिविधियों को देखा। दल के साथ आई सीनियर प्रोफेसर डा. एमी बटलर ने आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान अमेरिकी छात्रों ने बताया कि अत्यधिक गरीब समुदाय में शिक्षा, युवाओं में नशा, पति-पत्नी के मध्य तलाक के चलते छोटे बच्चों के पालन-पोषण में समस्याओं के समाधान के लिये समाज कार्य के विद्यार्थी रास्ता ढूंढ रहे हैं। इस मौके पर डा. अमिताभ वशिष्ठ, विनीत श्रीवास्तव, डा. चित्रा, प्रो. शिवराज सिंह सेंगर, डा. कुसुम सिंह, डा. सिद्धार्थ शर्मा, डा. विनोद शंकर सिंह, डा. राजेश कुमार त्रिपाठी, डा. अजय चौरे व अखिलेश शिवहरे आदि मौजूद रहे।

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