Posted on 11 January 2010 by admin
लखनऊ- प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने विभागीय अधिकारियों को गन्ना घटतौली रोकने के लिए अपने स्तर से तत्काल प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देंश दिये हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे गन्ना मूल्य पाकर किसान इस वर्ष कहीं बीज गन्ना भी न बेच दें, अत: आगामी सीजन के लिए हर सम्भव उपाय करके बीज गन्ना रोकने के भी प्रभावी उपाय एवं कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि आगामी गन्ना पेराई सीजन में गन्ना क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए गन्ना किसानों को हर सम्भव प्रोत्साहन दिया जाये ताकि देश में चीनी की कमी से उत्पन्न स्थिति का सामना करने में मदद मिल सके। गन्ना मंत्री आज यहां प्रदेश भर से आये वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी उद्योग श्री नेतराम ने इस अवसर पर अधिकारियों से कहा कि वे घटतौली रोकने के साथ साथ बिना हिसाब-किताब के गन्ना खरीद पर अंकुश लगायें तथा प्रतिदिन इसकी समीक्षा भी करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामले पकड़े जाने पर तुरन्त एफ0आई0आर0 दर्ज कराते हुए एक सप्ताह में परिणाम से अवगत करायें। उन्होंने निर्देंश दिये कि बीज उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाये तथा गन्ना किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि अधिकारी अधिक से अधिक क्षेत्र भ्रमण करें तथा गन्ना रकबा बढ़ाने के हर सम्भव उपाय अपनाये जायें।
प्रदेश के गन्ना आयुक्त श्री सुधीर महादेव बोबडे ने बैठक में बताया कि वर्तमान पेराई सत्र में कुल 127 चीनी मिलें कार्यरत हैं, जिन्होंने 7 जनवरी तक 214.70 लाख टन गन्ना पेरकर 18.85 लाख टन चीनी का उत्पादन कर लिया है। अब तक सहकारी क्षेत्र की छ: तथा राज्य चीनी निगम की 3 चीनी मिलें गन्ना पेर कर बन्द हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 2909 करोड़ रूपये देय गन्ना मूल्य के सापेक्ष 3558 करोड़ रूपये का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को कराया जा चुका है। किसानों को इस वर्ष अिग्रम के रूप में भुगतान हो रहा है।
गन्ना आयुक्त ने बताया कि बसन्त कालीन गन्ना बुवाई के लिए बीज गन्ना बचाने हेतु किसानों को भरपूर मात्रा में बीज गन्ना उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रभावी रणनीति अपनायी जा रही है। आगामी बुवाई सीजन के लिए पूर्वी उ0प्र0 में 10 प्रतिशत, मध्य उ0प्र0 में 15 प्रतिशत तथा पश्चिम उ0प्र0 में 5 प्रतिशत गन्ना क्षेत्रफल बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास योजनाओं की गति और तेज की जा रही है। इस वर्ष 267 खाण्डसारी इकाईयां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक गन्ना घटतौली रोकने के लिए 4305 निरीक्षण किये गये जिसमें 125 गंभीर किस्म की अनियमितताएं पकड़ी गयीं। कुल 116 तौल लिपिकों को बखाZस्त किया गया तथा 288 मामलों में नोटिसें जारी की गयी हैं।
बैठक में निदेशक सहकारी चीनी मिल संघ श्री सी0पी0मिश्र, निदेशक गन्ना शोध परिषद डॉ0 एम0एल0शर्मा, प्रबंध निदेशक सहकारी गन्ना समिति संघ डॉ0बी0एन0सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
Posted on 21 December 2009 by admin
लगभग 19 महीने के बाद गरीबों की सुध लेते हुये कंबल, लोई और शॉल से शासन ने वैट हटा ही दिया। इस सम्बन्ध में व्यापार कर आयुक्त द्वारा जारी किया गया आदेश मुख्यालय आ गया है। आदेश आने के बाद ऊनी सामान सस्ता होने का रास्ता लगभग खुल ही गया है।
प्रदेश सरकार ने सभी प्रकार के कपड़ों पर वैट यानि वैल्यू एडिड टैक्स लगा दिया था। इनमें ऊनी कंबल, लोई और शॉल भी शामिल थे। वर्ष 2008 से प्रदेश भर के कपड़ा व्यापारियों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश कपड़ा व्यापार संगठन ने टिब्यूनल में जाकर अपील करते हुये तर्क रखा था कि देश के किसी भी राज्य में कंबल, लोई और शॉल पर वैट नहीं लगा है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह लगा दिया गया है। ट्रिब्यूनल में यह मामला जाने के बाद हुये निर्णय के अनुपालन में प्रदेश के वाणिज्य कर आयुक्त चन्द्रभान ने आदेश जारी कर इन्हे वैट से मुक्त कर दिया। बाजार से जुड़े लोगों के अनुसार इस आदेश से उन गरीबों को जरूर राहत मिलेगी, जिनके लिये ठंड से बचने का कम्बल ही सहारा होता है।
Posted on 02 November 2009 by admin
सागर -मुख्य सड़क पर दुकानें लगने से सैकड़ों लोगों के लिए आवागमन बंद हो जाता है। उपनगर रजाखेड़ी के शंकरगढ़ चौराहा से ग्राम पंचायत भवन की ओर जाने वाले मैदान में लगने वाला हाट बाजार कई लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन जाता है। लोग अपने वाहन दूसरे रास्ते से ले जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। दुकानें एवं भीड़ के कारण सड़क का पता ही नहीं चलता।
प्रत्येक रविवार एवं बुधवार को लगने वाले बाजार को ग्राम पंचायत द्वारा विकसित तो किया गया लेकिन दुकानदारों के लिए स्थाई जगह नहीं होने के कारण बाजार में अव्यवस्था फैल जाती है। शंकरगढ़ चौराहा से ग्राम पंचायत भवन एवं रेलवे क्रासिंग की ओर जाने वाले मार्ग पर कई कॉलोनियां एवं वार्ड हैं। यहां हजारों की शख्या मे लोग निवास करते हैं। इन्हें रविवार एवं बुधवार के दिन शाम को मकरोनिया-रजाखेड़ी आने-जाने के लिए रास्ता बदलना पड़ता है।
सूत्रो के अनुसार यह स्थिति दो-ढाई साल से है।शाम के समय तो यहां से चार पहिया वाहन निकल ही नहीं पाते हैं। ग्राम पंचायत को यहां के दुकानदारों को प्लेटफॉर्म बनाकर एक निर्धारित जगह देना चाहिए। इससे बाजार व्यवस्थित भी होगा और मुख्य सड़क पर दुकानें भी नहीं लगेंगी।
Posted on 31 October 2009 by admin
ग्वालियर- राज्य शासन द्वारा वैट अधिनियम में किए गए संशोधन को वापस लिए जाने का व्यापारियों ने स्वागत किया है। प्रदेश शासन ने वैट नियमों में संशोधन करते हुए दीपावली से पूर्व चालीख लाख से अधिक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को चार्टर्ड एकाउंटेंट के माध्यम से वैट ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। शासन ने ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की थी।
नए नियम से व्यापारियों में हड़कम्प मच गया था। व्यापारिक संगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व वित्त मंत्री राघव भाई से मिलकर वैट नियम में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग की थी। व्यापारियों की व्यावहारिक मांग को देखते हुए शासन ने उक्त संशोधन को वापस लेने की घोषणा की। शासन के इस निर्णय से व्यापारियों में काफी उत्साह है।
औद्योगिक संगठन चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष गोपाल दास लड्ढा, मानसेवी सचिव विजय गोयल ने कहा कि शासन ने व्यापारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए संशोधित नियम को वापस लिया है उसका चेम्बर ऑफ कामर्स व्यापारियों की ओर से स्वागत करता है। उन्होंने शासन से मांग की है कि भविष्य में वैट नियमों में संशोधन करने से पूर्व व्यापारिक संगठनों को विश्वास में लिया।
शासन ने व्यापारियों में भय का माहौल पैदा करने के लिए नया नियम लगाया था। शासन का यह निर्णय व्यापारियों को राहत प्रदान करेगा। भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कन्हैयालाल आनंद ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे व्यापारी वर्ग काफी खुश है। वैट ऑडिट रिपोर्ट को लेकर व्यापारियों ने शासन पर दबाव बनाया था। व्यापारियों की मांगों को शासन ने स्वीकार किया है।
Posted on 30 October 2009 by admin
ललितपुर- आने वाली 1 तारीख से जाखलौन रेलवे स्टेशन पर दादर-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मंजूरी मिल गयी है। मण्डलीय वाणिज्य प्रबंधक, झासी ने इस ठहराव को हरी झण्डी दिखा दी है। अस्थाई तौर पर अभी यह ठहराव एक माह के लिए ही है। अपेक्षित आमदानी होने पर यह ठहराव स्थाई हो जाएगा। दो दशकों से ठहराव की माग कर रहे क्षेत्र के लोगों में इस खबर से हर्ष की लहर दौड़ गयी है। एक्सप्रेस रोको संघर्ष समिति ने 1 नवम्बर को ट्रेन का भव्य स्वागत करने का निर्णय लिया है।
पाली व जाखलौन क्षेत्र अपनी विशिष्टताओं के लिए जाना जाता है। कस्बा पाली में चंदेलकालीन राजाओं द्वारा 9-10 वीं सदी में निर्मित विश्व प्रसिद्ध नील कण्ठेश्वर मन्दिर है। वहीं यहा से सटे स्थानों में भी दूधई, नृसिंह, पनया, चुअन जैसे दर्शनीय व पर्यटक स्थल है। दूधई पुरातत्व महत्व की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है तो नृसिंह नामक स्थान पर पहाड में ही निर्मित करीब 60 फीट ऊंची हिरण्यकश्यप का वध करते हुए भगवान नृसिंह की विशालकाय भव्य प्रतिमा है। घने जंगलों में स्थित यह स्थान अत्यंत रमणीक है। कस्बे के ही नजदीक आयुर्वेद के जनक च्यवन ऋषि का आश्रम है। यह वही ऋषि थे जिन्होंने च्यवनप्रास की खोज की थी। यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यह स्थान अब चुअन के नाम से जाना जाता है।
जाखलौन क्षेत्र में सैण्ड स्टोन व इमारती पत्थरों की खान माना जाता है। यही नहीं देवगढ़, चादपुर, जहाजपुर, दशावतार मन्दिर, रणछोर धाम जैसे दर्शनीय व पर्यटन स्थल है। ग्राम बंदरगुढ़ा में बीच बेतवा नदी में स्थित पम्प कैनाल व वहा का नजारा यहा आने वाले पर्यटकों की सारी थकान हर लेता है। देवगढ़ गुप्त कालीन स्थापत्य व मूर्तिकला का केन्द्र माना जाता है। यहा पत्थरों को इतने करीने से मूर्ति का रूप दिया गया है कि जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे ये बेजान मूर्तिया अभी बोल पडें़गी। यहा की बारीक नक्कासी देखकर सहसा विशवस ही नहीं होता। यहा का दशावतार मन्दिर भी अपनी विशिष्टताओं के कारण दूर-दूर तक विख्यात है। इन सब को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए एकमात्र रेलवे स्टेशन जाखलौन है। जहा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की माग पिछले दो दशकों से की जा रही थी। एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने से लोगों को भारी परेशानी होती थी। एक्सप्रेस रोको संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश कौंते व किसान मंच के जिलाध्यक्ष सुरेश टोंटे के नेतृत्व में युवा व क्षेत्र के सैकड़ों लोग संघर्ष कर रहे थे। यह माग कब एक आदोलन में बदल गयी इसका पता ही नहीं चला।
एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव के लिए लगातार धरना प्रदर्शन भी होते रहे। कई बार तो युवा पटरियों पर भी लेट गये व रेल को रोकने का प्रयास किया। अंतत: क्षेत्रीय लोगों की माग को जायज ठहराते हुए मण्डलीय वाणिज्य प्रबन्धक ने जाखलौन रेलवे स्टेशन पर दादर-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव को हरी झण्डी दे दी है। यह ट्रेन 1 नवम्बर से स्टेशन पर केवल एक माह के लिए ही अस्थायी तौर पर रुकेगी। इस दौरान अच्छी आमदनी होने पर रेलवे इस हाल्ट को स्थायी कर देगा। दो मिनट के लिए हो रहे इस ट्रेन के ठहराव से क्षेत्रवासियों में हर्ष की लहर दौड़ गयी है। क्षेत्रवासियों ने रेलवे अधिकारियों के अलावा उप जिलाधिकारी सदर पी.के.श्रीवास्तव व क्षेत्राधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया।
Posted on 30 October 2009 by admin
अतर्रा- प्रशासन ने धान क्रय केंद्रों में बिचौलियों को रोकने के लिए टोकन सिस्टम की रणनीति बनायी है। किसान टोकन को लेकर निर्धारित क्रय केंद्र में अपना धान बेच सरकारी दाम पा सकेगा। इस प्रक्रिया से बिचौलियों व व्यापारियों में अफरा तफरी मच गयी है।
शासन धान उत्पादक किसानों को क्रय केंद्रों के माध्यम से पूरा लाभ देने के लिए कटिबद्ध हैं। इसके लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। टोकन प्राप्त किसान ही निर्धारित क्रय केंद्रों में अपना धान बेच सकेगा। टोकन सिस्टम से बिचौलियों और किसानों के रूप में लाभ उठाने वाले व्यापारियों को रोकने की पूरी व्यवस्था की गयी है। अगर ये सिस्टम पूरी ईमानदारी से संचालित हुआ तो कोई शक नहीं कि किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। फिर भी सिस्टम में कहीं न कहीं सुराख रह ही जाता है। जो बने-बनाये सिस्टम को कंडम करने में कोई कसर नहीं छोड़ता। एसडीएम रामसहाय यादव का कहना हैं कि टोकन सिस्टम में वास्तविक धान उत्पादक किसान ही लाभ पायेंगे न कि बिचौलिये। यादव ने बताया कि तहसील क्षेत्र में दस धान क्रय केंद्र स्थापित किये गये हैं जिसमें से तीन भारतीय खाद्य निगम के हैं। पांच में पीसीएफ का क्षेत्रीय सहकारी समिति अतर्रा में, नेफेड का मंडी अतर्रा, विपणन शाखा का उपमंडी खुरहंड में, तथा नेफेड और विपणन शाखा का बिसंडा में धान क्रय केंद्र खोला गया है। इन पांचों को क्रमश: तहसील क्षेत्र के 31, 22, 23, 15 और दस ग्रामों के क्रय का अधिकार दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दो केंद्र नेफेड मंडी खुरहंड में और एग्रो मंडी अतर्रा में ऐसे रहेंगे जिसमें तहसील क्षेत्र के कहीं का भी टोकन प्राप्त किसान अपना धान बेच सकेंगे।
एसडीएम ने बताया कि लेखपालों के माध्यम से गांव-गांव धान उत्पादक किसानों का व्यौरा तैयार कराया गया है। एसडीएम ने बताया कि सर्वे पूर्ण होते ही टोकन वितरण भी लेखपालों के माध्यम से करा क्रय केंद्रों में खरीद शुरू करा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सिस्टम को जो भी बिगाड़ने का प्रयास करेगा कार्रवाई का भागीदार बनेगा।
Posted on 29 October 2009 by admin
झांसी- धान की सरकारी खरीद के 13 नवम्बर तक शुरू होने की सम्भावना है। इसके लिए धान की उपज व काश्तकारों का सर्वे शुरू करा दिया गया है।
प्रदेश में धान खरीद के सम्बन्ध में आज प्रमुख सचिव द्वारा वीडियो कान्फ्रेंसिंग की गई। इसमें बताया गया कि जिले में धान की खरीद हेतु समथर में दो, मोंठ व कोछाभावर में एक-एक खरीद केन्द्र बनाए गए है। इनमें 12-13 नवम्बर से खरीद शुरू कर दी जाएगी। खरीद के लिए तैयारियो को अंजाम देना शुरू कर दिया गया है। इस दौरान जिलाधिकारी राजशेखर, नगर मजिस्ट्रेट, प्रभारी अधिकारी धान खरीद उमाकात त्रिपाठी, डिप्टी आरएमओ दिनेश कुमार तिवारी आदि उपस्थित रहे।
प्रभारी अधिकारी धान खरीद ने बताया कि इस बार टोकन की नई व्यवस्था के तहत धान पैदा करने वाले किसानों का ग्रामवार सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसके तहत बोए गए धान के क्षेत्र का आकलन, काश्तकार, उसके सहखातेदार व जमीन को लेकर चल रहे विवाद आदि का पता किया जाएगा। सर्वे के बाद पंचायत में खुली बैठकों में उपज पैदा करने वाले किसान को टोकन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 5 नवम्बर तक सम्बन्धित किसानों की सूची जारी कर दी जाएगी।
Posted on 27 October 2009 by admin
पन्ना - मध्यप्रदेश की एक महिला सब्जी विक्रेता की किस्मत रविवार को चमक उठी जब यहां जारी हीरों की नीलामी में उसका एक हीरा 11.40 लाख रुपए में बिक गया। प्यारीबाई नामक इस महिला को यह हीरा अपने दिहाड़ी मजदूर पति के साथ पन्ना के पास उथली खदान में खुदाई के दौरान फरवरी में मिला था।
तीन दिनों से पन्ना में जारी हीरों की नीलामी में रविवार को प्यारीबाई का 11 कैरेट 40 सेंट का हीरा 11.40 लाख रुपए में नीलाम हुआ। उसे रायल्टी व आयकर चुकाने के बाद 9.86 लाख रुपए मिले। रामप्यारी ने बताया कि वह इन पैसों से अपना घर बनवाएगी। अब वह अपने बच्चों को पढ़ाएगी और खेती के लिए जमीन भी खरीदेगी। प्यारी बाई को इस बात की ज्यादा खुशी है कि अब उसके दो बेटे व एक बेटी सब्जी बेचने में उसकी मदद करने की बजाय स्कूल जा सकेंगे।
Posted on 27 October 2009 by admin
उरई- शासन ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रत्येक राजस्व ग्राम में 50 जॉबकार्ड धारकों को 100-100 दिन का काम देने के लिए चिह्नित कर नरेगा श्रमिक बजट तैयार किया जाये।
ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्रीकृष्ण व ग्राम्य विकास आयुक्त ने संयुक्त रूप से वीडियो कांफ्रेंसिंग की। डीएम के किसी जरूरी काम में व्यस्त हो जाने की वजह से यहां मुख्य विकास अधिकारी एसपी अंजोर ने इसमें उनका प्रतिनिधित्व किया। प्रमुख सचिव को उन्होंने बताया कि जिले में 557 आदर्श तालाब बनवाये जा रहे है जिनमें से 59 पूरे हो चुके है। अन्य आदर्श तालाबों का कार्य भी 60 प्रतिशत तक हो चुका है। प्रमुख सचिव ने कहा कि सभी आदर्श तालाब प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर उनकी रखवाली के लिए जॉबकार्ड धारकों में से किसी महिला या विकलांग को उनकी चौकीदारी सौंपी जाये। वीडियो कान्फ्रेसिंग में गरीबों के लिए ग्रामीण आवास योजनाओं की लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति के बारे में पूछताछ की गयी। सितंबर तक जिले में 621 इंदिरा, महामाया आवास बनवाने का लक्ष्य था। सीडीओ ने बताया कि इसके सापेक्ष 631 आवास पूर्ण कराये गये है। नरेगा के खर्च के बारे में भी प्रमुख सचिव और आयुक्त ने पूछा। सीडीओ ने उन्हे अवगत कराया कि 97 करोड़ रुपए अभी तक मिले थे जिसमें से 59 करोड़ रुपए खर्च हो चुके है। उच्चाधिकारियों ने उनसे कहा कि वे 60 प्रतिशत कार्य पूर्णता के कागजात बनवाकर केंद्र से दूसरी किश्त मांगने के लिए संपर्क करे। प्रमुख सचिव व आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि आवास योजना की निधि को एकदम पूरी न निकालकर 2-2 महीने की किश्त में निकाला जाये।
Posted on 25 October 2009 by admin
झांसी- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न की होने वाली कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार द्वारा डोर स्टेप डिलेवरी योजना को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रत्येक जिले के एक ब्लाक में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
गोदामों से गेहू, चावल, चीनी व मिट्टी का तेल राशन की दुकानों पर पहुचाने में होने वाली कालाबाजारी पर अंकुश हेतु छत्तीसगढ़ की तर्ज पर डोर स्टेप डिलेवरी योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। छत्तीगढ़ की तरह ही बिहार, झारखण्ड व राजस्थान में भी यह योजना सफलता पूर्वक चल रही है। इसको देखते हुए योजना पर कई कार्यशालाएं आयोजित कर इसे प्रदेश में प्रत्येक मण्डल के एक जिले में लागू कर परिणाम देखने का निर्णय लिया गया।
इस योजना में परिवहन सम्बन्धी समस्या सामने आने पर राज्य आवश्यक वस्तु निगम का सहयोग लिए जाने पर विचार करते हुए आशिक परिवर्तन कर दिया गया। प्रमुख सचिव खाद्य व रसद जैकब थामस द्वारा प्रदेश के कुछ जिलों में राज्य आवश्यक वस्तु निगम और शेष में खाद्य विभाग के अधिकारियों को इस योजना को लागू करने का दायित्व सौंपा गया।
योजना के तहत विपणन व आपूर्ति विभाग द्वारा राशन की दुकानों के गोदाम से रूट तैयार कर लिए गए है। प्रारम्भिक परेशानियों को देखते हुए नवम्बर माह से प्रत्येक जिले के एक ब्लाक में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इसे शुरू के निर्देश दिए गए है। इसके तहत जिलों में तैनात विभागीय अधिकारियों से कहा गया कि वह योजना को लागू करने के लिए जिले में ब्लाक के चयन का कार्य इसी माह के अंत तक पूरा कर लें। सफलता मिलने पर इसे प्रदेश भर में लागू करने की रणनीति बनाई जाएगी।