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Archive | राष्ट्रीय

राज्य वन विकास अभिकरण, उत्तर प्रदेश के गठन को मंजूरी

Posted on 04 September 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मन्त्रिपरिद् की बैठक में निम्न निर्णय लिए गए

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश मन्त्रिपरिद् ने आज राज्य वन विकास अभिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। साथ ही मन्त्रिपरिद् ने राज्य वन विकास अभिकरण का गठन सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट-1860 के अन्तर्गत किए जाने तथा सोसाइटी के मेमोरेण्डम ऑफ एसोसिएशन एवं नियमावली को भी अनुमोदित कर दिया है।

गौरतलब है कि प्रदेश में वन क्षेत्रों के कुछ भागों का संरक्षण संवर्धन एवं विकास स्थानीय ग्रामवासियों के साथ सहभागी प्रबन्धन से किया जा रहा है। इसके लिए वित्त पोण राश्ट्रीय वनीय कार्यक्रम के तहत राश्ट्रीय वनीकरण एवं पारिस्थितिकीय विकास बोर्ड, वन एवं पर्यावरण मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जाता है। अब इस कार्यक्रम के संशोधित संचालन मार्ग निर्देश में राज्य स्तर पर वन विकास अभिकरण के गठन करने के निर्देश हैं।

प्रस्तावित राज्य वन विकास अभिकरण, उत्तर प्रदेश के समस्त प्रभागों के वन विकास अभिकरणों के संघ के रूप में कार्य करेगा। पूर्व में प्रभागों द्वारा वन विकास अभिकरण के प्रस्ताव भारत सरकार को अलग-अलग प्रेशित किए जाते थे। वर्तमान निर्देश के अनुसार समस्त वन प्रभागों से सम्बन्धित प्रस्ताव संहत रूप से भारत सरकार को प्रेशित किया जाना है। पूर्व में भारत सरकार द्वारा वित्त पोण सीधे प्रभाग स्तरीय वन विकास अभिकरण को किया जाता था। अब नए मार्ग निर्देश के अनुसार प्रदेश स्तर पर धनरािश भारत सरकार द्वारा राज्य वन विकास अभिकरण को उपलब्ध करायी जायेगी।

लघु उद्यमियों, विशिष्ट हस्तिशल्पियों व निर्यात प्रोत्साहन हेतु संचालित पुरस्कार योजनायें बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर देने का निर्णय

मन्त्रिपरिषद ने लघु उद्यमियों, विशिष्ट हस्तशिल्पियों तथा निर्यात प्रोत्साहन हेतु संचालित पुरस्कार योजनाओं का नामकरण बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी जैसे महानुभावों के नाम पर किये जाने का निर्णय लिया है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार लघु उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार योजना अब `बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर लघु उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार योजना` के नाम से जानी जायेगी। विशिष्ट हस्त शिल्पियों को दिये जाने वाला प्रादेशिक पुरस्कार योजना भी अब `बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर विशिष्ट हस्तशिल्पी प्रादेशिक पुरस्कार योजना` के नाम से होगी। इसी प्रकार निर्यात पुरस्कार योजना का नाम `मान्यवर श्री कांशीराम निर्यात पुरस्कार योजना` कर दिया गया है।

ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य हैं। प्रदेश के लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा प्रदेश के लघु उद्यमियों को लघु उद्योग पुरस्कार, हस्तशिल्पियों को हस्तशिल्प पुरस्कार एवं निर्यातकों को निर्यात पुरस्कार दिये जाने की योजना विद्यमान है। राज्य सरकार ने इन पुरस्कारों को बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर तथा मान्यवर श्री कांशीराम जी जैसे महानुभावों की स्मृति स्वरूप, इनके नाम पर संचालित करने का फैसला किया है। इन महानुभावों का देश व समाज के उन्नयन में बहुमूल्य योगदान रहा है। मन्त्रिपरिद के निर्णय से जहां एक ओर  इन पुरस्कार योजनाओं का मान बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर इन पुरस्कारों को पाने वाले व्यक्ति स्वयं को गौरवािन्वत महसूस करेंगे।

कृशि विश्वविद्यालयों एवं डीम्ड विश्वविद्यालय, इलाहाबाद के शिक्षकों/समकक्षीय संवर्ग को पुनरीक्षित वेतनमान देने का निर्णय

मन्त्रिपरिद् ने आज कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ, फैजाबाद, कानपुर एवं इलाहाबाद एग्रीकल्चरल इन्स्टीट्यूट (डीम्ड विश्वविद्यालय) इलाहाबाद के शिक्षकों/समकक्षीय संवर्ग को छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वेतनमान पुनरीक्षित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
मन्त्रिपरिद् द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार शिक्षकों/समकक्षीय संवर्ग के वेतनमानों का 01 जनवरी, 2006 से पुनरीक्षण कृषि मन्त्रालय, भारत सरकार के पत्र दिनांक 13 मार्च, 2009 के अनुसार होगा। वेतनमानों का पुनरीक्षण उन्हीं मामलों में अनुमन्य होगा, जिनमें 01 जनवरी, 2006 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिद के देय वेतनमान पा रहे थे। पुनरीक्षण वेतनमान का लाभ 01 जनवरी, 2006 से देय होगा तथा अन्य भत्ते उसी प्रकार दिए जायेंगे, जैसा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को स्वीकृत किये जाते हैं।

मन्त्रिपरिद् द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार नए वेतनमानों में नोशनल फिक्सेशन कर भुगतान 01 दिसम्बर, 2008 से देय होगा। पुनरीक्षित वेतनमान के एरियर भुगतान के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया है कि 01 जनवरी, 2006 से 30 नवम्बर, 2008 तक के अवशेश/अन्तरवेतन का भुगतान तभी अनुमन्य होगा, जब आई0सी0ए0आर0 (भारत सरकार) दिनांक 01 जनवरी, 2006 से दिनांक 31 मार्च, 2010 तक की अवधि के एरियर के व्यय भार का 80 प्रतिशत वहन करने के लिए सहमति प्रदान करते हुए इस हेतु देय धनरािश अवमुक्त कर दे। देय अवशेश धनराशि का आधा भुगतान वर्ष 2010-11 में एवं शेश आधा भुगतान वर्ष 2011-12 में किया जायेगा। भुगतान की पद्धति राज्य कर्मचारियों के समान ही होगी।

अनुदानित अभियन्त्रण संस्थाओं में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों हेतु शिक्षण शुल्क का निर्धारण
मन्त्रिपरिषद द्वारा अनुदानित अभियन्त्रण संस्थाओं ( इन्जीनियरिंग कालेज) में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में वर्तमान में लागू शुल्क दरों को संशोधित किये जाने के प्रस्ताव को मन्जूरी प्रदान कर दी है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार सरकार द्वारा अनुदानित समस्त अभियन्त्रण संस्थाओं में, एन0आर0आई कोटे की पांच प्रतिशत सीटों को छोड़ते हुए शिक्षण सत्र 2010-11 से बी0 टेक, बी0 आर्क, बी0फार्मा आदि के लिये 40 हजार रू0 प्रति छात्र प्रति वर्ष शुल्क निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार एम0सी0ए0, एम0बी0ए0, एम0टेक के लिए 25 हजार रू0 प्रति छात्र प्रति वर्ष शुल्क निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में छात्रावास शुल्क तथा परीक्षा शुल्क सम्मिलित नहीं है। छात्रावास शुल्क संस्थाओं द्वारा नियमानुसार अपनी अधिशाशी समिति के माध्यम से निर्धारित की जायेगी। परीक्षा शुल्क प्राविधिक विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित किया जायेगा।

यह शुल्क ऐसे छात्रों से लिया जायेगा, जो शिक्षण सत्र 2010-11 में प्रवेश लेंगे। शिक्षण सत्र 2010-11 से पूर्व के छात्रों पर पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी। पिछले शिक्षण सत्र में प्रवेश लेने वाले ऐसे छात्र जो या तो फेल हो गये हैं या किसी अन्य कारण से परीक्षा नहीं दे सके हैं और पुन: सत्र 2010-11 में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेते हैं, उन पर नई शुल्क व्यवस्था लागू होगी।

एन0आर0आई0 की अधिकतम पांच प्रतिशत सीटों पर अधिकतम शुल्क 07 हजार यू0एस0 डॉलर प्रति छात्र प्रति वर्ष होगा। इसके अलावा प्रवेश के समय छात्रों से एक बार पांच हजार रू0 की धनराशि प्रतिभूति के रूप में ली जायेगी, जो पाठ्यक्रम के अन्तिम वर्ष के समाप्त होते ही सम्बंधित छात्र को नियमानुसार वापस कर दी जायेगी।

राज्य सरकार द्वारा अनुदानित अभियन्त्रण संस्थाओं में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस का निर्धारण भविश्य में आवश्यकता/औचित्य को देखते हुए संस्थान की प्रशासकीय परिद द्वारा किया जायेगा।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा अनुदानित अभियन्त्रण संस्थाओं में बी0टेक0, बी0आर्क तथा बी0 फार्मा पाठ्यक्रमों हेतु 25 हजार रू0 प्रति छात्र प्रतिवर्ष, समस्त स्नात्कोत्तर पाठ्यक्रम हेतु 17 हजार रू0 प्रति छात्र प्रति वर्ष तथा एन0आर0 आई0 सीट हेतु पांच हजार यू0 एस0 डॉलर प्रति छात्र प्रतिवर्ष फीस वर्ष 2003 में निर्धारित की गई थी। अभियन्त्रण संस्थाओं को प्राप्त होने वाला अनुदान वर्ष 1998-99 से फ्रीज है। पिछले सात वर्षो में मुद्रा स्फीति की दरों तथा विभिन्न उपकरणों एवं अन्य जरूरी संसाधनों की कीमतों में हुई वृद्धि एवं छठे वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू किये जाने से वित्तीय भार में हुई बढोत्तरी को दृिश्टगत रखते हुए राज्य सरकार ने पूर्व निर्धारित शुल्क को पुनरीक्षित करने का फैसला किया है।
01 अप्रैल, 2005 के पूर्व राज्य सरकार के अधीन किसी पेंशनयुक्त सेवा संवर्ग में नियुक्त ऐसे कर्मी जो 01 अप्रैल, 2005 को अथवा इसके पश्चात राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पेंशनयुक्त सेवा में नियुक्त हों, को पुरानी परिभाशित लाभ पेंशन योजना से आच्छादित माने जाने की अनुमति

उत्तर प्रदेश मन्त्रिपरिद ने आज राज्य कर्मचारियों की पेंशन से सम्बन्धित एक मसले पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जिसके तहत ऐसे सभी कर्मचारी जिन्होंने राज्य सरकार की अथवा ऐसे समस्त शासन के नियन्त्रणाधीन स्वायत्तशासी संस्थाओं और शासन से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं, जिनमें राज्य कर्मचारियों की पेंशन योजना की भान्ति पेंशन योजना लागू थी और उनका वित्त पोशण राज्य सरकार की समेकित निधि से किया जाता है, की पेंशनयुक्त सेवा में 01 अप्रैल, 2005 को अथवा इसके पश्चात राज्य सरकार की अथवा शासन के नियन्त्रणाधीन उक्त उिल्लखित स्वायत्तशासी संस्थाओं और शासन से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं की पेंशनयुक्त सेवा में अपनी पूर्व सेवा से कार्यमुक्त होकर अथवा तकनीकी त्यागपत्र देकर नियुक्त होते हैं, तो उसी पेंशन योजना से आच्छादित माने जायेंगे, जिस पेंशन योजना से वे दिनांक 01 अप्रैल, 2005 के पूर्व आच्छादित थे।

ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने 01 अप्रैल, 2005 को अथवा इसके पश्चात नई भर्तियों से आने वाले कर्मियों पर नई परिभाशित अंशदायी पेंशन योजना अनिवार्य रूप से लागू किया है।
उत्तर प्रदेश सचिवालय खान-पान निगम का नाम परिवर्तित कर उ0प्र0 सचिवालय सत्कार सेवा संस्था किया गया

मन्त्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सचिवालय खान-पान निगम के नाम को परिवर्तित कर उ0प्र0 सचिवालय सत्कार सेवा संस्था किये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
बायो पेस्टीसाइड्स, बायो एजेन्ट्स, इको फ्रेण्डली व बीज शोधक रसायनों पर वर्ष 2010-11 में अनुदान दिये जाने का प्रस्ताव स्वीकृत
मन्त्रिपरिषद ने बायोपेस्टीसाइड्स, बायो एजेन्ट्स तथा इको फ्रेण्डली एवं बीज शोधक रसायनों पर वर्ष 2010-11 में अनुदान दिये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया है। यह अनुदान वित्तीय वर्ष 2009-10 की भान्ति दिया जायेगा।
मन्त्रिपरिषद के फैसले के अनुसार लघु एवं सीमान्त कृशकों को बायो पेस्टीसाइड्स, बायो एजेन्ट्स पर 90 प्रतिशत तथा इको फ्रेण्डली रसायनों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। इस श्रेणी के कुल लाभार्थियों में 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी।

अनुसूचित जाति/जन जाति के कृषकों को बायोपेस्टीसाइड्स तथा बायो एजेन्ट्स पर 90 प्रतिशत तथा इको फ्रेण्डली रसायनों पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। इस श्रेणी के कुल लाभार्थियों में भी 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
बीज शोधक रसायनों पर कृषकों को 90 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य होगा।  25 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति/जनजाति के होंगे जिनमें महिला लाभार्थी 30 प्रतिशत होंगी।

ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा बायोपेस्टीसाइड्स, बायो एजेन्ट्स तथा इको फ्रेण्डली एवं बीज शोधक रसायनों की खपत में बढ़ोत्तरी के लिए इन पर अनुदान की योजना लागू की गई। इस योजना के लागू होने से फसलों में कीट/रोग नियन्त्रण की नई तकनीक को बढ़ावा मिला है।
उ0प्र0 अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2010 प्रख्यापित

मन्त्रिपरिषद ने उ0प्र0 अधिनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2010 प्रख्यापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) संवर्ग एक अधीनस्थ अराजपत्रित सेवा है, जिसमें राजकीय विद्यालयों में विभिन्न विषयों का अध्यापन कार्य सम्पादित करने वाले सहायक अध्यापक/सहायक अध्यापिका के पद सम्मिलित है। इस वर्ग के शिक्षकों के लिए उ0प्र0 अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली 1983 तथा उसका प्रथम संशोधन 1992 प्रख्यापित की गई थी।

नियम-8 (यथा संशोधित) में प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी के अध्यापकों के विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की शैक्षिक अहर्तायें निर्धारित हैं। सीधी भर्ती के वर्तमान अहर्ताओं में डा0 शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा प्रदत्त बी0एड0 (विशेष शिक्षा) की अहर्ता को कतिपय पदों की सीधी भर्ती की अहर्ता में सम्मिलित किया जाना प्रस्तावित था। यह संशोधन विकलांगों को सेवा योजन का अवसर प्रदान किये जाने के उद्देश्य से किया गया था।

सीधी भर्ती की प्रक्रिया सम्बन्धी नियमों में आवेदन पत्र के साथ ली जाने वाली फीस निर्धारित है। वर्तमान में यह फीस अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति के अभ्यर्थियों के लिए 5 रूपये तथा अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए 15 रूपये निर्धारित है। यह फीस अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 40 रूपये तथा अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 100 रूपये प्रस्तावित किया गया।

उत्तर प्रदेश वेतन समिति-2008 की संस्तुतियों के क्रम में लागू वेतन संरचना में वेतन के आधार पर अग्रिम अनुमन्य किए जाने का निर्णय

मन्त्रिपरिद् ने आज उत्तर प्रदेश वेतन समिति-2008 की संस्तुतियों के क्रम में लागू वेतन संरचना में वेतन के आधार पर राज्य कर्मचारियों को भवन निर्माण/क्रय, भवन मरम्मत/विस्तार, मोटर कार/मोटर साइकिल/स्कूटर/मोपेड तथा व्यक्तिगत कम्प्यूटर क्रय हेतु अग्रिम अनुमन्य किए जाने की मंजूरी प्रदान कर दी है।

मन्त्रिपरिद् द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार भवन निर्माण/क्रय हेतु वेतन बैण्ड में 34 माह का वेतन या अधिकतम रूपये 7.50 लाख अथवा भवन की लागत, जो भी कम हो, भवन मरम्मत/विस्तार हेतु वेतन बैण्ड में 34 माह का वेतन या अधिकतम रूपये 1.80 लाख अथवा विस्तार की लागत, जो भी कम हो, को अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसी प्रकार मोटर कार अग्रिम हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 19,530 या अधिक की पात्रता निर्धारित की गई है। मोटर साइकिल/स्कूटर हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 8,560 या अधिक तथा मोपेड/आटो साइकिल हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 5,060 या अधिक पाने वाले कर्मचारियों को अग्रिम देने का निर्णय लिया गया है। साइकिल हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 9,300 या कम की पात्रता निर्धारित की गई है। व्यक्तिगत कम्प्यूटर अग्रिम हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 14,880 या अधिक पाने वाले कर्मियों की पात्रता निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।

ज्ञातव्य है कि विभिन्न अग्रिमों की अधिकतम अनुमन्य राशियों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। अग्रिमों से सम्बन्धित यह सभी निर्णय केन्द्र सरकार के वर्तमान में लागू नियमों के आधार पर लिए गए हैं।

विभिन्न विभागों, नागर निकायों, आवास-विकास परिद एवं विकास प्राधिकरणों में कार्यरत वर्कचार्ज व दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को विनियमित करने का निर्णय

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में विभिन्न विभागों, नागर निकायों, आवास-विकास परिषद तथा विकास प्राधिकरणों में वशZ 1991 के पूर्व नियुक्त/कार्यरत समस्त वर्कचार्ज एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को विनियमित करने का निर्णय लिया गया है।

मन्त्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार विभिन्न विभागों में नियुक्त/कार्यरत समस्त वर्कचार्ज तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए अधिसंख्य पद सृजित किये जायेंगे। इस निर्णय से सरकार पर लगभग 20 करोड़ रूपये का वार्शिक अतिरिक्त व्यय भार आयेगा।

इसी प्रकार नागर निकायों, आवास-विकास परिषद तथा विकास प्राधिकरणों में कार्यरत समस्त वर्कचार्ज तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, जिनकी नियुक्ति 1991 से पहले की है, को सम्बंधित संस्थाओं में अधिसंख्य पद सृजित करते हुए विनियमित किया जायेगा। इन कर्मियों के विनियमितीकरण से स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों पर लगभग 60 करोड़ रूपये का वार्शिक अतिरिक्त व्यय भार आयेगा, जिसे सम्बंधित निकाय/प्राधिकरण द्वारा वहन किया जायेगा।

ज्ञातव्य है कि वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न विभागों में लगभग 10 हजार वर्कचार्ज तथा 9़800 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी वर्ष 1991 के पहले से कार्यरत है। इसी प्रकार नागर निकायों में लगभग 03 हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, आवास-विकास परिशद तथा विभिन्न प्राधिकरणों में लगभग 03 हजार वर्कचार्ज और एक हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी वर्ष 1991 से पूर्व कार्य कर रहे हैं। इन सभी कर्मचारियों में से अधिकांश को मा0 उच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशो के तहत न्यूनतम वेतन तथा उस पर देय भत्ता प्रदान किया जा रहा है। यह भी ज्ञातव्य है कि शासन द्वारा 29 जून, 1991 के पश्चात् दैनिक वेतन अथवा वर्कचार्ज पर नियुक्ति प्रतिबन्धित है।

राज्य के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 5200-20200 रू0 वेतन बैण्ड तथा 1800 रूपये का ग्रेड-पे देने का निर्णय

सरकार के इस निर्णय से 3 लाख कर्मचारी लाभािन्वत होंगे

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के तहत केन्द्र सरकार की भान्ति 5200-20200 रूपये वेतन बैण्ड तथा 1800 रूपये का ग्रेड पे देने का निर्णय लिया गया है।

मन्त्रिपरिषद के इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 03 लाख चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उच्च वेतन बैण्ड का लाभ मिलेगा, जिस पर लगभग 350 करोड़ रूपये का वार्शिक व्यय भार आयेगा। भारत सरकार की भान्ति राज्य सरकार द्वारा समस्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर तात्कालिक प्रभाव से नई भर्ती नहीं करने का निर्णय लिया है।

ज्ञातव्य है कि वर्तमान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 4440-7440 रूपये का वेतन बैण्ड तथा 1300 रूपये ग्रेड पे रिप्लेसमेंट के रूप में दिया जा रहा है। वेतन समिति द्वारा यह संस्तुति की गई थी कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 4440-7440 का वेतन बैण्ड दिया जाय तथा ग्रेड पे 1300 रूपये से बढ़ाकर 1400 रूपये किया जाये तथा इनके ऊपर वाले वेतन में ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जिनकी संख्या लगभग 30 हजार होगी, को केन्द्र सरकार की भान्ति 5200-20200 वेतन बैण्ड एवं 1800 ग्रेड पे के रूप में दिया जाये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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संशोधित किसानों की हर सम्भव मदद की जायें - सहकारिता मन्त्री

Posted on 04 September 2010 by admin

उ0प्र0 सहकारी ग्राम विकास बैंक आधुनिक कार्य संस्कृति अपनायें

बैंक की ऋण वसूली में आशातीत सुधार विगत एक साल में 268 कार्मिकों की पदोन्नतियॉ

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सदस्यों की संख्या विगत तीन वर्षो में 120694 से बढ़कर 132.841 हो गई। जिसके फलस्वरूप बैंक की अंश पूंजी तथा निजी पूंजी भी क्रमश: 254 करोड़ से 471 करोड़ रूपये एवं 422 करोड़ से बढ़कर 457 करोड़ रूपये हो गई है। इसी अवधि में ऋण वितरण का लक्ष्य भी 490 करोड़ से बढ़कर 703 करोड़ रूपये हो गया है। विगत दस वर्षो से ऋण वसूली में आ रही गिरावट को रोकने के लिये बैंक शाखाओं के अभिलेखों को विगत तीन वर्षो में दुरूस्त कराया गया, जिसके कारण वसूली में आशातीत बढ़ोत्तरी हुयी है।

यह बात सहकारिता मन्त्री श्री बाबू सिंह कुशवाहा ने आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बैंक के तीन वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि बैंक की शाखाओं के अभिलेख पूर्ण कराये जाने से ऋण वसूली में सहूलियत हुयी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ऋण माफी एवं ऋण राहत योजना के पूर्ण होने के उपरान्त बैंक की वसूली हेतु विशेष प्रयास किये गये। वित्तीय वर्ष 2008-09 में 38 प्रतिशत के सापेक्ष 2009-10 में 44 प्रतिशत वसूली हुयी, जो गत वर्ष से 6 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार बैंक की नकद वसूली में अपेक्षित सुधार हुआ।

मन्त्री ने बताया कि किसानों में जागरूकता अभियान चलाने के लिये नाबार्ड के सहयोग से प्रदेश में 202 कृषक क्लबों का गठन किया जा चुका है। बैंक के अपने आय स्त्रोत विकसित करने हेतु सावधि जमा योजना के अन्तर्गत रू0 40.00 करोड़ तक की जमा वर्ष 2009-10 करायी गई, जो विगत तीन वर्ष पहले के 3.34 करोड़ रू0 से 36.66 करोड़ रूपये अधिक है। इससे बैंक के वित्तीय स्त्रोतों में वृद्धि हुयी।

उन्होंने कहा कि बैंक में अधिकतम कर्मचारियों एवं अधिकारियों के सेवा सम्बंधी मामलों का निस्तारण करते हुये 268 पदोन्नतियॉं वर्ष 2009-10 में की गई, जो बैंक के इतिहास में कर्मचारी हित में एक अभूतपूर्व निर्णय है। बैंक में नयी कार्य प्रणाली एवं कार्य संस्कृति विकसित करने के लिये स्वस्थ परिवेश सृजन तथा अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब का निर्माण कराया गया। किसानों तथा बैंक के प्रधान कार्यालय पर आने वाले आगन्तुकों के दर्शनार्थ बैंक की कार्य पद्धति-प्रणाली एवं प्रगति को प्रदर्शित करते हुये आकर्षक प्रदर्शनी कक्ष बनाया गया है। उन्होंने निर्देश दिये कि किसानों में सहकारिता के प्रति जागरूकता पैदा की जाये तथा किसानों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध करायी जाये, जिससे उनकी आय में इजाफा हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री अमल कुमार वर्मा, प्रबंध निदेशक श्री नवल किशोर सहित बैक के सभी अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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राहुल ने सुनी समस्याएं

Posted on 04 September 2010 by admin


कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने अमेठी के अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन शुक्रवार को स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया, ”कांग्रेस महासचिव ने मुंशीगंज अतिथि गृह में शुक्रवार को संसदीय क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से आए करीब 1,500 ग्रामीणों का दुख-दर्द सुना।”

सिंह के मुताबिक लोगों ने बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा एंव स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अपनी समस्याओं से कांग्रेस महासचिव को अवगत कराया। राहुल ने एक-एक करके सबकी समस्याओं को ध्यान से सुना और उनका हरसंभव समाधान करने का वायदा किया।

सिंह ने कहा कि समस्याएं सुनने के बाद राहुल ने ग्रामीणों से उनके गांव में चल रही केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी ली। ज्यादातर लोगों की तरफ से योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतें की गईं। इससे पहले राहुल ने सुबह स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की।

प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस महासचिव को मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल का दौरा करना है। वह गांवों का औचक भ्रमण भी कर सकते हैं। राहुल शुक्रवार शाम दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

दौरे के दूसरे दिन गुरुवार रात को राहुल एक महिला की हत्या के मामले में मुसाफिरखाना थाने पहुंचे और वहां के पुलिस अधिकारियों को निर्धारित समय के अंदर जांच पूरी करने के निर्देश दिए। इससे पहले गौरीगंज कस्बे में राहुल ने भारतीय संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की 3जी मोबाइल सेवाओं का लोकार्पण किया।

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दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला

Posted on 04 September 2010 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक मामूली प्रशासनिक फेर बदल के तहत प्रमुख सचिव के पद पर तैनात दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया है कि उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल को कृषि, शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर तैनात किया गया है, अग्रवाल कपिल देव की जगह लेंगे।

कपिल देव को स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर तैनात किया गया है। यह विभाग अब तक मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर सिंह के पास था, जो कि वाणिज्य कर एवं मनोरंजन कर विभाग तथा नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव भी है।

Vikas Sharma
Editor
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Ph-09415060119

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बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जायें- मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती

Posted on 28 August 2010 by admin

बाढ़ राहत काकार्यो के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 10 करोड़ रू0 अवमुक्त

बाढ़ में फंसे लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए

क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलियों की मरम्मत के लिए 02 करोड़ रू0 अलग से जारी

पी0ए0सी0 को ढाई करोड़ रू0 33 नई रबराइज़ड बोट, मोटर बोट तथा अन्य जरूरी जीवन रक्षक उपकरणों हेतु उपलब्ध कराये गये

बाढ़ पीड़ितों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाए तथा संक्रामक रोगों की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए

चरसरी बांध के कटाव की युद्धस्तर पर मरम्मत करायी जाए, सिंचाई मन्त्री तत्काल हवाई सर्वेक्षण कर बांध के कटाव से उत्पन्न स्थिति का जायजा लें
लखनऊ -   उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सम्बन्धित जिलों के स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे बाढ़ पीड़ितों को युद्धस्तर पर सुरक्षित स्थानों में राहत शिविरों में पहुंचाकर राहत सामग्री एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा है कि राहत या बचाव कार्य में शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।

सुश्री मायावती आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में बाढ़ राहत कार्यो की गहन समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत कार्यो के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 10 करोड़ रूपये की धनराशि अवमुक्त की गई है और सभी जनपदों को आवश्यकतानुसार धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलियों की मरम्मत के लिए 02 करोड़ रूपये अलग से दे दिए गए हैं। इसके अलावा बचाव एवं राहतकार्यो के लिए 33 नई रबराइज़ड बोट, मोटर बोट तथा अन्य जरूरी जीवन रक्षक उपकरणों की व्यवस्था हेतु पी0ए0सी0 को ढाई करोड़ रूपये की धनराशि उपलब्ध करायी गई है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि बाढ़ राहत मद में धन की कोई कमी नहीं है। इसलिए आवश्यकता के अनुरूप नाव, मोटर बोट, खाद्य सामग्री और औषधियों की समुचित व्यवस्था की जाए और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि बाढ़ के कारण जो लोग फंसे हों, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

सुश्री मायावती ने कहा कि उनके निर्देश पर प्रदेश के सिंचाई मन्त्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बाढ़ प्रभावित बिजनौर, कांशीराम नगर, बलिया, गोण्डा तथा बहराइच जनपदों में राहत कार्यो की मौके पर समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि उनके निर्देशों के क्रम में शासन स्तर पर बाढ़ राहत एवं बचाव सम्बन्धी उपायों की समीक्षा मुख्य सचिव द्वारा विगत 25 अगस्त को की गई। उन्होंने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में कराये जा रहे राहत एवं बचाव कार्यो की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार संसाधनों की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यमन्त्री ने बन्धों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाराबंकी-गोण्डा जनपदों की सीमा पर स्थित परसावल गांव में चरसरी बांध में आज हुए कटाव की युद्धस्तर पर मरम्मत कराने का निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई मन्त्री को तत्काल हवाई सर्वेक्षण कर बांध के कटाव से उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित ग्रामों के निवासियों को त्वरित बचाव एवं राहत सहायता पहुंचाने के आदेश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से जहां भी नदियों में उफान के कारण बांध प्रभावित हुए हैं, उनकी भी मरम्मत करायी जाए। उन्होंने कहा कि कई बार बंधों के रख-रखाव में लापरवाही के कारण नदियों में बाढ़ के समय में बंधे टूट जाते हैं, जिससे कृषि योग्य भूमि एवं क्षेत्र की आबादी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि बंधों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

सुश्री मायावती ने बाढ़ पीड़ितों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा संक्रामक रोगों की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। ज्ञातव्य है कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को नामित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों के अनुपालन में बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर-खीरी, पीलीभीत, कांशीराम नगर, मेरठ तथा बाराबंकी जिलों के लिए अपर स्वास्थ्य निदेशकों को बाढ़ राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाओं का प्रबन्धन एवं अनुश्रवण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमन्त्री ने बाढ़ प्रभावित जनपदों में जिलाधिकारियों के अधीन स्थापित बाढ़ नियन्त्रण कक्ष को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यहां प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी सड़कें एवं पुल बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करायी जाए, ताकि आवागमन में कोई असुविधा न हो और राहत कार्य सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्यो को कराने में कोई विलम्ब न हो, इसलिए सम्बन्धित मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को शासन द्वारा अधिकार प्रतिनिधानित कर दिए गए हैं, ताकि वे अपने स्तर से निर्णय लेकर तत्काल कार्य प्रारम्भ करा सकें। उन्होने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए आवश्यकतानुसार चारा की व्यवस्था करने तथा बीमारियों से बचाव के लिए अभियान चलाकर पशुओं का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मनरेगा के तहत आदर्श तालाब, पारम्परिक जल स्रोतों के संवर्धन एवं खेत तालाब के निर्माण हेतु दिशा निर्देंश जारी

Posted on 27 August 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देंश दिये गया हैं कि प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के तहत पंचायती राज संस्थाओं के स्तर से आदर्श तालाब एवं खेत तालाब के निर्माण में व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए प्राकृतिक जल संग्रहण क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का मौके पर निरीक्षण करने के उपरान्त ही कार्य प्रारम्भ किया जाये। इसमें यह भी सुनिश्चित किया जाये कि तालाबों में जल संचयन के लिए निर्धारित डिजाइन के अनुसार ही इनलेट तथा आउटलेट की व्यवस्था की जाय।

यह निर्देंश ग्राम्य विकास सचिव श्री मनोज कुमार सिंह ने दिये हैं। उन्होंने कहा है कि बरसात में जितने भी आदर्श तालाब निर्मित किये गये हैं, उनमें क्षमता के अनुसार जल संचयन होना सुनिश्चित किया जाये। साथ ही बरसात के पानी को तालाब के अन्दर पहुंचाने के लिए अगर नाले के निर्माण की आवश्यकता हो तो उसका निर्माण सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने जल संरक्षण एवं जल संचयन का कड़ाई से अनुपालन करने के भी निर्देंश दिये।

श्री सिंह ने कहा है बुन्देलखण्ड तथा विन्ध्याचल क्षेत्र में किसानों की सुविधानुसार खेत तालाब योजनान्तर्गत बड़े तालाब बनाये जाने की व्यवस्था भी की जाय। तालाबों की खुदाई से निकली हुई मिट्टी का उपयोग तालाब के किनारे प्लेटफार्म बनाने में किया जाय, ताकि इस प्लेटफार्म पर लाभार्थी समूह को फलदार वृक्ष रोपित करने के लिए प्रेरित किया जाय। इससे पर्यावरण सुधार के साथ-साथ उनकी आय में गुणात्मक वृद्धि होगी।

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बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए 2.50 करोड़ जारी

Posted on 27 August 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न रक्षा उपकरणों की खरीद के लिये 2.50 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। प्रमुख सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त श्री के0के0सिन्हा ने इस आशय की जानकारी देते हुये बताया कि यह धनराशि पी0ए0सी0 को 33 रबड़ की नावें व अन्य जीवन रक्षक उपकरणों की खरीद के लिये दी गई है।

राहत आयुक्त ने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में जिलाधिकारियों द्वारा गांव प्रधानों की मार्फत 500 लकड़ी की नावें बनवाई गई हैं जो बाढ़ पीड़ितो को लाने व ले जाने के प्रयोग में लाई जा रही हैं।

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उत्तर प्रदेश व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण विधेयक 2010, राज्य का अधिनियम बना

Posted on 26 August 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश के श्री राज्यपाल द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 200 में प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए “ उत्तर प्रदेश व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण विधेयक 2010 पर अनुमति प्रदान कर दी गई है। यह राज्य का अधिनियम बन गया है।

इस अधिनियम के अनुसार उत्तर प्रदेश व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद बनाने की व्यवस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहन देना तथा लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार परक बनाने की व्यवस्था करना है। इसके पदेन सभापित प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा होंगे तथा अन्य सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, तकनीकी क्षेत्रों से तथा उद्योग संघों से मनोनीत किया जायेगा। इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा।

यह जानकारी विशेष सचिव विधायी उत्तर प्रदेश श्री अलख नारायण ने दी है।

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बसपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेश के सभी जिलो में प्रदेश के सभी जिलो में 26 अगस्त, को धरना-प्रदर्शन -राजेन्द्र चौधरी

Posted on 25 August 2010 by admin

लखनऊ - समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ समाजवादी पार्टी 26 अगस्त,2010 को प्रदेश के सभी जिलो में धरना-प्रदर्शन करेगी। इसकें बाद समाजवादी पार्टी राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपेगी। इस सम्बन्ध में तैयारियों को अन्तिम रूप दे दिया गया है। जिला तथा महानगर अध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी हो गए है।

दिनांक 26 अगस्त,2010 को राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन में किसानों से जबरन भूमि छीनने वाली गंगा-यमुना एक्सप्रेस वे, हाईटेक टाउनशिप निर्माण योजनाएं तुरन्त निरस्त किए जाने, किसानों पर लाठी-गोली बरसाने वाले अधिकारियों की गिरफ्तारी तथा उन्हें जेल भेजे जाने, किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने तथा जमीन देने वाले किसान को बाजारी दर पर मुआवजा तथा उनकी रोजगार व पुनर्वास व्यवस्था करने की मांग रखी गई है।

समाजवादी पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव का सड़क से संसद तक किसान हितों के लिए संघर्ष जारी है। समाजवादी पार्टी किसान आन्दोलन और उनकी माँगो के प्रति पूर्णतया एकजुट है क्योकि उसका मानना है कि किसान ही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उसकी समृद्धि में ही देश की खुशहाली है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों एवं आश्रितों को पेंशन में मंहगाई भत्ते की अतिरिक्त किश्त

Posted on 25 August 2010 by admin

लखनऊ -   उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके आश्रितों को दी जाने वाली पेंशन पर 79 प्रतिशत की दर से मंहगाई भत्ते की अतिरिक्त किश्त दिये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

प्रमुख सचिव श्री जी0 पी0 वर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पेंशन में यह वृद्धि 1 अप्रैल, 2010 से अनुमन्य की गई है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

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महात्मा गाँधी राष्टीय गामीणरोजगार अधिनियम
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