कुदरत  का  कहर  क़यामत  के  आने   की  दस्तक  है  पानी  ही  पानी. इस से भी ख़राब हालात होंगे २०१२ में   ये परिणाम है  कुदरत से खिलबाड़ का........ “Plant Trees to Save Environment” , *खाकी वर्दी वालो के कारनामे-जनता की जुवानी * सफेद कुर्ते वाले नेताओ के कारनामे-जनता की जुवानी "bundelkhandlive.com" पर, आप के पास है कोई जानकारी तो आप भी बन सकते है सिटी रिपोर्टर हमें मेल करे editor@upnewslive.com पर या 09415060119 फ़ोन करे , SPC मीडिया ग्रुप पेश करते है <UPNEWS>मोबाईल sms न्यूज़ एलर्ट के लिए अगर आप भी कहते है अपने और प्रदेश की खबरे अपने मोबाईल पर तो अपना <नाम-, पता-, अपना जॉब,- शहर का नाम, - टाइप कर 09415060119 पर sms, प्रदेश का पहला हिन्दी न्यूज़ पोर्टल जिसमे अपने प्रदेश की खबरें सरकार की योजनाएँ,प्रगति,मंत्रियो के काम की प्रगति www.upnewslive.com पर

Archive | ग्रामीण

पुलिसिया उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई

Posted on 24 March 2010 by admin

मऊ (चित्रकूट) - दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले को सुलह समझौते के माध्यम से निपटाने के लिए पुलिस ने दोनो पक्षों को थाने बुलाया। एक पक्ष के लोग जब थाने पहुंच गए तो पुलिस ने समझौते का दबाव बनाते हुए हर्जाना मांगा।  हर्जाना न देने पर अभद्रता करते हुए चाचा भतीजे को लाकप में डाल दिया।  दूसरे दिन चाचा का चालान करते हुए नाबालिग लड़के को छोड़ दिया।  पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिख न्याय की गुहार लगाई है।

मऊ थानान्तर्गत उफरौली गांव निवासी बाबूलाल पुत्र तिलंगा ने बताया कि बीती 9 मार्च 10 को गांव के ही दबंगो ने उसके साथ उसकी भाभी व भतीजे शिवभजन के साथ मारपीट की थी। जिसकी शिकायत उन्होंने थाने में की थी। लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। दोबारा शिकायत करने पर 22 मार्च को एसआई ओ.पी शर्मा उनके गांव आए और दोनो पक्षों को सुलह समझौते के लिए थाने में बुलाया। बाबूलाल ने बताया कि वह मंगलवार को अपनी भाभी बच्ची पत्नी सन्तलाल व भतीजे मंजू उर्फ शिवभजन पुत्र सन्तलाल जिसकी उम्र 13 वर्ष है के साथ थाने पहुंच गया। उस दौरान उसके साथ दो अन्य लोग भी थे। जबकि दूसरे पक्ष के लोग थाने नहीं आए। लेकिन एसआई शर्मा ने उनकी बात न सुनते हुए गाली-गलौज कर रुपये की मांग करते हुए समझौते का दबाव डाला। लेकिन उनके द्वारा दूसरे पक्ष को बुलाने के लिए आरजू मिन्नत की गई। फिर भी एसआई ने अभद्रता करते हुए उसे व उसके नाबालिग भतीजे को लाकप में डाल दिया। बाबूलाल ने बताया कि बुधवार की सुबह शान्ति भंग की आशंका में उसका चालान कर उसे एसडीएम मऊ के सामने पेश किया, और भतीजे को अपनी कस्टडी में थाने में ही बिठाए रखा।

पीड़ित ने मानव अधिकार की धज्जियां उड़ाने वाले थाने की पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उधर चर्चा है कि थाना पुलिस के एस.आई ने मामला बढ़ता देख देर शाम बच्चे को छोड़ दिया। जब इस सम्बंध में एसआई शर्मा ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि लड़के को लाकप में  नहीं बन्द किया था। वहीं अभद्रता व समझौते की बात को भी नकार दिया।  मामले की जानकारी के बाद से कई मानव अधिकार के प्रतिनिधियों ने भी पुलिस के इस रवैए की आलोचना की है।

श्री गोपाल
09839075109
bundelkhandlive.com

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आयी पंचमी ब्वै झुमैलो………….. झुमैलो

Posted on 19 January 2010 by admin

रात्रि होते ही पर्वतीय घाटियों से एक मधुर तथा सामूहिक ध्वनि गूंजने लगती है । झुमैलो………………………….झुमैलोuttara-11

एक वेदना भरा स्वर जो अनायास ही अपनी ओर खींच लेता है और पहाड़ की नारी के कठोर जीवन के उस दर्द को व्यक्त करता है जिसे वह हृदय के किसी कोने में दबाये रखती है जिसे वह किसी से व्यक्त नहीं कर सकती वही अभिव्यक्ति है “झुमैलो´´।

बसन्त ऋतु के आते ही गढवाल की धरती में प्रकृति एक नवविवाहिता की तरह सज उठती है, चारों ओर रंग बिरंगे फूल वातावरण को मनमोहक बना देते है, ऐसे सुखद वातावरण में माइके बिहिन स्त्रियों के हृदय में एक टीस उठती है, कि काश वो भी अपने माइके जाकर इस प्रकृति की तरह उल्लसित हो सकती जो अपने माइके पहुंच जाती है। वो ससुराल के दुखों को प्रकट करने के लिए अपनी व्यथा प्रकट करती है।

फेर बौडीगे स्यौ झुमैलो, फूला सगरौन्द ब्वै झुमैलोuttara-21

दी गन्दा बूरौस झुमैलो। डोला सी गच्छैनी झुमैलो

मैकु बारामास ब्वै झुमैलो, एिक्क रिवु रैगे ब्वै झुमैलो

ग्वरू की बाशुली ब्वै झुमैलो, तू व ना बाज ब्वै झुमैलो

मेरी जिकुड़ी मा -झुमैलो, क्यापणी होद रै झुमैलो।

निरमैव्या धियाण हवै झुमैलो बणु बणु ब्याली ब्वै झुमैलो,

आयी पंचमी ब्वै झुमैलो……………झुमैलो

अर्थात सरसों व राड़े के पौधों पर फूल खिल गये हैं, बुरौश के फूलों से डालियां डोली की तरह सजने लगी है। झुमैलो बसन्त आ गया है। परन्तु मेरे लिए तो बारों महीने सावन की ही ऋतु है। फूल संक्रान्ति लौट आयी है मैं ससुराल में पड़ी हूं, हे चरवाहों की मूरली तू न बज, तुझे सुनकर मेरे हृदय में अजीब सी टीस उठती है। जिनका कोई होगा तो मिलने आऐगा, मैं तो माईके विहिन हूं, बनो बनों में भटकूंगी काश मेरा भी कोयी होता बंसत पंचमी आ गई है, पर मुझे लेने कोई नहीं आया।

झुमैलो नृत्य गीत बसन्त पंचमी से प्रारम्भ होकर विशुवत संक्रान्ति तक चलते हैं। इन गीतों में माइके की स्मृति तथा प्राकृति सौन्दर्य का वर्णन होता है। झुमैलो झूम झूम

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कुसुम भट्ट

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अनवरत जारी है अवैध शिकारियों का काला धंधा ,नहीं हुई कभी ठोस कार्रवाई

Posted on 17 January 2010 by admin

मानिकपुर-बढ़ी हुई ठण्ड से निपटने के लिए जहां एक ओर लोगों द्वारा तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं वहीं पाठा के जंगलों में अवैध रूप से जानवरों का शिकार कर शिकारियों द्वारा सर्दी दूर की जा रही है। ऐसा नहीं है कि यहां होने वाले अवैध शिकारो की जानकारी विभागीय लोगों को न हो लेकिन कोई कार्रवाई न होने के चलते पाठा के जंगलों में बिना किसी डर के अवैध शिकार किया जा रहा है। दुर्लभ जानवरों का शिकार करने वाले शिकारी जंगल के बीच से निकली हाईटेशन बिजली की तारों में कटिया डाल जमीन में तार बिछा देते हैं। जिसकी चपेट में जानवर फंस कर इनका शिकार बन जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत सम्बंधित अधिकारियों को की लेकिन अभी इस मामले में कुछ नहीं किया गया।

विकास खण्ड मानिकपुर का ज्यादातर क्षेत्र ग्रामीण है और जंगलों से सटा हुआ है। पाठा क्षेत्र के घनघोर जंगलों में आज भी हिरन, बारहसिंगा, चीतल सहित अन्य दुर्लभ प्रजाति के जानवर पाए जाते हैं। इन जानवरों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने इस क्षेत्र को सेंचुरी क्षेत्र घोषित करते हुए शिकार पर प्रतिबंध कर दिया गया। प्रतिबंध के बावजूद भी शौकीन शिकारी आज भी इन जंगलों में अवैध शिकार करते हुए जानवरों के गोश्त की दावतें उड़ाते हैं। सूत्र बताते हैं कि इन शिकारियों की हरकतें सर्दी के मौसम में बढ़ जाती हैं। जाड़े की ठण्डी रातों में ये शिकारी बेखौफ हो अपनी करतूतों को अंजाम देते है। बताया जाता है कि पकड़े जाने के भय के चलते जानवरों का अवैध शिकार करने वाले लोग नई-नई तरकीबें खोजते रहते हैं। ग्रामीण इलाकों का विद्युतीकरण हो जाना उनके लिए लाभदायी सिद्ध हो रहा है। सूत्रा बताते हैं कि शिकारी जंगलों में बिजली की नंगी तारे बिछा कर इन तारों को बिजली विभाग द्वारा गांव में बिजली पहुंचाने के लिए जंगलों से निकाली गई हाईटेंशन तार में कटिया फांस देते हैं। इसके बाद वे आस पास छिप कर बैठ जाते हैं। रात के समय निकले जानवर बिजली की इन तारों में बह रहे करंट से चिपक जाते हैं और शिकारियों का शिकार बन जाते हैं। ग्रामीण तो यहां तक बताते हैं कि कभी-कभी रात के समय इन क्षेत्रां से गुजरने वाले लोग भी इसका शिकार हो अकार मृत्यु का शिकार होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शिकार करने वाले शिकारियों की करतूतों की जानकारी वन विभाग सहित सम्बंधित अधिकारियों को है लेकिन इनकी मिली भगत से कोई भी कुछ करने की पहल नहीं करता। सूत्रा बताते हैं कि क्षेत्र के हेला, बगदरी, निही चिरैया, रानीपुर, गिदुरुहा, चमरौहां, सकरौहां, ऊंचाडीह, कोटा कदैला, बराहमाफी, चूल्ही, दराई आदि गांव दूर जंगलों से सटे होने के कारण यहां शिकारियों की चहलकदमी अधिक रहती है। इतना ही नहीं इन शिकारियों की करतूतों के चलते यहां की विद्युत व्यवस्था भी चौपट रहती है। इनके द्वारा हाईटेंशन तार में कटिया फांसने के कारण लाइन में फाल्ट हो जाता हैं और ग्रामीण इलाकों की बिद्युत आपूर्ति रात-रात भर गायब रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शिकार करने वाले शिकारियों की शिकायतें कई बार वन विभाग व पुलिस विभाग में की गई लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं न होने से अवैध शिकार का सिलसिला अनवरत जारी रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से इस सम्बंध में उचित कार्रवाई करने की मांग करते हुए पाठा के जंगलों में रहने वाले दुर्लभ जानवरों की सुरक्षा करने के की मांग की है।

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न

Posted on 11 January 2010 by admin

लखनऊ-ग्रामीण क्षेत्र की जनता को विज्ञान की जानकारी देने के उद्देश्य से आगामी वित्तीय वर्ष में दो मोबाइल नक्षत्रशालाओं का क्रय किया जाय।

यह निर्देश आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अब्दुल मन्नान ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में दिये। इस अवसर पर उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि गोरखपुर नक्षत्रशाला के अवशेष कार्य शीघ्र पूरे किये जायं साथ ही रामपुर नक्षत्रशाला शीघ्र चालू की जाय।

श्री मन्नान ने निर्देश दिये कि जिला विज्ञान क्लबों के संयोजकों की एक बैठक इसी माह बुलाई जाय ताकि जिला विज्ञान क्लबों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही बख्शी का तालाब प्रयोगशाला का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने सण्डीला साइंस पार्क के लिए बजट की व्यवस्था कराये जाने के निर्देश दिये।

बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री ठाकुर यशपाल सिंह, प्रमुख सचिव, श्री बी0एम0मीणा के साथ ही विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद तथा रिमोर्ट सेंसिग एप्लीकेशन सेंटर के वैज्ञानिक उपस्थित थे।

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सर्दी में गर्मी का एहसास कराने के लिए कंबल वितरित किए जायेंगे

Posted on 05 January 2010 by admin

हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के तीखे होते तेवरों को देखकर जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। सर्दी में गर्मी का एहसास कराने के लिए निर्धन व गरीबों को एक हजार कंबल वितरित किए जायेंगे। तहसील के सभी बड़े गांवों में अलाव जलाने के लिए लेखपालों को धन आवंटित कर दिया गया है।

उपजिलाधिकारी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि गरीबों व असहाय लोगों को ठंड से बचाने के लिए एक हजार कंबलों का वितरण कराया जाएगा। कंबलों का वितरण कैंप लगाकर किया जायेगा। राय ने बताया कि लेखपालों को निर्देश दिए गये है कि 10 जनवरी के पूर्व हर हालत में कंबलों का वितरण कर दिया जाए। कंबल वितरण में पात्र व्यक्ति को प्राथमिकता दी जाए। उनके अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने के लिए सरकार से 50 हजार की धनराशि मुहैया करायी गयी है। जिसमें से 20 हजार रुपये रिलीज भी कर दिया गया है। कुलपहाड़ नगर में गोंदी चौराहा, बस स्टैण्ड, मुख्य बाजार के अलावा जैतपुर, पनवाड़ी, महोबकंठ, अजनर में भी अलाव जलाने के आदेश दिये गये है। कुलपहाड़, पनवाड़ी व जैतपुर के सरकारी चिकित्सालयों में लगने वाले नसबंदी शिविरों के दिन भी तीमारदारों के वास्ते अलाव जलाने के निर्देश दिये गये है।

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महिलाओं का आर्थिक उत्थान जमीन में सहखातेदारी से होगा

Posted on 04 January 2010 by admin

लखनऊ से आयी नीलम प्रभात ने शनिवार को आक्सफोम इंडिया व जीईएजी के सहयोग से समर्पण जन कल्याण समिति के तत्वावधान में गणेश धाम में आयोजित महिला किसान अधिकार मंच के प्रतिनिधियों के क्षमता विकास प्रशिक्षण में कहा कि जमीन व संपत्ति में बराबर का अधिकार महिलाओं को मिलना चाहिये। सह खातेदारी के बिना महिला का आर्थिक उत्थान नहीं हो सकता।

नीलम प्रभात ने कहा कि महिलायें जमीन अधिकार संबंधी जानकारी और संगठित होकर घर, समाज, सरकार को संवेदित करने का काम करे तो उन्हे उनके अधिकार अवश्य मिलेंगे। उन्होंने कहा कि महिलायें घर बैठने की प्रवृत्ति का त्याग करे और आगे बढ़ने की सोच अपने अंदर पैदा करे। संस्था के निदेशक राधेकृष्ण ने कहा कि वर्तमान की आवश्यकता है कि समाज में महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया जाये और बुद्धिजीवी वर्ग उनके अधिकारों को दिलाने के लिये सकारात्मक पहल करे। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं का सम्मान बढ़ेगा तो तरक्की के रास्ते अपने आप खुल जायेंगे। लोगों को महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच का त्याग करना चाहिये। सुमित्रा संस्थान राठ के कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास बढ़ने से काफी परिवर्तन आया है। यह प्रयास उन्हे जारी रखना होगा। क्षमता विकास प्रशिक्षण में नुजहत अंसारी ने कहा कि गांवों में महिलायें खेती का कार्य पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा करती है। उनकी दिन रात की मेहनत से ही खेतों का अनाज घर तक पहुंचता है। फिर भी उन्हे उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। इस अवसर पर बाहरी जनपदों से आये प्रतिनिधियों ने जागरूकता के लिये नुक्कड़ नाटक, टीम संचालन की रूपरेखा बनायी और उसको कसौटी पर परखा। इस मौके पर कई समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मिनी स्टेडियम के लिये 19 लाख स्वीकृत

Posted on 01 January 2010 by admin

शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी स्टेडियम बनवाने के लिये जिले मे 19 लाख रुपये की धनराशि आवंटित कर दिया है। प्रथम चरण में 33 ग्रामीण व एक ब्लाक स्तरीय स्टेडियम के लिये स्वीकृत धनराशि का आवंटन जनवरी के प्रथम सप्ताह में किया जायेगा। साथ ही क्रीड़ा श्री की भर्ती करने की समिति बना ली गई।

बुधवार को विकास भवन में पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेल अभियान की बैठक हुई। जिसमें परियोजना निदेशक पी के श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 2008-09 की योजना में स्वीकृत पांच ब्लाकों के ग्राम कर्वी माफी, बनकट, परसौंजा, रसिन, लौरी, कल्याणपुर, सरधुआ, बरद्वारा, औदहा, चौरा, चिल्लीमल, लौरी, रैपुरा, गढ़चपा, चुरेह केशरुआ, ऊंचाडीह, अरगहुंडा, रुकमा खुर्द, मड़ैयन, कौबरा, ऐंचवारा, मऊ, खंडेहा, बरगढ़, इटवां, छीबों व रामनगर सहित मानिकपुर में ब्लाक स्तरीय ग्रामीण स्टेडियम बनवाने के लिये 36 लाख रुपये की स्वीकृत धनराशि में फिलहाल 19 लाख रुपये का आवंटन शासन ने कर दिया है। जिसे अगले हफ्ते चयनित ग्राम पंचायतों के खाते में जमा करा दिया जायेगा।

जिला युवा कल्याण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि जिले के 33 गांवों में ग्रामीण स्टेडियम की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये प्रत्येक गांव को एक लाख दिया जायेगा। जिसमें करीब आधी धनराशि का आवंटन हो चुका है। चयनित गांवों में शीघ्र ही खेल प्रशिक्षक क्रीडा श्री की नियुक्ति की जायेगी। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी जगदीश यादव, डीआईओएस मंशाराम, जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि बाला श्रीवास्तव व डा. एम एम सोनी मौजूद रहे। बैठक में पंचायत ग्राम प्रधान व ब्लाक प्रमुख अनुपस्थित रहे।

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गंभीर रोगी आर्थिक मदद को आवेदन करें- जिलाधिकारी

Posted on 25 December 2009 by admin

वनवासी अधिनियम लागू करने को आयोजित गोष्ठियों का जायजा लेने जिलाधिकारी ने गुरुवार को मऊ तहसील के दो गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को आर्थिक मदद के लिए आवेदन करने को कहा।

जिलाधिकारी विशाल राय को ग्रामीणों ने बताया कि वन भूमि में कोई भी अनुसूचित जनजाति व परंपरागत वन निवासी नहीं रहते हैं। डीएम ने लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी को निर्देश दिये कि गांव में टीवी, कैंसर व एड्स आदि गंभीर बीमारियों से पीडि़त व्यक्ति का आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजें। इटवां पहुंचे डीएम को ग्रामीणों ने बताया कि वन भूमि में 15-20 लोग पिछले 60-70 साल से रह रहे हैं। गोष्ठी में ऐसे 13 लोगों ने दावे पेश किये।

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सोलर होम लाइट शिविर में 600 संयंत्र वितरित

Posted on 20 December 2009 by admin

प्रदेश मे बिजली की किल्लत व लगातार बढ़ रही विद्युत खपत से ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। अब त्रिवेणी क्षेत्रीय बैंक ने ग्रामीणों को उजाला देने की जिम्मेदारी ली है। त्रिवेणी क्षेत्रीय बैंक ने वृहद सोलर होम लाइट शिविर लगा 600 अभ्यर्थियों को आसान किश्तों पर ऋण देकर सोलर संयंत्र वितरित किये गये।

मुख्यालय के सेवायोजन कार्यालय में आयोजित वृहद ऋण मेले में मंडलायुक्त ओपी सिंह ने कहा कि बैंक की इस पहल का निश्चय तौर पर ग्रामीणों को लाभ होगा। सिंह ने कहा कि सरकार भी ग्रामीण क्षेत्रों में बीस फीसदी के अनुदान पर सोलर लैंप उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बैंक के उच्चाधिकारियों से ऋणमाफी योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ किसानों को देने के निर्देश दिये। डीएम वी.वी पंत ने कहा कि बैंक किसानों को ग्रीन कार्ड व किसान क्रेडिट कार्ड की योजनाओं में शामिल करें। जिससे चार साल सूखे की मार झेल चुके किसान पुन: अपनी लय पा सकें। त्रिवेणी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के चेयरमैन असीम कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि बैंक द्वारा दो हजार किसानों को आसान किश्तों पर सोलर उपकरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। ऋण राहत माफी योजना का लाभ लेने वाले किसान 31 दिसंबर तक बैंक में बकाया धनराशि जमा कर दें। इस मौके पर बैंक के निदेशक मनोज तिवारी, शाखा प्रबंधक राजेंद्र शर्मा, एमएल कुशवाहा, राजकुमार सोनी, राजहंस चौहान सहित दूर दराज से आये सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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गरीबी उन्मूलन का सपना बर्बाद किया

Posted on 18 December 2009 by admin

बैंक अधिकारियों की उदासीनता से सरकारी योजनाओं में ऋण ले स्वावलंबी बनने का सपना देखने वाले युवा साल भर सिसकते रहे। तमाम कवायदें और जिलाधिकारी की हड़की भी काम नहीं आयी। अपने ढंग से काम करने के माहिर बैंक अधिकारी ऋण पत्रावलियों में नुक्ताचीनी निकाल फर्ज अदायगी करते रहे। लिहाजा स्वरोजगार और गरीबी उन्मूलन का सपना बैंकों की दोषपूर्ण कार्यशैली के चलते साकार नहीं हो सका।

रिजर्व बैंक की हिदायत के मुताबिक बैंकों में जमा धन का साठ फीसदी ऋण देने की व्यवस्था है। जिले में विभिन्न बैंकों में तैनात प्रबंधकों ने ऋण योजनाओं को कमाई का जरिया बना लिया। यही कारण है कि उद्योग विभाग द्वारा स्वीकृत ऋण पत्रावलियों के दर्जनों अभ्यर्थी महीनों से बैंकों के चक्कर काटने के बाद भी कुछ हासिल नहीं कर सके। यद्यपि लीड बैंक मैनेजर गोपाल झा योजनाओं के सापेक्ष साठ प्रतिशत उपलब्धि का दावा करते है। बताते है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में 94 के लक्ष्य के सापेक्ष 19, मुख्यमंत्री रोजगार योजना में 74 के सापेक्ष 69, स्पेशल कंपोनेंट प्लान में 780 के सापेक्ष 468, शहरी रोजगार योजना में 50 के सापेक्ष 36 व कांशीराम अल्पसंख्यक योजना में सभी 12 अभ्यर्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। उद्योग विभाग के आंकड़े बैंकों के इस दावे को खोखला साबित करते है। महाप्रबंधक उद्योग वीरेंद्र सोनी के मुताबिक स्वीकार सरकारी योजनाओं में स्वीकृत ऋण पत्रावलियों को बैंक कर्मी किनारे रख देते है। कहते हैं स्टेट बैंक महोबा में सात, कुलपहाड़ में 4, त्रिवेणी ग्रामीण बैंक की मुख्यालय शाखा में 4 आवेदन लंबे समय से लंबित पड़े है। कुलपहाड़ के अमित कश्यप की आइस फैक्ट्री की ऋण पत्रावली पूरे एक साल बैंक में पड़ी रही। जबकि विभाग ने इंडस्ट्रियल स्टेट में इसके लिये भूमि आवंटन किया है। लाभार्थी ने भवन भी बनवा लिया है। न जाने किन परिस्थितियों में बैंक प्रबंधक डेढ़ साल से इन्हें लटकाये है। जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने उद्योग बंधु की बैठकों में कई बार बैंकों के इस रवैये के प्रति तीखी नाराजगी जाहिर की। बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हुआ। मुख्यालय के जितेंद्र चौरसिया की टेंट हाउस की, शफीक अहमद की स्टील फेबिकेशन की, महेंद्र की ईट भट्टा की, लखन बाजपेई की मोबाइल रिपेयरिंग की, विजय पाटकार समदनगर की टेंट हाउस की पत्रावलियां लंबे समय से बैंक में धूल फांक रही है। यह लोग बेबाक टिप्पणी करते है कि वांछित कमीशन देने में असमर्थता के कारण बैंक कर्मी उन्हें तरजीह नहीं देते।

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