कुदरत  का  कहर  क़यामत  के  आने   की  दस्तक  है  पानी  ही  पानी. इस से भी ख़राब हालात होंगे २०१२ में   ये परिणाम है  कुदरत से खिलबाड़ का........ “Plant Trees to Save Environment” , *खाकी वर्दी वालो के कारनामे-जनता की जुवानी * सफेद कुर्ते वाले नेताओ के कारनामे-जनता की जुवानी "bundelkhandlive.com" पर, आप के पास है कोई जानकारी तो आप भी बन सकते है सिटी रिपोर्टर हमें मेल करे editor@upnewslive.com पर या 09415060119 फ़ोन करे , SPC मीडिया ग्रुप पेश करते है <UPNEWS>मोबाईल sms न्यूज़ एलर्ट के लिए अगर आप भी कहते है अपने और प्रदेश की खबरे अपने मोबाईल पर तो अपना <नाम-, पता-, अपना जॉब,- शहर का नाम, - टाइप कर 09415060119 पर sms, प्रदेश का पहला हिन्दी न्यूज़ पोर्टल जिसमे अपने प्रदेश की खबरें सरकार की योजनाएँ,प्रगति,मंत्रियो के काम की प्रगति www.upnewslive.com पर

Archive | ललितपुर

उन्नतिशील उड़द बीज से ज्यादा से ज्यादा फसल पैदा करें किसान: विकास

Posted on 12 July 2010 by admin

बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान मडावरा द्वारा एक्शन एड लखनऊ के सहयोग से वन विभाग डाक बंगला परिसर मेें नि:शुल्क बीज बितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 10 गांवों के 50 किसानों को उड़द का बीज दिया गया। बीज वितरण कार्यक्रम की शुरूवात खण्ड विकास अधिकारी मडावरा विकास मिश्र द्वारा किया गया। उन्होंने इस दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रमाणित बीज से ज्यादा से ज्यादा उत्पादन कर खुद को मजबूत बनायें।

खण्ड विकास अधिकारी विकास मिश्र ने कहा कि बुन्देलखण्ड में पानी की समस्या अत्यन्त गम्भीर है। पानी की कमी के कारण एक ओर जहां जन जीवन प्रभावित होता हैं, वहीं फसलों में भी इसका खासा प्रभाव पडता है। खेतों में रूखापन होने के कारण मानक के अनुसार फसल का उत्पादन नहीं होता है। उन्होंने कहा कि शासन ने इस वर्ष फिर से खेत तालाब योजना के लिए किसानों को लाभािन्वत करने के लिए कहा है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा किसान अपने-अपने खेतों में खेत-तालाब बनवाकर खेत में पानी संचित करने का काम करें। इससे एक ओर जहां खेत में नमी रहेगी वहीं छोटे किसानों को सब्जी आदि के उत्पादन में काफी मदद मिल सकती है। कहा कि लम्बे समय से किसान भाई उडद, मूंग, तिली आदि कि खेती करते चले आ रहे हैं, किन्तु उन्हें बहुत ज्यादा लाभ नहीं मिला है। इससे सिर्फ खाने आदि तक का ही लाभ सीमित है। इसलिए इस बाद किसान अपने खेतों में गडढा बनवायें। जो किसान अपने खेत में वृक्षारोपण व सब्जी लगाने का कार्य विशेष रूचि के साथ करेंगें एवं उदाहरण प्रस्तुत करने की बात कहेंगें उनके खेत में कटीली झाडियों से घेरबाड़ करायी जायेगी।

करना चाहता है उसके खेत की घेरबाड़ करायी जायेगी। कहा कि आज जरूरत है कम लागत से अच्छे उत्पाद किस्म के बीज अपनाने की जो समय-समय पर बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान के द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है यह बहुत सराहनीय कार्य है। वैसे तो मैं गांव-गांव में जाता हूं लोगों से बातचीत होती है किन्तु जब संस्थान के माध्यम से ग्रामीणों से बातचीत करने का मौका मिलता है तो ग्रामीण और ज्यादा खुलकर बातचीत करते है तथा अपने-अपने गांवों की समस्याओं से अवगत कराते हैं।

वासुदेव ने कहा कि यह एक्शन एड की पहल का नतीजा है कि गांवों के गरीब किसानों को उडद का उन्नतिशील नि:शुल्क बीज देने को संस्थान को मौका मिल रहा है।  संस्थान हमेशा मडावरा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए नई-नई योजनाओं को लागू कराने एवं उनसे लाभािन्वत कराने के लिये प्रयासरत रहता है। ग्रामीणों द्वारा संस्थान को जो भी समस्यायें बतायीं जाती हैं, संस्थान उन्हें जिला प्रसाशन तक पहुंचाने एवं उन्हे न्याय दिलाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि मडावरा ब्लाक के दांगली, इकौनखुर्द, जलंधर, पिसनारी, सौंरई, विघाई, टपरियन-गिरार, बड़वार, सेमलखेडा, लंखजर सहित 10 गांवों के 50 गरीब किसानों को 50 हजार रूपये की कीमत का उडद बीज नि:शुल्क वितरित किया गया हैं।

इस दौरान अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा मडावरा उपेन्द्र शर्मा, बुन्देलखण्ड संस्थान कार्यकर्ता मइयादीन, मानसिंह, समीना बानों, मदन मोहन पाल, अनुराग सहित 10 गांवों के आधा सैकडा महिला-पुरूष किसान मौजूद रहे।

Reetesh Kumar Sharma
>9936504352

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नवजात शिशु की फर्श पर गिरने से मौत

Posted on 09 July 2010 by admin

जिला महिला चिकित्सालय में लापरवाह चिकित्सक और कर्मचारियों का खामियाजा प्रसव के लिए आयीं महिलाओं और उनके परिजनों को  झेलना पड़ रहा है।  एक सप्ताह में दो नवताज शिशुओं की मौत जिला महिला चिकित्सालय की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।

1121लापरवाही का आलम यह है कि आज सुबह 4.30 बजे एक महिला ने प्रसव वार्ड के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया लेकिन नवजात बच्चे की मौत फर्श पर गिरते ही हो गई। इस सम्बंध में मिली जानकारी के अनुसार मुहल्ला नेहरूनगर निवासी जगदीश प्रसाद की  पत्नी श्रीमती  सीमा रात्रि में प्रसव पीड़ा होने पर अपने परिजनों के साथ जिला महिला चिकित्सालय पहुंची। जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया और घर जाने की सलाह दी। महिला प्रसव पीड़ा से बिलख रही थी, इस वजह से उसके परिजन उसे चिकित्सालय के कैम्पस में ही रूक गये। करीब 4.15 पर उसका दर्द बढ़ गया परिजन उसे लेकर प्रसव वार्ड पहुंचे। एक बार फिर उसके परिजन को यह कह कर वापिस कर दिया कि अभी लगभग 10 दिन का समय है। परिजन महिला को लेकर महज कुछ ही कदम आगे बढे थे कि वहीं बच्चा हो गया। प्रसव दौरान हुयी लापरवाही की बजह से उक्त नवजात शिशु वहीं फर्श पर गिरकर ही खत्म हो गया। नवजात शिशु की मां को परिजनों ने बाद में यह कहलकर दिलाश दिलायी कि उसका बच्चा जीवित है और हालत गम्भीर होने के कारण उसे मशीन में रखा गया है। यह कोई पहली घटना नही है जब महिला चिकित्सालय में लापरवाही उजागार हुई है। पिछले मंगलवार को दैलवारा निवासी बैनी बाई भी अपने बच्चे को खो चुकी है।  जिला महिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक एवं कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा आये दिन प्रसव पीड़ा से कराहती महिलायें और उनके तीमारदार झेल रहे हैं।

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ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की चान्दी बड़ी से बड़ी बीमारियों की एक ही दवाई

Posted on 08 July 2010 by admin

2शासन-प्रशासन के सारे नियम-कायदों को ताक पर रखकर जनपद के विभिन्न अंचलों में झोला छाप चिकित्सक पे्रक्टिस कर ग्रामीणों का जबरदस्त शोषण करने में डटे हुये हैं। झोला छाप चिकित्सकों को मालामाल करने में लगा हुआ है, तो वह है, स्वास्थ्य महकमा, जिसने जनपद मुख्यालय को न छोड़ने की पूर्णतया कसम सी ही खाली है। फलस्वरूप आम तबके के व्यक्ति की तो जेब कट ही रही है, साथ ही उनकी जिन्दगी से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। जो चिन्तनीय तो है, ही साथ ही एक दिन खतरनाक साबित हो सकता है।
शहरी क्षेत्र में अपनी प्रेक्टिस के जरिये लोगों को लाभािन्वत कर रहे विभिन्न डिग्री धारकों के यहां से कम्पाउण्डरी व अन्य कार्य कर गांव लौटे कुछ नवयुवकों ने ग्रामीणों की जेब काटने का नया फार्मूला तैयार कर लिया है। गांव में अपने घरों व बाजार में स्थित किसी शटर या दुकान में मेज कुर्सी डालकर आरम्भ में डिस्पेन्सरी खोल ली, तथा एक छोटा सा जिसमें हिन्दी तथा अंग्रजी में नाम लिखा हो  बोर्ड लगवाकर, बन जाते है, यह महाशय नम्बर-1 के चिकित्सक। शुरूआती दौर में सगे-सम्बंधियों व इष्ट मित्रों के माध्यम से मरीज बुलवाये जाते हैं, और उनके इलाज उपरान्त फिर शुरू हो जाता है, प्रसिद्धि का सिलसिला। चिकित्सक की योग्यता और कार्य करने के अनुभव से ग्रामीणों को कोई लेना-देना नहीं होता, जबकि ग्लूकोज, लाल दवा, हाजमौला की गोलियां और सिरदर्द की गोलियों के दम पर ही यह चिकित्सक बड़ी-बड़ी बीमारियों से ग्रसित लोगों के इलाज करने की गारंटी ले लिया करते हैं। क्षेत्र में झोला छाप डाक्टरों का मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ व उनके आर्थिक शोषण का परम्परागत सिलसिला बदस्तूर जारी है, सैकड़ो की संख्या मेें समूचे जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में फैले इन तथा कथित चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा अनेकों मरीजों का जबरदस्त आर्थिक उत्पीड़िन निरन्तर जारी है, जो कि अब थमने का नाम तक नहीं ले रहा है।गौरतलब हो कि जनपद के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में यह कथित चिकित्सक एक आध नहीं बल्कि सैकड़ो की संख्या में मौजूद हैं, जो कि बेखौफ होकर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रेक्टिस कर रहे हैं। इतना ही नहीं महरौनी क्षेत्र के मड़ावरा, सौजना, बानपुर, गढौली तथा पिसनारी एवं सौरई, जखौरा, पाली, मदनपुर, गिरार, विरधा, नाराहट समेत ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाली तकरीबन सभी साप्ताहिक बाजारों में भी यह झोला छाप डॉक्टर पसार खाने की तरह चारपाई अथवा कुर्सी मेज पर अपनी-अपनी दुकानें सजाकर बैठते हैं। यहां तक की कुछ कथित चिकित्सक साईकिल पर दवाइयों का झोला बांधकर गांव-गांव में फेरी लगाते हैं। डोर टू डोर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का दम भरते है। यह झोला छाप पैसे के लालच में अल-जलूल दवाईयां देकर उन्हें तब तक अपने चंगुल से नहीं छोड़ते है, जब तक की मरीज मरणासन्न अवस्था में न पहुंच जाये, कभी-कभी तो इनके इलाज के दौरान ही मरीज दम तक तोड़ देते हैं, लेकिन पैसे के लालच में अंधे होने के कारण इन्हें मरीज अथवा उसके तीमार दार पर जरा भी तरस नहीं आता, यह बहुविधि से मरीजों का जमकर शोषण करते है। बगैर जरूरत के भी मरीज को इंजेक्शन लगाना या ग्लूकोज देना, इनकी आदत में शामिल है। ऐसा यह मरीज को इम्प्रेस करने व उससे मनमाफिक पैसा वसूलने के लिये करते है। कोई छोलाछाप डॉक्टर स्वयम् को किसी बेहतर फिजीशियन अथवा सर्जन से कम नहीं आंकता। जटिल से जटिल ऑपरेशन तक कर डालने में इन्हें जरा भी संकोच नहीं होता। आपरेशन भले ही दूषित वातावरण में चारपाई पर लिटाकर किया जा रहा है, कभी मरीज को किसी के पूछनें पर खुद को इलेक्ट्रो, होिम्योपेथी, आयुर्वेदिक , यूनानी, आर.एम.पी. अथवा अन्य किसी  पैथीका, डिग्री होल्डर पंजीकृत व प्रशिक्षित करार देते हैं।ठीक इसी तर्ज पर नगर की गली-गली में गैर प्रशिक्षित महिला चिकित्सकों के द्वारा अपंजीकृत जच्चा-बच्चा केन्द्र बखौफ होकर सार्वजनिक रूप से चलाया जा रहा है। इन केन्द्रो पर प्रसव संबधी समस्याओं को लेकर प्रसव वाली महिला रोगियो का जबरजस्त आर्थिक दोहन किया जा रहा है। तथा समान प्रसव के भी डेढ़ दो हजार रूपये वसूल किये जा रहे है। इन केन्द्रो पर अवैध गर्भपात की सुविधा भी चारी छिपे सुगमता के साथ उपलब्ध है। बशर्ते आगन्तुक रोगी को पारिश्रमिक के रूप में मोटी रकम उपलब्ध कराना पड़ती है। इन केन्द्रोे के सम्बध जिला मुख्यालय पर स्थित ऐसे अल्ट्रा साउन्ड सेन्टरों से है जो कि मनमाफिक पैसे प्राप्त करने के बदले में भ्रूण के लिंग की जांच करते हैं। ऐसी महिला मरीजों को पहले तो इन केन्द्रों की संचालक अप्रशिक्षित महिला चिकित्सक जिला मुख्यालय पर भेजती हैं। वहां अपने करीबी अल्ट्रासांउण्ड सेंटरो पर भ्रूण के लिंग की जांच कराती हैं, बाद में मरीज कोवापस अपने केन्द्र पर बुलाकर गर्भपात कर देती है। इस कृत्य के बदले वे रोगीे से मनमानी रकम वसूलती है। मौजूदा समय में नगर में ऐसे गैर पंजीकृत जच्चा-बच्चा केन्द्रो की बाढ़ सी आई है। कोई रोकटोक न होने के कारण इन केन्द्रों की संख्या ओर भी तेंजी के साथ इजाफा हो रहा है। हालांकि स्वस्थ्य विभाग में गत दिनों ऐसी तथाकथित चिकित्सायों को चििन्हत करने व उन पर शिकंजा कसने की औपचारिकता निभाई, लेकिन यह औपचारिकता विभागीय कमाईं का एक बेहतरीन जरिया साबित हाकर रह गई है। इस अभियान के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन झोलाछाप चिकित्सकों को चििन्हत किया गया, उनसे मोटी रकम उगाहकर उन्हें पुन: अपनी प्रक्टिªस करने व मरीजों को धनादोहन करने के लिये फिर छोड़ दिया गया । अब ऐसे ही चिकित्सक स्वास्यि विभाग की एक नियमित आमदानी का जरिया बने हुये हैं। भला इन स्थितियों के चलते स्वास्थ्य विभाग ऐसे गैर प्रशिक्षित एवं गैर पंजीकृत चिकित्सकों के विरूद्ध कोई निरोधात्मक कार्यवाही करके अपने ही पेट पर क्योंं लात मारने लगेर्षोर्षो हां सुविधा शुल्क का भुगतान न करने व रोब ऐंठ दिखाने वाले कुछ झोलाछाप चिकित्सकों के विरूद्ध दिखावे मात्र के लिये दण्डात्मक कार्यवाही अवश्य की जाती है। कुल मिलाकर लंबे समय से नगर तथा क्षेत्र में जारी यह हालात धीरे-धीरे अपना व्यापक रूप लेते जा रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग सब कुछ जानते समझते हुये मूक दर्शक की भान्ति भूमिका में दिख रहा है। इस पवित्र मिशन की आड़ में मरीजों की जेबों एवं जान के साथ खिलवाड़ कर रहे उक्त तथा कथित चिकित्सक अपनी सक्रियता से समूचे ग्रामीण क्षेत्र को उत्पीड़ित किये हुये हैं। इस दिशा में शासन स्तर से किसी ठोस व प्रभावी हस्तक्षेप की आवश्यकता है। 

Reetesh Kumar Sharma

9936504352

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बदनामी के भय से एक व्यक्ति ने मौत को गले लगाया

Posted on 08 July 2010 by admin

पुलिस कोतवाली अन्तर्गत ग्राम बुढ़वार में बदनामी के भय से एक व्यक्ति द्वारा स्वंय को आग के हवाले कर आत्महत्या कर ली गई। मृतक के पुत्र की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरूद्व मामला पंजीकृत किया है।

 प्राप्त जानकारी अनुसार पुलिस कोतवाली अन्तर्गत ग्राम बुढ़वार में पुतनऊ बंधा के पास मंगलवार की सुबह एक अध जली  लाश पड़ी मिली। ग्राम वासियों ने शव के नजदीक जाकर जब उसकी शिनाख्त की तो मृतक गांव का वीरन बढ़ई निकला। मृतक के पुत्र घनश्याम बढ़ई ने अपने पड़ोसी और उसकी पत्नी पर पिता को आत्महत्या हेतु मजबूर करने का आरोप लगाते हुये कार्यवाही की मांग की है।

मृतक के पुत्र ने बताया है कि उसके पड़ोसी प्रेमी पुत्र लक्षमन कुशवहा ने बीती 3 जुलाई को घर में जेवरातों की चोरी और पत्नी के साथ छेड़छाड़ करने का उसके पिता पर झूठा आरोप मढ़ा था। पड़ोसी की पत्नी श्रीबाई ने पुलिस से शिकायत की थी कि मृतक ने उसके घर में चोरी ही नहीं बल्कि उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ भी की थी। उक्त घटना के बाद से ही मृतक उदास-उदास सा रहता था। बताया गया है कि सोमवार की सुबह वीरन बढ़ई घर से जानवर लेकर चराने हेतु निकला था, इस दौरान वह कब अपने साथ मिट्टी के तेल की बोतल ले गया इसका परिजनों को पता ही नहीं चला। मृतक के पुत्र का कहना है कि जब उसका पिता रात को घर नहीं आया तो उसकी खोजबीन की गई, परन्तु उसका कही भी पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह कुछ लोगों ने पुतनऊ बंधा के पास अध जली अवस्था में मृतक का शव देखा। घनश्याम का आरोप है कि पड़ोसी और उसकी पत्नी द्वारा पुलिस में की गई झूठी शिकायत और बदनामी के भय से ही उसके पिता ने आत्महत्या कर ली। मृतक के पुत्र की शिकायत पर पुलिस ने बुढ़वार निवासी प्रेमी पुत्र लक्षमन, श्रीबाई पत्नी प्रेमी एवं रामसिंह पुत्र भगोले के विरूद्व धारा 306 के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना आरम्भ कर दी है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेते हुये पंचनामा उपरान्त पोस्टमार्टम हेतु भी भिजवाया है।
 

Reetesh Kumar Sharma

9936504352

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ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की चान्दी बड़ी से बड़ी बीमारियों की एक ही दवाई

Posted on 07 July 2010 by admin

शासन-प्रशासन के सारे नियम-कायदों को ताक पर रखकर जनपद के विभिन्न अंचलों में झोला छाप चिकित्सक पे्रक्टिस कर ग्रामीणों का जबरदस्त शोषण करने में डटे हुये हैं। झोला छाप चिकित्सकों को मालामाल करने में लगा हुआ है, तो वह है, स्वास्थ्य महकमा, जिसने जनपद मुख्यालय को न छोड़ने की पूर्णतया कसम सी ही खाली है। फलस्वरूप आम तबके के व्यक्ति की तो जेब कट ही रही है, साथ ही उनकी जिन्दगी से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। जो चिन्तनीय तो है, ही साथ ही एक दिन खतरनाक साबित हो सकता है।
शहरी क्षेत्र में अपनी प्रेक्टिस के जरिये लोगों को लाभािन्वत कर रहे विभिन्न डिग्री धारकों के यहां से कम्पाउण्डरी व अन्य कार्य कर गांव लौटे कुछ नवयुवकों ने ग्रामीणों की जेब काटने का नया फार्मूला तैयार कर लिया है। गांव में अपने घरों व बाजार में स्थित किसी शटर या दुकान में मेज कुर्सी डालकर आरम्भ में डिस्पेन्सरी खोल ली, तथा एक छोटा सा जिसमें हिन्दी तथा अंग्रजी में नाम लिखा हो  बोर्ड लगवाकर, बन जाते है, यह महाशय नम्बर-1 के चिकित्सक। शुरूआती दौर में सगे-सम्बंधियों व इष्ट मित्रों के माध्यम से मरीज बुलवाये जाते हैं, और उनके इलाज उपरान्त फिर शुरू हो जाता है, प्रसिद्धि का सिलसिला। चिकित्सक की योग्यता और कार्य करने के अनुभव से ग्रामीणों को कोई लेना-देना नहीं होता, जबकि ग्लूकोज, लाल दवा, हाजमौला की गोलियां और सिरदर्द की गोलियों के दम पर ही यह चिकित्सक बड़ी-बड़ी बीमारियों से ग्रसित लोगों के इलाज करने की गारंटी ले लिया करते हैं। क्षेत्र में झोला छाप डाक्टरों का मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ व उनके आर्थिक शोषण का परम्परागत सिलसिला बदस्तूर जारी है, सैकड़ो की संख्या मेें समूचे जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में फैले इन तथा कथित चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा अनेकों मरीजों का जबरदस्त आर्थिक उत्पीड़िन निरन्तर जारी है, जो कि अब थमने का नाम तक नहीं ले रहा है।गौरतलब हो कि जनपद के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में यह कथित चिकित्सक एक आध नहीं बल्कि सैकड़ो की संख्या में मौजूद हैं, जो कि बेखौफ होकर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रेक्टिस कर रहे हैं। इतना ही नहीं महरौनी क्षेत्र के मड़ावरा, सौजना, बानपुर, गढौली तथा पिसनारी एवं सौरई, जखौरा, पाली, मदनपुर, गिरार, विरधा, नाराहट समेत ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाली तकरीबन सभी साप्ताहिक बाजारों में भी यह झोला छाप डॉक्टर पसार खाने की तरह चारपाई अथवा कुर्सी मेज पर अपनी-अपनी दुकानें सजाकर बैठते हैं। यहां तक की कुछ कथित चिकित्सक साईकिल पर दवाइयों का झोला बांधकर गांव-गांव में फेरी लगाते हैं। डोर टू डोर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का दम भरते है। यह झोला छाप पैसे के लालच में अल-जलूल दवाईयां देकर उन्हें तब तक अपने चंगुल से नहीं छोड़ते है, जब तक की मरीज मरणासन्न अवस्था में न पहुंच जाये, कभी-कभी तो इनके इलाज के दौरान ही मरीज दम तक तोड़ देते हैं, लेकिन पैसे के लालच में अंधे होने के कारण इन्हें मरीज अथवा उसके तीमार दार पर जरा भी तरस नहीं आता, यह बहुविधि से मरीजों का जमकर शोषण करते है। बगैर जरूरत के भी मरीज को इंजेक्शन लगाना या ग्लूकोज देना, इनकी आदत में शामिल है। ऐसा यह मरीज को इम्प्रेस करने व उससे मनमाफिक पैसा वसूलने के लिये करते है। कोई छोलाछाप डॉक्टर स्वयम् को किसी बेहतर फिजीशियन अथवा सर्जन से कम नहीं आंकता। जटिल से जटिल ऑपरेशन तक कर डालने में इन्हें जरा भी संकोच नहीं होता। आपरेशन भले ही दूषित वातावरण में चारपाई पर लिटाकर किया जा रहा है, कभी मरीज को किसी के पूछनें पर खुद को इलेक्ट्रो, होिम्योपेथी, आयुर्वेदिक , यूनानी, आर.एम.पी. अथवा अन्य किसी  पैथीका, डिग्री होल्डर पंजीकृत व प्रशिक्षित करार देते हैं।ठीक इसी तर्ज पर नगर की गली-गली में गैर प्रशिक्षित महिला चिकित्सकों के द्वारा अपंजीकृत जच्चा-बच्चा केन्द्र बखौफ होकर सार्वजनिक रूप से चलाया जा रहा है। इन केन्द्रो पर प्रसव संबधी समस्याओं को लेकर प्रसव वाली महिला रोगियो का जबरजस्त आर्थिक दोहन किया जा रहा है। तथा समान प्रसव के भी डेढ़ दो हजार रूपये वसूल किये जा रहे है। इन केन्द्रो पर अवैध गर्भपात की सुविधा भी चारी छिपे सुगमता के साथ उपलब्ध है। बशर्ते आगन्तुक रोगी को पारिश्रमिक के रूप में मोटी रकम उपलब्ध कराना पड़ती है। इन केन्द्रोे के सम्बध जिला मुख्यालय पर स्थित ऐसे अल्ट्रा साउन्ड सेन्टरों से है जो कि मनमाफिक पैसे प्राप्त करने के बदले में भ्रूण के लिंग की जांच करते हैं।

ऐसी महिला मरीजों को पहले तो इन केन्द्रों की संचालक अप्रशिक्षित महिला चिकित्सक जिला मुख्यालय पर भेजती हैं। वहां अपने करीबी अल्ट्रासांउण्ड सेंटरो पर भ्रूण के लिंग की जांच कराती हैं, बाद में मरीज कोवापस अपने केन्द्र पर बुलाकर गर्भपात कर देती है। इस कृत्य के बदले वे रोगीे से मनमानी रकम वसूलती है। मौजूदा समय में नगर में ऐसे गैर पंजीकृत जच्चा-बच्चा केन्द्रो की बाढ़ सी आई है। कोई रोकटोक न होने के कारण इन केन्द्रों की संख्या ओर भी तेंजी के साथ इजाफा हो रहा है। हालांकि स्वस्थ्य विभाग में गत दिनों ऐसी तथाकथित चिकित्सायों को चििन्हत करने व उन पर शिकंजा कसने की औपचारिकता निभाई, लेकिन यह औपचारिकता विभागीय कमाईं का एक बेहतरीन जरिया साबित हाकर रह गई है। इस अभियान के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन झोलाछाप चिकित्सकों को चििन्हत किया गया, उनसे मोटी रकम उगाहकर उन्हें पुन: अपनी प्रक्टिªस करने व मरीजों को धनादोहन करने के लिये फिर छोड़ दिया गया । अब ऐसे ही चिकित्सक स्वास्यि विभाग की एक नियमित आमदानी का जरिया बने हुये हैं। भला इन स्थितियों के चलते स्वास्थ्य विभाग ऐसे गैर प्रशिक्षित एवं गैर पंजीकृत चिकित्सकों के विरूद्ध कोई निरोधात्मक कार्यवाही करके अपने ही पेट पर क्योंं लात मारने लगेर्षोर्षो हां सुविधा शुल्क का भुगतान न करने व रोब ऐंठ दिखाने वाले कुछ झोलाछाप चिकित्सकों के विरूद्ध दिखावे मात्र के लिये दण्डात्मक कार्यवाही अवश्य की जाती है। कुल मिलाकर लंबे समय से नगर तथा क्षेत्र में जारी यह हालात धीरे-धीरे अपना व्यापक रूप लेते जा रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग सब कुछ जानते समझते हुये मूक दर्शक की भान्ति भूमिका में दिख रहा है। इस पवित्र मिशन की आड़ में मरीजों की जेबों एवं जान के साथ खिलवाड़ कर रहे उक्त तथा कथित चिकित्सक अपनी सक्रियता से समूचे ग्रामीण क्षेत्र को उत्पीड़ित किये हुये हैं। इस दिशा में शासन स्तर से किसी ठोस व प्रभावी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

Reetesh Kumar Sharma
9936504352

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बदनामी के भय से एक व्यक्ति ने मौत को गले लगाया

Posted on 07 July 2010 by admin

पुलिस कोतवाली अन्तर्गत ग्राम बुढ़वार में बदनामी के भय से एक व्यक्ति द्वारा स्वंय को आग के हवाले कर आत्महत्या कर ली गई। मृतक के पुत्र की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरूद्व मामला पंजीकृत किया है।

 प्राप्त जानकारी अनुसार पुलिस कोतवाली अन्तर्गत ग्राम बुढ़वार में पुतनऊ बंधा के पास मंगलवार की सुबह एक अध जली  लाश पड़ी मिली। ग्राम वासियों ने शव के नजदीक जाकर जब उसकी शिनाख्त की तो मृतक गांव का वीरन बढ़ई निकला। मृतक के पुत्र घनश्याम बढ़ई ने अपने पड़ोसी और उसकी पत्नी पर पिता को आत्महत्या हेतु मजबूर करने का आरोप लगाते हुये कार्यवाही की मांग की है।

मृतक के पुत्र ने बताया है कि उसके पड़ोसी प्रेमी पुत्र लक्षमन कुशवहा ने बीती 3 जुलाई को घर में जेवरातों की चोरी और पत्नी के साथ छेड़छाड़ करने का उसके पिता पर झूठा आरोप मढ़ा था। पड़ोसी की पत्नी श्रीबाई ने पुलिस से शिकायत की थी कि मृतक ने उसके घर में चोरी ही नहीं बल्कि उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ भी की थी। उक्त घटना के बाद से ही मृतक उदास-उदास सा रहता था। बताया गया है कि सोमवार की सुबह वीरन बढ़ई घर से जानवर लेकर चराने हेतु निकला था, इस दौरान वह कब अपने साथ मिट्टी के तेल की बोतल ले गया इसका परिजनों को पता ही नहीं चला। मृतक के पुत्र का कहना है कि जब उसका पिता रात को घर नहीं आया तो उसकी खोजबीन की गई, परन्तु उसका कही भी पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह कुछ लोगों ने पुतनऊ बंधा के पास अध जली अवस्था में मृतक का शव देखा। घनश्याम का आरोप है कि पड़ोसी और उसकी पत्नी द्वारा पुलिस में की गई झूठी शिकायत और बदनामी के भय से ही उसके पिता ने आत्महत्या कर ली। मृतक के पुत्र की शिकायत पर पुलिस ने बुढ़वार निवासी प्रेमी पुत्र लक्षमन, श्रीबाई पत्नी प्रेमी एवं रामसिंह पुत्र भगोले के विरूद्व धारा 306 के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना आरम्भ कर दी है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेते हुये पंचनामा उपरान्त पोस्टमार्टम हेतु भी भिजवाया है।

Reetesh Kumar Sharma
9936504352

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लापरवाही बनी जानलेवा

Posted on 07 July 2010 by admin

थाना नाराहट के ग्राम बम्हौरी कलां बुधवार की सुबह घटित एक घटनाक्रम में पिता और पुत्र गम्भीर रूप से आग की प्रचण्ड लपटों में आकर झुलस गये। परिजनों द्वारा आग से झुलसे व्यक्तियों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां अब उनका उपचार जारी है। कभी-कभी थोड़ी सी न-समझी भी एक बढ़ी मुसीबत बन जाती है। पुलिस थाना नाराहट अन्तर्गत ग्राम बम्हौरीकलां में घटित एक घटना को न-समझी कहे अथवा हादसा जिसकी भेंट चढ़े एक पिता-पुत्र के लिये जान पर आफत आ गई, और अब यह लोग जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती होकर उपचार कराने हेतु मजबूर है। बताया गया है कि ग्राम निवासी मन्नू पुत्र बंसते का विवाह दो वर्ष पूर्व ही हुआ था। विवाह में उक्त युवक को अन्य दान, दहेज के अलावा एक मोटर साईकिल भी ससुराल पक्ष द्वारा दी गई थी। घटना के सम्बध में बताते है कि बुधवार की सुबह मन्नू लाल की मोटर साईकिल स्टार्ट नहीं हो रही थी, मोटर साईकिल के स्टार्ट न होने की बजह जानने के उद्देश्य से युवक द्वारा माचिस की तीली जलाकर गाड़ी की टंकी में पेट्रौल की जांच की गई। बस यही न-समझी युवक और उसके 45 वषीZय पिता बंसते पुत्र शिवराज की जॉन के लिये मुसीबत साबित हुयी। माचिस की तीली से पकड़ी आग की तेज की लपटो ने सबसे पहले पुत्र और बाद में उसे बचाने आये पिता को अपनी चपेट में ले लिया। उक्त घटना की बजह से पिता और पुत्र गम्भीर रूप से झुलस गये है। परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी प्राप्त हुई तत्काल ही आग से झुलसे व्यक्तियों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। 

Reetesh Kumar Sharma
9936504352

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सूखे खेतों को है जोरदार बारिश का इन्तजार

Posted on 07 July 2010 by admin

मौसम भी नित्य नई करवटे ले रहा है। जहां सांझ ढले हल्की बारिश मौसम को खुशगवार बना देती है वहीं आजकल दिन में पड़ रही कड़ी धूप और उमस जनता को पसीने से सराबोर कर देती है। मौसम के इस परिवर्तित रूख के चलते जनता में मायूसी दिखाई दे रही है। बारिश के अभाव में क्षेत्र के अनेकों गांवों में किसानों के खेत भी तैयार नहीं हो पा रहे है और उनमें रोष देखा जा रहा है।  उल्लेखनीय है कि दलहनी फसलों की बुबाई का समय नजदीक है। बारिश के अभाव में खेत अच्छी तरह से तैयार नहीं हो पा रहे है। जिले के अनेकों गांवों में छुट-पुट बारिश का सिलसिला जारी है तो कई ग्राम ऐसे भी है, जहां पानी के नाम पर एक बून्द भी नहीं है। जिला मुख्यालय पर ही अगर देखा जाये तो दोपहर बाद मौसम बिल्कुल परिवर्तित मूड़ में दिखाई देता है, जबकि दिन में तेज धूप और उमस जनता को बेहाल कर देती है। बारिश तो होती है, परन्तु कृषि और अन्य दृष्टि से यह अभी अ-पर्याप्त है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो मानसून अब शीघ्र ही अपने पूर्ण यौवन के साथ आने वाला है, परन्तु यह मानसून बुन्देलखड की सूखी धरती को कितना सिचिन्त और हरियाली प्रदान कर पायेगा, बस यही चिन्ता लोगों को खाये जा रही है। क्षेत्र के अनेकों गांवों में ईश्वर को मनाने हेतु मिन्दरों में पूजन, अर्चन और अनुष्ठानों सहित तरह-तरह के टोटकों को क्रम जारी हो गया है। सूखे खेतों का सीना फाड़ उसमें अपनी मेहनत के पसीने की बून्द गिराकर फसल उत्पदान करने वाला किसान आसमान पर टकटकी लगाये बैठा हुआ है। इस वर्ष की बारिश से क्षेत्र के किसान को बढ़ी उम्मीद है। ईश्वर से सभी की बस यही कामना है कि इस बार यह उम्मीद, उम्मीद ही बन कर न रह जाये। 

Reetesh Kumar Sharma
9936504352

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पुलिस कर्मी के पुत्र ने खुद को गोली से उड़ाया

Posted on 07 July 2010 by admin

कोतवाली अन्तर्गत मुहल्ला गांधी नगर में   बुधवार की सांय एक पुलिस कर्मी के पुत्र एवं बी. एस. सी. के छात्र ने सीने में गोली मार कर आत्महत्या कर ली। मृतक की मौत की खबर से जैसे ही मुहल्लेंवासियों और परिजनों को लगी सभी सुनकर दंग रह गये। छात्र द्वारा किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई यह अभी जांच घेरे में है। पुलिस द्वारा परिजनों और युवक के मित्रों से पूछतांछ जारी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार कोतवाली अन्तर्गत मुहल्ला गांधी नगर निवासी 21 वषीZय रवि वर्मा पुत्र रामचरन वर्मा ने तंमचे से सीने में गोली मार कर आत्महत्या कर ली। मृतक अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था। पिता रामचरन वर्मा पुलिस महकमें में कानपुर देहात में तैनात है। घर पर मां और रवि वर्मा अकेले रहते थे। रामचरन की तीन पुत्रिया है, जिनकी शादी हो चुकी है। बताया गया है कि आज सांय करीब 6 बजेेे के दरम्यान मुहल्लें वासियों ने गोली चलने की आबाज सुनी, गोली की आबाज सुनकर मृतक रवि वर्मा की मां मिथलेश वर्मा ने मुहल्लेंवासियों को आबाज दी, जिस पर पड़ौसियों ने कमरे में जाकर झांका तो वहां खून से लथ-पथ अवस्था में मृतक घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। पड़ौसी उक्त युवक को जिला संयुक्त चिकित्सालय उपचार हेतु ले जा रहे थे, उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। डाक्टरों ने जिला चिकित्सालय में युवक को मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिली है कि मृतक ने मां की टोका-टाकी के चलते उक्त दुस्साहिसपूर्ण कदम उठाया। रवि वर्मा बी. एस. सी. फाईनल ईयर का छात्र था और ललितपुर में रहकर ही अपनी पढ़ाई पूर्ण कर रहा था। मृतक ने सीने में बाई तरफ गोली मारी, दिल से छूती हुई गोली निकल जाने के कारण वह अधिक समय तक जीवत न रह सका। घटना स्थल से पुलिस को तंमचा और एक जिन्दा एवं एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है। उक्त घटना के बाद मुहल्लें में चर्चा का बाजार गर्म है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। परिजनों के अतिरिक्त मृतक युवक के मित्रों से भी पूछतांछ जारी है।

Reetesh Kumar Sharma
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युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगायें - बंटी

Posted on 04 July 2010 by admin

राजकीय संप्रेक्षण गृह में किये फल व वितरण

ललितपुर- समाजसेवी संस्था ओम फाउण्डेशन तथा यूरोपिया एक्सपर्ट इंस्टीटज्ञूट के संयुक्त तत्वाधान में आज नेहरू नगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में फल, बिस्कुट आदि का वितरण किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय मन्त्री प्रतिनिधि जसपालसिंह बंटी कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुनील शर्मा एवं संप्रेक्षण गृह प्रभारी शैलेन्द्र रहे।

इस दौरान मन्त्री प्रतिनिधि ने हा कि युवा अपनी ऊर्जा को राष्ट्र के निर्माण में लगायें तथा रोजगार सृजन के कार्यक्रम र अपने उज्जवल भविष्य  को संवारे। वहीं कांग्रेस नगराध्यक्ष ने हा कि आज समाज  को सुधारने के लिए युवाओं को आगे आर महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। इसके साथ ही युवाओं को नशा इत्यादि छोड़र अपने भविष्य निर्माण के बारे में गम्भीरता से सोचना चाहिए। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता, मनीष गुप्ता,अनिल ललित, अजित वर्माए अंकित जैन, आकाश जैन, अजय कुशवाहा, सोनू पन्थ, पवन पन्थ, रमेश कुशवाहा, अमित वर्मा, मोंटी  आदि मौजूद रहे। संचालन बृजेश गुप्ता ने किया।

Reetesh kumar sharma
9936504352

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